सुप्रीम कोर्ट ने TMC की याचिका खारिज की, भाजपा ने किया स्वागत; 4 मई को होगी पश्चिम बंगाल में मतगणना

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सुप्रीम कोर्ट ने TMC की याचिका खारिज की, भाजपा ने किया स्वागत; 4 मई को होगी पश्चिम बंगाल में मतगणना

पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने शनिवार, 2 मई को सर्वोच्च न्यायालय के उस फैसले का स्वागत किया, जिसमें अदालत ने भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के उस निर्णय में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, जिसके तहत केंद्र सरकार और केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (CPSE) के कर्मचारियों को मतगणना पर्यवेक्षक और सहायक के रूप में नियुक्त किया गया था। यह मामला तृणमूल कांग्रेस (TMC) की उस विशेष अनुमति याचिका से जुड़ा था, जिसमें कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी गई थी।

मामले की पृष्ठभूमि

चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में मतगणना के लिए केंद्र सरकार और CPSE के कर्मचारियों को पर्यवेक्षक तथा सहायक के रूप में तैनात करने का निर्णय लिया था। तृणमूल कांग्रेस ने इस फैसले को कलकत्ता उच्च न्यायालय में चुनौती दी, और वहाँ से राहत न मिलने पर सर्वोच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाया। गौरतलब है कि चुनाव आयोग के सर्कुलर में राज्य सरकार के प्रतिनिधियों को भी मतगणना दलों में शामिल करने का प्रावधान पहले से मौजूद है।

सर्वोच्च न्यायालय का आदेश

सर्वोच्च न्यायालय ने चुनाव आयोग की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता दामा नायडू के आश्वासन को दर्ज करते हुए बिना कोई अतिरिक्त निर्देश जारी किए तृणमूल कांग्रेस की विशेष अनुमति याचिका का निपटारा कर दिया। नायडू ने अदालत को आश्वस्त किया कि 4 मई को होने वाली मतगणना में राज्य सरकार के प्रतिनिधि की मौजूदगी सुनिश्चित की जाएगी, जैसा कि चुनाव आयोग के सर्कुलर में निर्धारित है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि सर्कुलर का पालन पूरी तरह और सही तरीके से होना चाहिए।

भाजपा की प्रतिक्रिया

बंगाल भाजपा के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने तृणमूल कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने करदाताओं के पैसे को वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल की फीस पर बर्बाद किया, जो राज्य की सत्ताधारी पार्टी की ओर से अदालत में पेश हुए थे। भट्टाचार्य ने पत्रकारों से कहा,

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