27 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

त्रिपुरा CM माणिक साहा बोले — मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ, पत्रकारों की पेंशन ₹10,000 की

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
त्रिपुरा CM माणिक साहा बोले — मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ, पत्रकारों की पेंशन ₹10,000 की

सारांश

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने अगरतला में पत्रकार संगठन के रक्तदान शिविर का उद्घाटन करते हुए मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताया। उन्होंने पत्रकारों की पेंशन ₹1,000 से बढ़ाकर ₹10,000 करने और उन्हें मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से जोड़ने की घोषणा की।

मुख्य बातें

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ.
माणिक साहा ने 26 सितंबर 2026 को अगरतला में 'असेंबली ऑफ जर्नलिस्ट्स' के रक्तदान एवं स्वास्थ्य जाँच शिविर का उद्घाटन किया।
पत्रकारों की पेंशन ₹1,000 से बढ़ाकर ₹10,000 कर दी गई — दस गुना वृद्धि।
पत्रकारों को मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना में शामिल किया जाएगा, जिससे चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित होगी।
साहा ने मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ और समाज का दर्पण बताया।
कार्यक्रम में अगरतला नगर निगम के महापौर दीपक मजूमदार और ICA के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने शनिवार, 26 सितंबर 2026 को अगरतला में मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ और समाज का दर्पण बताया। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की जिम्मेदारी केवल समाचार देना नहीं, बल्कि जनहितकारी कार्यों को प्रमुखता से सामने रखना भी है। साहा ने यह उद्गार तुलसीबती हायर सेकेंडरी गर्ल्स स्कूल में पत्रकार संगठन 'असेंबली ऑफ जर्नलिस्ट्स' द्वारा आयोजित एक विशाल रक्तदान एवं स्वास्थ्य जाँच शिविर के उद्घाटन अवसर पर व्यक्त किए।

रक्तदान शिविर और सामाजिक भूमिका

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि रक्तदान से बढ़कर कोई नेक कार्य नहीं है और उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से स्वेच्छा से रक्तदान करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, "जनता के लिए जनता का यह विचार रक्तदान के माध्यम से भी झलकता है। रक्तदान जैसे अच्छे कार्यक्रमों को जारी रखना चाहिए ताकि किसी भी मरीज को रक्त की कमी के कारण परेशानी न हो।" साहा ने जोड़ा कि रक्तदान के प्रति जागरूकता जितनी अधिक फैलेगी, उतने ही अधिक लोग आगे आएँगे।

उन्होंने पत्रकारों द्वारा इस तरह के सामाजिक सेवा कार्यों को समाज के लिए एक उदाहरण करार दिया और कहा कि यह उनकी सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को दर्शाता है। गौरतलब है कि यह शिविर वरिष्ठ नागरिकों को ध्यान में रखकर विशेष रूप से आयोजित किया गया था।

पत्रकारों के लिए सरकारी कल्याण उपाय

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों (ICA) का प्रभार भी संभाल रहे साहा ने पत्रकारों के कल्याण के लिए उठाए गए कदमों का ब्यौरा दिया। उन्होंने कहा, "मौजूदा सरकार ने पत्रकारों की पेंशन बढ़ाकर ₹10,000 कर दी है। पहले ₹1,000 पेंशन दी जाती थी।" यह वृद्धि दस गुना है — एक उल्लेखनीय बदलाव जिसे पत्रकार समुदाय ने सराहा है।

इसके अलावा मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पत्रकारों को मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना में शामिल किया जाएगा, जिससे उनकी चिकित्सा सुविधाएँ सुनिश्चित होंगी। उन्होंने यह भी बताया कि पत्रकारों के पेशेवर विकास के लिए कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है और राज्य सरकार मीडिया की विभिन्न समस्याओं को हल करने के लिए प्रयासरत है।

मीडिया की भूमिका और आधुनिकता

साहा ने मीडिया को समाज का सतर्क प्रहरी बताते हुए कहा कि यह लोकतंत्र को मजबूत करने और लोगों में जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने पत्रकारों से अपील की कि वे बदलते समय, प्रौद्योगिकी और समाज के विकास के साथ स्वयं को अद्यतन रखें। उनका कहना था, "आधुनिकता के अनुरूप, पत्रकारों को भी अपने काम में नवीनतम जानकारी रखनी चाहिए और उत्कृष्टता बढ़ानी चाहिए।"

उन्होंने यह भी कहा कि समाचार प्रस्तुत करने की प्रक्रिया में जन कल्याणकारी कार्यों को प्रमुखता से सामने रखा जाना चाहिए — यह सुझाव मीडिया की एजेंडा सेटिंग भूमिका के संदर्भ में महत्त्वपूर्ण है।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख व्यक्तित्व

इस अवसर पर अगरतला नगर निगम के महापौर एवं विधायक दीपक मजूमदार, ICA विभाग के सचिव किरण गिट्टे, ICA के निदेशक बिंबीसार भट्टाचार्य, और असेंबली ऑफ जर्नलिस्ट्स के सचिव सैनिट देबराय सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने संगठन की इस पहल की सराहना की और भविष्य में ऐसे आयोजन जारी रखने का आग्रह किया।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 से ₹10,000 करना एक सकारात्मक कदम है, लेकिन यह घोषणा उस राज्य में हो रही है जहाँ प्रेस स्वतंत्रता सूचकांकों में सुधार की अभी भी गुंजाइश है। मुख्यमंत्री का 'मीडिया हितैषी' का दावा तब और विश्वसनीय बनेगा जब इसे संपादकीय स्वतंत्रता और पारदर्शिता की गारंटी भी मिले। 'जन कल्याणकारी कार्यों को प्रमुखता देने' का आग्रह सुनने में भले ही सहज लगे, लेकिन यह पत्रकारिता की स्वायत्तता और सरकारी अपेक्षाओं के बीच की रेखा को धुंधला भी कर सकता है — एक सवाल जिस पर मीडिया जगत को खुद विचार करना होगा।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

त्रिपुरा में पत्रकारों की पेंशन कितनी बढ़ाई गई है?
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने बताया कि पत्रकारों की पेंशन ₹1,000 से बढ़ाकर ₹10,000 कर दी गई है — यानी दस गुना वृद्धि। यह निर्णय मौजूदा राज्य सरकार ने लिया है।
असेंबली ऑफ जर्नलिस्ट्स का रक्तदान शिविर कहाँ और किसके लिए आयोजित किया गया?
यह शिविर अगरतला के तुलसीबती हायर सेकेंडरी गर्ल्स स्कूल में आयोजित किया गया और विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों को ध्यान में रखकर आयोजित था। इसमें रक्तदान के साथ साथ स्वास्थ्य जाँच की भी सुविधा थी।
CM माणिक साहा ने पत्रकारों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में क्या कहा?
साहा ने घोषणा की कि पत्रकारों को मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना में शामिल किया जाएगा, जिससे उनकी चिकित्सा सुविधाएँ सुनिश्चित होंगी। इसके अतिरिक्त उनके पेशेवर विकास के लिए कार्यशालाएँ भी आयोजित की जा रही हैं।
माणिक साहा मीडिया की भूमिका को कैसे देखते हैं?
मुख्यमंत्री साहा ने मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ और समाज का दर्पण बताया। उनके अनुसार मीडिया समाज के सतर्क प्रहरी के रूप में लोकतंत्र को मजबूत करने और जागरूकता फैलाने में अहम भूमिका निभाता है।
त्रिपुरा में पत्रकारों के लिए सरकार ने कौन कौन से नए कदम उठाए हैं?
राज्य सरकार ने पत्रकारों की पेंशन ₹10,000 की, उन्हें मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना में शामिल करने की घोषणा की, और पेशेवर विकास के लिए कार्यशालाएँ शुरू की हैं। CM साहा ने कहा कि सरकार मीडिया की विभिन्न समस्याओं को हल करने के लिए लगातार प्रयासरत है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 1 साल पहले