क्या टीएमसी ने संविधान संशोधन विधेयक पर जेपीसी में शामिल होने से इनकार किया?
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कोलकाता, 24 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता जय प्रकाश मजूमदार ने कुछ महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा करते हुए पार्टी का रुख स्पष्ट किया।
मजूमदार ने राष्ट्र प्रेस के साथ बातचीत में बताया कि टीएमसी ने संसद में विचाराधीन उस संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से दूरी बना ली है, जिसमें आपराधिक मामलों में शामिल सांसदों को बाहर करने से संबंधित बिल पर चर्चा होनी है।
उन्होंने कहा, "पहले तो हमें यह भी नहीं पता कि यह बिल, जिसे गृहमंत्री अमित शाह ला रहे हैं, उसे कैबिनेट की मंजूरी भी मिली है या नहीं। और जैसा कि हमारे नेता अभिषेक बनर्जी पहले ही कह चुके हैं, यह बिल तो संसद में पास नहीं हो सकता।"
उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के बिल को पास कराने के लिए संविधान संशोधन की आवश्यकता होती है, और इस प्रकार के संशोधन के लिए संसद के दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत जरूरी है, जो मौजूदा राजनीतिक परिस्थिति में संभव नहीं लगता।
जब उनसे पूछा गया कि कांग्रेस ने जेपीसी में अपना प्रतिनिधि भेजने का निर्णय लिया है, तो इस पर मजूमदार ने संक्षेप में जवाब देते हुए कहा, "इसका जवाब तो कांग्रेस से ही पूछा जाना चाहिए।"
जब उनसे यह पूछा गया कि राजद नेता तेजस्वी यादव ने हाल ही में कहा कि वे राहुल गांधी को अगला प्रधानमंत्री बनाएंगे, क्या टीएमसी इससे सहमत है? इस पर जय प्रकाश मजूमदार ने कहा, "यह दो विपक्षी दलों के बीच की बात है। हमारे पास इस पर टिप्पणी करने को कुछ नहीं है। यह सिर्फ एक सैद्धांतिक बहस है कि इंडिया गठबंधन का कोई साथी क्या कह सकता है या क्या नहीं कह सकता।"
उन्होंने आगे कहा, "इंडिया गठबंधन में शामिल सभी पार्टियां स्वतंत्र राजनीतिक दल हैं, और सबका अपना मत रखने का अधिकार है। जब समय आएगा, तब साझा निर्णय होगा। अभी यह सिर्फ व्यक्तिगत राय है।"