17 सितंबर 2026
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उधमपुर में दो पाकिस्तानी जैश आतंकी ढेर, ऑपरेशन सों में सद्दाम और मुस्तफा की पहचान

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उधमपुर में दो पाकिस्तानी जैश आतंकी ढेर, ऑपरेशन सों में सद्दाम और मुस्तफा की पहचान

सारांश

उधमपुर के मजालता में ऑपरेशन सों के दौरान जैश-ए-मोहम्मद के दो पाकिस्तानी आतंकवादी — सद्दाम और मुस्तफा — मारे गए। भारतीय सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीम अभी भी तलाशी अभियान में जुटी है। यह मुठभेड़ पीर पंजाल क्षेत्र में तेज हुई आतंकवाद-विरोधी कार्रवाइयों की कड़ी में नई कड़ी है।

मुख्य बातें

17 सितंबर 2026 को उधमपुर के मजालता इलाके में ऑपरेशन सों के तहत दो पाकिस्तानी जैश-ए-मोहम्मद आतंकवादी मारे गए।
मारे गए आतंकवादियों की पहचान सद्दाम और मुस्तफा के रूप में की गई है।
बरामद हथियारों में एके असॉल्ट राइफल की 4 मैगजीन , एम4 कार्बाइन की 3 मैगजीन , ग्लॉक पिस्तौल की 2 मैगजीन और 4 ग्रेनेड शामिल हैं।
भारतीय सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस एसओजी की संयुक्त टीम इलाके में तलाशी अभियान जारी रखे हुए है।
15 सितंबर को राजौरी में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े कथित मॉड्यूल के 3 सदस्य गिरफ्तार किए गए थे।
पिछले छह महीनों से अधिक समय से पीर पंजाल के पहाड़ी इलाकों में आतंकवाद-विरोधी अभियान जारी हैं।

जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में सुरक्षा बलों ने 17 सितंबर 2026 को ऑपरेशन सों के तहत जैश-ए-मोहम्मद के दो पाकिस्तानी आतंकवादियों को मार गिराया। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मारे गए आतंकवादियों की पहचान सद्दाम और मुस्तफा के रूप में की है। मुठभेड़ के बाद इलाके में तलाशी और सैनिटाइजेशन अभियान अभी भी जारी है।

मुठभेड़ की शुरुआत कैसे हुई

अधिकारियों के अनुसार, बुधवार शाम उधमपुर जिले के मजालता इलाके में संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने संयुक्त घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया। इसी दौरान आतंकवादियों से संपर्क स्थापित होते ही दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी शुरू हो गई।

ऑपरेशन की शुरुआत जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना की पैरा स्पेशल फोर्सेज ने संयुक्त रूप से की। मुठभेड़ तेज होने के बाद मौके पर अतिरिक्त सुरक्षाबल तत्काल तैनात किए गए।

बरामद हथियार और गोला-बारूद

मारे गए आतंकवादियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है। पुलिस के मुताबिक, इनमें एके असॉल्ट राइफल की चार मैगजीन, एम4 कार्बाइन की तीन मैगजीन, ग्लॉक पिस्तौल की दो मैगजीन और चार ग्रेनेड शामिल हैं।

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा, 'आप भाग सकते हैं, लेकिन छिप नहीं सकते। ऑपरेशन सों में मारे गए दोनों पाकिस्तानी जैश-ए-मोहम्मद आतंकवादियों की पहचान सद्दाम और मुस्तफा के रूप में हुई है।'

संयुक्त सुरक्षाबलों का तलाशी अभियान

फिलहाल भारतीय सेना, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) की संयुक्त टीम इलाके में तलाशी अभियान चला रही है। किसी अन्य छिपे हुए आतंकवादी का पता लगाने के लिए स्निफर डॉग और हवाई निगरानी की भी मदद ली जा रही है।

उधमपुर-रियासी रेंज के रणनीतिक मार्गों पर हाई अलर्ट जारी है और वाहनों की सघन जाँच की जा रही है। उधमपुर, रियासी, रामबन, कठुआ, पुंछ और राजौरी के दुर्गम पहाड़ी इलाकों में भी सुरक्षाबल विशेष सतर्कता बरत रहे हैं।

व्यापक सुरक्षा संदर्भ

यह अभियान पीर पंजाल क्षेत्र में बढ़ी सुरक्षा गतिविधियों के बीच चल रहा है। हाल ही में राजौरी में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े कथित ओवरग्राउंड वर्कर नेटवर्क का भंडाफोड़ किया गया था। 15 सितंबर 2026 को राजौरी पुलिस ने कथित आतंकी मॉड्यूल से जुड़े जाकिर हुसैन, मोहम्मद आजम और मोहम्मद मुश्ताक को गिरफ्तार किया था।

सुरक्षाबलों के अनुसार, पिछले छह महीनों से अधिक समय से इन पहाड़ी इलाकों में आतंकवाद-विरोधी अभियान लगातार जारी हैं। इन अभियानों में कई शीर्ष आतंकवादियों को मार गिराने में सफलता मिली है।

आगे की स्थिति

सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि निरंतर अभियानों का उद्देश्य आतंकवादियों पर दबाव बनाए रखना है, ताकि वे सुरक्षित ठिकाना बनाकर सुरक्षाबलों या आम नागरिकों पर हमले की योजना न बना सकें। इलाके में तलाशी पूरी तरह समाप्त होने तक सुरक्षा घेरा बनाए रखा जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

और क्या मौजूदा तलाशी अभियान इन मार्गों को स्थायी रूप से बंद करने में सक्षम हैं।
RashtraPress
17 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन सों क्या है और यह कहाँ चलाया गया?
ऑपरेशन सों जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना की पैरा स्पेशल फोर्सेज द्वारा उधमपुर जिले के मजालता इलाके में चलाया गया आतंकवाद-विरोधी संयुक्त अभियान है। 17 सितंबर 2026 को इस अभियान में दो पाकिस्तानी जैश-ए-मोहम्मद आतंकवादी मारे गए।
मारे गए आतंकवादियों की पहचान क्या है?
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मारे गए दोनों आतंकवादियों की पहचान सद्दाम और मुस्तफा के रूप में की है। दोनों पाकिस्तानी नागरिक बताए गए हैं और जैश-ए-मोहम्मद संगठन से जुड़े थे।
मुठभेड़ में कौन-से हथियार बरामद हुए?
मारे गए आतंकवादियों के पास से एके असॉल्ट राइफल की चार मैगजीन, एम4 कार्बाइन की तीन मैगजीन, ग्लॉक पिस्तौल की दो मैगजीन और चार ग्रेनेड बरामद किए गए हैं।
क्या इलाके में तलाशी अभियान अभी जारी है?
हाँ, भारतीय सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस एसओजी की संयुक्त टीम इलाके में तलाशी अभियान चला रही है। किसी अन्य छिपे आतंकवादी का पता लगाने के लिए स्निफर डॉग और हवाई निगरानी का भी उपयोग किया जा रहा है।
जम्मू-कश्मीर में हाल में इसी तरह की और कौन-सी कार्रवाइयाँ हुई हैं?
15 सितंबर 2026 को राजौरी पुलिस ने पीर पंजाल क्षेत्र में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े कथित आतंकी मॉड्यूल के तीन सदस्यों — जाकिर हुसैन, मोहम्मद आजम और मोहम्मद मुश्ताक — को गिरफ्तार किया था। पिछले छह महीनों से अधिक समय से जम्मू संभाग के पहाड़ी इलाकों में लगातार आतंकवाद-विरोधी अभियान चलाए जा रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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