4 सितंबर 2026
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बडगाम में ऑपरेशन 'अशदार': एक आतंकवादी ढेर, AK राइफल बरामद, तलाशी जारी

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बडगाम में ऑपरेशन 'अशदार': एक आतंकवादी ढेर, AK राइफल बरामद, तलाशी जारी

सारांश

बडगाम के अशदार गली में सेना, पुलिस और CRPF के संयुक्त ऑपरेशन में एक आतंकवादी मारा गया और AK राइफल बरामद हुई। गुरुवार शाम शुरू हुआ यह अभियान शुक्रवार को भी जारी रहा — और इलाके में तलाशी अभी खत्म नहीं हुई।

मुख्य बातें

बडगाम जिले के अशदार गली इलाके में 4 सितंबर को ऑपरेशन 'अशदार' के दूसरे दिन एक आतंकवादी मारा गया।
अभियान में भारतीय सेना , जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF की संयुक्त टीम शामिल है।
मुठभेड़ में एक AK राइफल और युद्ध से जुड़ा सामान बरामद किया गया।
ऑपरेशन गुरुवार शाम खुफिया सूचना के आधार पर शुरू हुआ; शुक्रवार सुबह फिर तेज़ किया गया।
इलाके में तलाशी अभियान अभी जारी है; और आतंकवादियों की मौजूदगी से इनकार नहीं।

जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन 'अशदार' के दौरान शुक्रवार, 4 सितंबर को एक आतंकवादी को मार गिराया। अशदार गली इलाके में चल रहे इस संयुक्त अभियान में भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) की टीमें शामिल हैं, और इलाके में तलाशी अभियान अभी भी जारी है।

मुख्य घटनाक्रम

सेना के अनुसार, यह ऑपरेशन गुरुवार शाम को खास खुफिया जानकारी के आधार पर शुरू किया गया था। घेराबंदी और तलाशी अभियान (CASO) के दौरान गोलीबारी की आवाज़ें सुनाई देने के बाद सेना की पेट्रोलिंग टीम का आतंकवादियों से सीधा आमना-सामना हुआ। शुक्रवार सुबह रोशनी होते ही अभियान को फिर से तेज़ किया गया और दूसरे दिन एक आतंकवादी को मार गिराने में सफलता मिली।

मुठभेड़ में एक AK राइफल और युद्ध से जुड़ा अन्य सामान बरामद किया गया है। सेना ने स्पष्ट किया कि सतर्क जवानों ने संदिग्ध गतिविधि देखी और चुनौती दिए जाने पर आतंकवादियों ने पहले गोलीबारी शुरू की, जिसके बाद जबरदस्त मुठभेड़ हुई।

सेना की आधिकारिक प्रतिक्रिया

श्रीनगर स्थित चिनार कोर (बादामी बाग) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा: 'खास खुफिया जानकारी के आधार पर भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और श्रीनगर के CRPF ने बडगाम के अशदार गली इलाके में एक संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया। सतर्क जवानों ने संदिग्ध गतिविधि देखी और चुनौती दिए जाने पर आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिससे जबरदस्त गोलीबारी हुई। इस दौरान एक आतंकवादी मारा गया। एक AK राइफल व युद्ध से जुड़े अन्य सामान बरामद किया गया।'

बडगाम का आतंकवाद-विरोधी इतिहास

बडगाम जिला पहले भी बड़े आतंकवाद-विरोधी अभियानों का गवाह रहा है। 1995 में इसी जिले के चरार-ए-शरीफ शहर में एक ऐतिहासिक और कठिन ऑपरेशन चलाया गया था, जहाँ कश्मीर के सूफी संत शेख नूरुद्दीन वली की दरगाह स्थित है।

उस घटना में पाकिस्तानी आतंकवादी कमांडर मस्त गुल शहर में घुसकर दरगाह परिसर में छिप गया था। सेना ने शहर को चारों ओर से घेर लिया, लेकिन आम नागरिकों की जान और दरगाह की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अंदर प्रवेश नहीं किया। यह गतिरोध 66 दिनों तक चला। अंततः मस्त गुल ने दरगाह में आग लगा दी, जिससे आसपास के घर भी जल गए। बचाव कार्य के दौरान वह भागने में सफल रहा और पाकिस्तान चला गया। उस अभियान में 20 आतंकवादी और 4 नागरिक मारे गए थे, जबकि सेना के 2 जवान शहीद हुए थे।

आगे क्या

सेना के सूत्रों के अनुसार, अशदार गली और उसके आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान अभी जारी है। आशंका है कि इलाके में और आतंकवादी छिपे हो सकते हैं। अभियान के पूरा होने पर और जानकारी साझा की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो खुफिया-आधारित ऑपरेशनों पर बढ़ती निर्भरता को दर्शाता है। गौरतलब है कि बडगाम का चरार-ए-शरीफ 1995 की उस त्रासदी का गवाह रहा है जिसमें एक पवित्र दरगाह को नुकसान पहुँचा था — यह इलाका सांस्कृतिक और सुरक्षा दोनों दृष्टि से संवेदनशील है। अभी तक मारे गए आतंकवादी की पहचान और उसके संगठन का खुलासा नहीं हुआ है, जो अभियान की अधूरी तस्वीर पेश करता है। तलाशी के जारी रहने का मतलब है कि ऑपरेशन की असली कामयाबी अभी तय होनी बाकी है।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन 'अशदार' क्या है और यह कहाँ चलाया गया?
ऑपरेशन 'अशदार' जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले के अशदार गली इलाके में चलाया गया एक संयुक्त आतंकवाद-विरोधी अभियान है। इसमें भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF की टीमें शामिल हैं।
बडगाम मुठभेड़ में क्या हुआ?
गुरुवार शाम खुफिया सूचना के आधार पर घेराबंदी शुरू हुई और चुनौती दिए जाने पर आतंकवादियों ने गोलीबारी की। शुक्रवार को अभियान के दूसरे दिन एक आतंकवादी मारा गया और एक AK राइफल सहित युद्ध सामग्री बरामद की गई।
क्या इलाके में और आतंकवादी हो सकते हैं?
सेना ने अभी तलाशी अभियान जारी रखा है, जो इस बात का संकेत है कि इलाके में और आतंकवादियों की मौजूदगी से इनकार नहीं किया गया है। अभियान पूरा होने पर आधिकारिक जानकारी साझा की जाएगी।
बडगाम में पहले कौन-सा बड़ा आतंकवाद-विरोधी ऑपरेशन हुआ था?
1995 में बडगाम के चरार-ए-शरीफ में एक ऐतिहासिक ऑपरेशन हुआ था, जिसमें पाकिस्तानी आतंकवादी कमांडर मस्त गुल ने सूफी दरगाह को घेर लिया था। 66 दिनों के गतिरोध के बाद उसने दरगाह में आग लगा दी और पाकिस्तान भाग गया; उस अभियान में 20 आतंकवादी, 4 नागरिक मारे गए और 2 सैनिक शहीद हुए।
चिनार कोर ने ऑपरेशन के बारे में क्या कहा?
बादामी बाग स्थित चिनार कोर ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि खास खुफिया जानकारी के आधार पर संयुक्त अभियान शुरू हुआ, संदिग्ध गतिविधि देखी गई, आतंकवादियों ने गोलीबारी की और एक आतंकवादी मारा गया। एक AK राइफल और युद्ध सामग्री बरामद की गई।
राष्ट्र प्रेस
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