दिल्ली विश्वविद्यालय में 'उड़ान' समापन: NCW और NCWEB की 49 हज़ार छात्राओं को मिला आत्मविश्वास का मंच
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) और नॉन-कॉलेजिएट वुमेन एजुकेशन बोर्ड (NCWEB) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 'उड़ान' कार्यक्रम का समापन समारोह 22 अक्टूबर 2026 को दिल्ली विश्वविद्यालय के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में संपन्न हुआ। इस आयोजन में लगभग 5,000 छात्राएं उपस्थित रहीं और विजेताओं को ₹15,000, ₹10,000 और ₹5,000 के नकद पुरस्कार प्रदान किए गए। यह कार्यक्रम मुख्यतः उन छात्राओं के सशक्तीकरण पर केंद्रित रहा जो हाशिए के समाज से आती हैं और सीमित संसाधनों में शिक्षा जारी रखती हैं।
कार्यक्रम का उद्देश्य और पृष्ठभूमि
NCWEB दिल्ली विश्वविद्यालय का एक महत्वपूर्ण अंग है, जिसमें वर्तमान में 49 हज़ार छात्राएं नामांकित हैं। ये छात्राएं प्रतिदिन कॉलेज नहीं आ सकतीं — वे केवल शनिवार और रविवार को कक्षाओं में उपस्थित होती हैं, जबकि शेष दिन घर की ज़िम्मेदारियाँ उठाती हैं या रोज़गार करती हैं। इसी वर्ग को ध्यान में रखते हुए NCW ने NCWEB के 27 केंद्रों पर वर्कशॉप की शृंखला आयोजित की, जिसका समापन इस समारोह के रूप में हुआ।
NCW अध्यक्ष का संबोधन
NCW अध्यक्ष विजया रहाटकर ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा, 'इन सभी लड़कियों का हाथ राष्ट्रीय महिला आयोग ने पकड़ लिया है। हमने तय किया था कि हम इन बेटियों को सुरक्षा और सम्मान के बारे में बताएंगे। महिलाओं की सेफ्टी और सिक्योरिटी के लिए जो कानून हैं, उनके बारे में जानकारी देंगे। इसके साथ ही स्किलिंग के ज़रिए कैसे आगे बढ़ सकते हैं और अपने जीवन को आकार दे सकते हैं, इस पर भी हमने चर्चा की।'
रहाटकर ने विश्वास जताया कि इस कार्यक्रम से छात्राओं में आया आत्मविश्वास उन्हें भविष्य में सपनों को साकार करने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि NCW हमेशा दिल्ली विश्वविद्यालय और इन छात्राओं के साथ खड़ा रहेगा।
प्रतियोगिताएं और पुरस्कार
NCWEB की डायरेक्टर प्रो. गीता भट्ट ने बताया कि कार्यक्रम के अंतर्गत पोस्टर मेकिंग और रील मेकिंग जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में विकसित भारत से जुड़े विषयों पर प्रतिभागिता हुई। विजेता छात्राओं को क्रमशः ₹15,000, ₹10,000 और ₹5,000 के पुरस्कार दिए गए।
प्रो. भट्ट ने यह भी बताया कि वर्कशॉप के माध्यम से छात्राओं को 21वीं सदी के नए कौशल, करियर की संभावनाओं और प्रशिक्षण केंद्रों की जानकारी दी गई, ताकि वे अपनी रुचि के अनुसार पेशेवर दिशा चुन सकें।
आम छात्राओं पर असर
गौरतलब है कि NCWEB में पढ़ने वाली अधिकांश छात्राएं आर्थिक और सामाजिक रूप से कमज़ोर वर्गों से आती हैं। सप्ताहांत में शिक्षा ग्रहण करने की यह व्यवस्था उन्हें मुख्यधारा की उच्च शिक्षा से जोड़े रखती है। 'उड़ान' जैसे कार्यक्रम इन छात्राओं को न केवल शैक्षणिक, बल्कि कानूनी जागरूकता और व्यावसायिक कौशल के स्तर पर भी तैयार करने का प्रयास करते हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब महिला साक्षरता और कार्यबल भागीदारी को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर नीतिगत चर्चाएं तेज़ हैं। आगे, इस मॉडल को अन्य राज्यों के विश्वविद्यालयों तक विस्तारित करने की संभावनाओं पर विचार किया जा सकता है।