30 जुलाई 2026
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क्या 1969 से डीएमके जवाबदेही से बचती आई है, 2026 में जनता देगी जवाब?

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क्या 1969 से डीएमके जवाबदेही से बचती आई है, 2026 में जनता देगी जवाब?

सारांश

तमिलनाडु में करूर भगदड़ की घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। टीवीके प्रमुख विजय ने राज्य सरकार पर तीखा हमला किया है, यह दावा करते हुए कि जनता का विश्वास अब टूट चुका है। क्या 2026 के चुनाव में जनता सत्ता को सबक सिखाएगी?

मुख्य बातें

करूर भगदड़ पर विजय का तीखा बयान।
राज्य सरकार पर जवाबदेही का आरोप।
2026 के चुनाव में जनता की प्रतिक्रिया का संकेत।

चेन्नई, 5 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु में हुई करूर भगदड़ की घटना के बाद राज्य की राजनीति में बयानबाजी का दौर जारी है। टीवीके प्रमुख विजय ने बुधवार को इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए राज्य सरकार और मुख्यमंत्री पर तीखा हमला किया।

विजय ने कहा कि करूर की घटना में जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनका दुख शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा, "हमने अपने परिजनों को खोने का गहरा दुख झेला है। इस शोक के समय हमने चुप्पी साधने का निर्णय लिया था, लेकिन सरकार ने हमें शांति से शोक मनाने का भी अवसर नहीं दिया। सत्ता पक्ष ने इस दुखद समय में भी राजनीति की।"

विजय ने आरोप लगाया कि तमिलनाडु विधानसभा में उनके खिलाफ लगातार भड़काने वाले बयान दिए गए। उन्होंने कहा कि 15 अक्टूबर को मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में जिस कठोर भाषा का इस्तेमाल किया, वह किसी संवेदनशील नेता को शोभा नहीं देती।

उन्होंने आगे कहा, "मुख्यमंत्री अक्सर कहते हैं कि वे राजनीति नहीं करते, लेकिन उनका भाषण हमारे प्रति गहरी शत्रुता दर्शाता है। अब समय आ गया है कि उन उकसावों का जवाब दिया जाए।"

अपने बयान में विजय ने राज्य की राजनीतिक संस्कृति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि 1969 से, विशेष रूप से 1972 के बाद से, तमिलनाडु की सत्तारूढ़ पार्टी को जवाबदेही से दूर रहने की आदत हो गई है। उन्होंने दावा किया कि जनता का भरोसा अब पूरी तरह से टूट चुका है।

उन्होंने कहा, "जनता का विश्वास इस सरकार से उठ चुका है। मुझे उम्मीद है कि मुख्यमंत्री इस सच्चाई को समझेंगे। यदि नहीं समझे तो 2026 के चुनाव में जनता उन्हें सबक सिखाने में देर नहीं करेगी।"

राज्य में 2026 के विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और ऐसे बयानों से राजनीतिक तापमान बढ़ने की संभावना है। टीवीके प्रमुख विजय के इस बयान को चुनावी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

टीवीके प्रमुख विजय का बयान राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण मोड़ का संकेत देता है। उनकी चिंताएं समाज के एक हिस्से के लिए महत्वपूर्ण हैं, जो सत्ता से निराश हैं। यह एक अवसर है, जब जनता अपनी आवाज उठा सकती है और राजनीतिक जवाबदेही की मांग कर सकती है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

करूर भगदड़ की घटना क्या है?
करूर भगदड़ एक दुखद घटना है जहां कई लोगों ने अपनी जान गंवाई।
टीवीके प्रमुख विजय का क्या कहना है?
उन्होंने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री पर तीखा हमला किया है, यह कहते हुए कि जनता का विश्वास टूट चुका है।
क्या 2026 के चुनाव में जनता प्रतिक्रिया देगी?
विजय का मानना है कि अगर सरकार ने सुधार नहीं किया, तो जनता उन्हें सबक सिखाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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