ट्रंप का तंज, 'ईरान ने पड़ोसी देशों के सामने किया सरेंडर'
सारांश
Key Takeaways
- ईरान ने पड़ोसी देशों से माफी मांगी।
- ट्रंप ने इसे दबाव में उठाया गया कदम बताया।
- आईआरजीसी ने संप्रभुता का सम्मान करने का वादा किया।
- ईरान के भविष्य पर अमेरिका और इजरायल का प्रभाव।
- ट्रंप ने ईरान को लूजर कहा।
वाशिंगटन, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान द्वारा पड़ोसी देशों से मांगी गई माफी को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'दबाव' में उठाया गया कदम बताया है। शनिवार को ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर ट्रंप ने अपने विशेष अंदाज में पेजेशकियान पर कटाक्ष किया।
ट्रंप का कहना है कि ईरान ने अपने पड़ोसी देशों के सामने झुकते हुए माफी मांगी है और यह वादा किया है कि वह अब उन पर हमला नहीं करेगा। ट्रंप के अनुसार, यह कदम अमेरिका और इजरायल के लगातार हमलों के दबाव के कारण उठाया गया है।
ट्रंप ने लिखा, "ईरान इस संघर्ष में बुरी तरह से पराजित हुआ है। उसने माफी मांगी है और अपने मध्य पूर्व के पड़ोसियों के सामने सरेंडर कर दिया है, और वादा किया है कि वह अब उन पर गोली नहीं चलाएगा।"
उनका यह भी कहना है कि यह वादा केवल यूएस और इजरायल के हमलों के कारण किया गया है। ईरान ने मध्य पूर्व पर राज करने की कोशिश की थी, लेकिन यह पहली बार है जब ईरान हजारों वर्षों में अपने आस-पास के देशों से पराजित हुआ है।
ट्रंप ने दावा किया है कि खाड़ी के देशों ने ईरान के इस माफी के बाद उन्हें धन्यवाद दिया है।
ट्रंप ने आगे लिखा कि उन्होंने (मध्य पूर्व) से "थैंक यू प्रेसिडेंट ट्रंप" कहा और उन्होंने उत्तर दिया, "आपका स्वागत है!"
अब ईरान "मध्य पूर्व को धमकाएगा" नहीं, बल्कि वे "मध्य पूर्व के लूजर" बन गए हैं, और जब तक वे सरेंडर नहीं करते या पूरी तरह से समाप्त नहीं हो जाते, तब तक ऐसे ही रहेंगे!
इसके साथ ही, ट्रंप ने फिर से ईरान पर बड़े हमले की चेतावनी दी, यह कहते हुए कि ईरान को बहुत बुरा असर होगा। ईरान के खराब बर्ताव के कारण उसे पूरी तरह से खत्म करने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है!
इससे पहले, ईरान के राष्ट्रपति का एक बयान सरकारी टीवी पर प्रसारित किया गया था। जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान पड़ोसी देशों पर हमले रोक सकता है, लेकिन यदि वहां से ईरान पर हमला हुआ तो जवाब दिया जाएगा।
पेजेशकियान की टिप्पणी के बाद, ईरान के इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कहा है कि वह पड़ोसी देशों की संप्रभुता का सम्मान करता है और उनके खिलाफ कोई हमला नहीं किया गया है।
स्थानीय मीडिया के अनुसार, आईआरजीसी ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका और इजरायल के हमले जारी रहे, तो पूरे क्षेत्र में मौजूद अमेरिका और इजरायल के सभी सैन्य ठिकाने ईरान के निशाने पर होंगे।