टीवीके ने तमिलनाडु उपचुनाव के लिए 40 स्टार प्रचारकों की सूची जारी की, CM विजय का नाम शामिल
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु की मदुरंतकम और धारापुरम आरक्षित विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनावों के लिए तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) ने 40 स्टार प्रचारकों की सूची घोषित की है, जिसमें मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय का नाम प्रमुखता से शामिल है। 6 अक्टूबर 2026 को मतदान होना है और 19 सितंबर को उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी होने के साथ प्रचार अभियान में तेज़ी आने की उम्मीद है।
स्टार प्रचारकों की सूची में कौन-कौन
TVK द्वारा घोषित 40 स्टार प्रचारकों की सूची में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के अलावा कई वरिष्ठ राजनेताओं के नाम शामिल हैं। कांग्रेस नेता मणिकम टैगोर, विदुथलई चिरुथाइगल काची (VCK) के अध्यक्ष थोल. थिरुमावलवन, मरुमलर्ची द्रविड़ मुनेत्र कझगम (MDMK) के महासचिव वाइको, दुरई वाइको और कादर मोहिदीन भी इस सूची में शामिल हैं। इन वरिष्ठ नेताओं की प्रचार में भागीदारी से दोनों सीटों पर राजनीतिक मुकाबला और तीखा होने की संभावना है।
मदुरंतकम सीट पर चुनावी मैदान
चेंगलपट्टू जिले में स्थित मदुरंतकम सीट के लिए शुरुआत में 48 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए, जिनमें से जांच के बाद 28 उम्मीदवारों के नामांकन स्वीकार किए गए। प्रमुख उम्मीदवारों में तमिलनाडु मनीला कांग्रेस (TMC) की मरगथम कुमारवेल, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के परंथमन, अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (AIADMK) की गनिथा संपत, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की सुगंधि और नाम तमिलर काची के जानकीरमन के नाम उल्लेखनीय हैं।
धारापुरम सीट का हाल
धारापुरम निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव अधिकारियों ने जांच के उपरांत 22 नामांकन पत्र वैध पाए। 19 सितंबर को नामांकन वापसी की अंतिम तारीख है, इसलिए दोनों सीटों पर वास्तविक मुकाबले की तस्वीर तभी पूरी तरह स्पष्ट होगी। नामांकन वापसी के बाद चुनाव अधिकारी निर्दलीय उम्मीदवारों और गैर-मान्यता प्राप्त दलों के उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न भी आवंटित करेंगे।
राजनीतिक महत्व और प्रचार अभियान
इन उपचुनावों को सभी दल अपनी संगठनात्मक मज़बूती की परीक्षा मान रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु में 2026 के विधानसभा चुनावों की तैयारियाँ धीरे-धीरे शुरू हो रही हैं। गौरतलब है कि दोनों सीटें आरक्षित हैं, जिससे उम्मीदवारों का चयन और सामाजिक समीकरण इन चुनावों में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।
कई उम्मीदवार पहले ही मतदाताओं से घर-घर संपर्क, नुक्कड़ सभाएं और स्थानीय कार्यकर्ताओं को एकजुट करने का काम शुरू कर चुके हैं। अंतिम सूची जारी होने के बाद बड़ी रैलियों और वरिष्ठ नेताओं के दौरों में तेज़ी आने की उम्मीद है।
चुनाव आयोग की तैयारियाँ
चुनाव अधिकारी दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान केंद्र स्थापित करने, कर्मचारियों की तैनाती और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा में जुटे हैं। प्रशासन का लक्ष्य 6 अक्टूबर को मतदान और मतगणना की प्रक्रिया सुचारू, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराना है। आने वाले दिनों में दोनों सीटों पर प्रचार और तेज़ होने तथा गठबंधन दलों के बड़े नेताओं के दौरों से राजनीतिक गर्मी और बढ़ने के आसार हैं।