जयपुर में रिसॉर्ट निर्माण स्थल पर मिट्टी धंसी, तीन मजदूरों की मौत; ठेकेदार फरार
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान की राजधानी जयपुर के चंदवाजी पुलिस थाना क्षेत्र में 29 जून 2026 (सोमवार) को दिल्ली हाईवे पर ताला मोड़ के निकट निर्माणाधीन 'द पैलेस अरावली रिजॉर्ट' में मिट्टी धंसने से तीन मजदूरों की मौत हो गई और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, मृतक सभी बिहार के रहने वाले प्रवासी मजदूर थे।
हादसे का घटनाक्रम
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, रिजॉर्ट परिसर में लगभग 100 फीट लंबा, 30 फीट चौड़ा और 20 फीट गहरा सीवेज गड्ढा खोदा गया था। सोमवार को मजदूर उस गड्ढे के भीतर मरम्मत कार्य कर रहे थे, जबकि एक ओर निर्माण कार्य जारी था और दूसरी ओर खोदी गई मिट्टी को वापस भरा जा रहा था।
काम के दौरान अचानक मिट्टी का एक बड़ा हिस्सा गड्ढे में ढह गया, जिससे भीतर काम कर रहे मजदूर मलबे में दब गए। घटना के तुरंत बाद निर्माण स्थल पर अफरातफरी मच गई।
ठेकेदार मौके से फरार
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मिट्टी ढहते ही ठेकेदार घटनास्थल से भाग निकला। स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल चंदवाजी पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँचे। यह ऐसे समय में आया है जब निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर पहले से सवाल उठते रहे हैं।
बचाव अभियान और उपचार
स्थानीय लोगों की सहायता से बचाव अभियान शुरू किया गया। कई घंटों की मशक्कत के बाद बचाव दलों ने गड्ढे में दबे सभी छह मजदूरों को सुरक्षित निकाला। सभी को नज़दीकी एमआईएमएल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने तीन मजदूरों को मृत घोषित कर दिया। शेष तीन घायलों का उपचार जारी है।
पुलिस कार्रवाई और जाँच
पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। फरार ठेकेदार की तलाश में अभियान चलाया जा रहा है। गौरतलब है कि निर्माण स्थलों पर मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की ज़िम्मेदारी ठेकेदार और परियोजना प्रबंधन की होती है — इस मामले में दोनों स्तरों पर लापरवाही के संकेत मिल रहे हैं।
आगे की जाँच में यह स्पष्ट होगा कि सीवेज गड्ढे में कार्य के दौरान निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया था या नहीं, और ठेकेदार के विरुद्ध किन धाराओं में मुकदमा दर्ज होगा।