क्या टीएमसी विधायक का 'तेजाब' वाला बयान हिंसक मानसिकता का परिचायक है?: तापस मित्रा

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क्या टीएमसी विधायक का 'तेजाब' वाला बयान हिंसक मानसिकता का परिचायक है?: तापस मित्रा

सारांश

पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में टीएमसी विधायक अब्दुल रहीम बख्शी के विवादास्पद बयान ने राजनीतिक हलचलों को जन्म दिया है। भाजपा ने उनकी भाषा को तालिबानी बताते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की है। क्या यह बयान टीएमसी की हिंसक मानसिकता को उजागर करता है? जानिए इस मामले के पीछे की सच्चाई।

Key Takeaways

  • बख्शी का विवादास्पद बयान
  • भाजपा की प्रतिक्रिया
  • टीएमसी और भाजपा के बीच तनाव

कोलकाता, 7 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के विधायक और जिलाध्यक्ष अब्दुल रहीम बख्शी ने एक विवादास्पद बयान देकर राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है।

शनिवार को बंगाली भाषी प्रवासी श्रमिकों पर कथित अत्याचार के खिलाफ आयोजित एक विरोध रैली में बख्शी ने भाजपा विधायक शंकर घोष के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की। उन्होंने शंकर घोष के मुंह में तेजाब डालने की धमकी दी, जिसके बाद सियासी हलकों में हंगामा मच गया है।

भाजपा ने इस बयान की तीखी निंदा की है और इसे 'तालिबानी भाषा' करार देते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उत्तर 24 परगना के बारासात में भाजपा की राज्य समिति के सदस्य तापस मित्रा ने मीडिया से कहा, "अब्दुल रहीम बख्शी आतंकवादियों की तरह बोलते हैं। उनकी भाषा तालिबान जैसी है। उन्हें लगता है कि भारत अफगानिस्तान बन गया है, लेकिन भारत में ऐसी भाषा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।"

तापस मित्रा ने आगे कहा कि बख्शी को उनकी इस टिप्पणी की कीमत चुकानी पड़ेगी और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह टीएमसी की 'हिंसक मानसिकता' को दिखाता है।

तापस मित्रा ने बख्शी के बयान को अस्वीकार्य बताते हुए कहा, "टीएमसी विधायक और मालदा जिला अध्यक्ष होने के बावजूद बख्शी ने जिस भाषा का इस्तेमाल किया, वह किसी सभ्य व्यक्ति को शोभा नहीं देता। यह न तो अफगानिस्तान है और न ही पाकिस्तान, यह हिंदुस्तान है। भारत के लोग ऐसी टिप्पणियों को माफ नहीं करेंगे। भाजपा इस मामले में शिकायत दर्ज कराएगी। हम इस मामले को कानूनी और राजनीतिक स्तर पर पूरी ताकत से लड़ेंगे।"

दरअसल, यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है, जब पश्चिम बंगाल में टीएमसी और भाजपा के बीच पहले से ही तनावपूर्ण राजनीतिक माहौल है। बख्शी का बयान दोनों दलों के बीच तल्खी को और बढ़ा सकता है।

Point of View

यह देखना महत्वपूर्ण है कि किस प्रकार एक बयान पूरे राजनीतिक माहौल में हलचल पैदा कर सकता है। टीएमसी और भाजपा के बीच पहले से ही तनावपूर्ण संबंध हैं, और ऐसे विवाद केवल राजनीतिक तकरार को बढ़ाते हैं। हमें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि हम किस प्रकार की भाषा का प्रयोग करते हैं, क्योंकि यह हमारी सांस्कृतिक और सामाजिक समरसता को प्रभावित कर सकता है।
NationPress
07/03/2026

Frequently Asked Questions

बख्शी का बयान किस संदर्भ में दिया गया?
बख्शी ने यह बयान बंगाली प्रवासी श्रमिकों के खिलाफ अत्याचार के विरोध में आयोजित रैली में दिया।
भाजपा ने इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी?
भाजपा ने इसे तालिबानी भाषा करार देते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की।
क्या यह बयान टीएमसी की मानसिकता को दर्शाता है?
भाजपा के नेताओं ने इसे टीएमसी की हिंसक मानसिकता का परिचायक बताया है।
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