NCW का 'मॉक सलाहकार समिति' कार्यक्रम: 30 अक्टूबर से देहरादून में युवा रखेंगे महिला मुद्दों पर राय
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने 18 से 30 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर सीधे नीति-निर्माण प्रक्रिया में भागीदार बनाने की एक नई पहल शुरू की है। आयोग देशभर में 'मॉक राष्ट्रीय महिला आयोग सलाहकार समिति' कार्यक्रम आयोजित करेगा, जिसका पहला सत्र 30 और 31 अक्टूबर 2026 को देहरादून स्थित ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय में होगा। यह पहल महिला सशक्तीकरण की दिशा में युवा पीढ़ी की आवाज़ को संस्थागत मंच देने का प्रयास है।
कार्यक्रम की संरचना और पहले सत्र का विषय
पहले सत्र का केंद्रीय विषय 'मनोरंजन के डिजिटल मंचों पर महिलाओं का प्रतिनिधित्व' रखा गया है। इसके अंतर्गत प्रतिभागी फिल्मों, वेब सीरीज़ और अन्य डिजिटल कंटेंट में महिलाओं की छवि, उनके सम्मान और समाज पर पड़ने वाले प्रभाव पर विचार-विमर्श करेंगे। यह विषय-चयन विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारत में ओटीटी और डिजिटल मनोरंजन का विस्तार तेज़ी से हो रहा है और उसमें महिला चरित्रों के चित्रण को लेकर लंबे समय से बहस जारी है।
कार्यक्रम में भाग लेने के इच्छुक युवा NCW के सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म अथवा गूगल फ़ॉर्म के ज़रिए आवेदन कर सकते हैं। चयनित आवेदकों को देहरादून के आयोजन में आमंत्रित किया जाएगा।
अध्यक्ष विजया रहाटकर का वक्तव्य
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कहा कि महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर युवाओं की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, 'इस पहल के माध्यम से युवाओं को अपनी बात रखने और महिला सशक्तीकरण से जुड़े प्रयासों में योगदान देने का अवसर मिलेगा।' रहाटकर ने यह भी कहा कि आयोग चाहता है कि युवा महिलाओं के अधिकारों, सम्मान और सुरक्षा से जुड़े विषयों पर आगे आएँ और बेहतर समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएँ।
युवा सलाहकार समिति: एक वर्षीय सदस्यता का अवसर
इस कार्यक्रम की सबसे उल्लेखनीय बात यह है कि चयनित प्रतिभागियों को एक वर्ष के लिए NCW की युवा सलाहकार समिति का सदस्य बनने का मौका मिलेगा। समिति के सदस्य महिलाओं की सुरक्षा, अधिकारों और सशक्तीकरण से जुड़े विषयों पर आयोग को सुझाव दे सकेंगे — यानी नीति-निर्माण में उनकी सीधी भूमिका होगी।
आयोग के अनुसार, चयनित सदस्यों की घोषणा 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर किए जाने की योजना है। यह तिथि-चयन प्रतीकात्मक रूप से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि स्वामी विवेकानंद की जयंती पर युवा ऊर्जा को संस्थागत ज़िम्मेदारी से जोड़ा जाएगा।
व्यापक संदर्भ: युवा और महिला नीति
यह ऐसे समय में आया है जब महिलाओं के ऑनलाइन उत्पीड़न, डिजिटल गोपनीयता और मीडिया में प्रतिनिधित्व को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज़ हुई है। गौरतलब है कि NCW ने हाल के वर्षों में विश्वविद्यालयों और युवा संगठनों के साथ सहयोग बढ़ाया है, और यह पहल उसी दिशा में एक संरचित कदम है।
आयोग का मानना है कि युवाओं की सोच, सुझाव और भागीदारी महिलाओं से जुड़े मुद्दों के समाधान तथा अधिक समावेशी व संवेदनशील समाज के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभा सकती है। कार्यक्रम के राष्ट्रव्यापी विस्तार की योजना के साथ, आने वाले महीनों में अन्य शहरों में भी ऐसे सत्र आयोजित होने की उम्मीद है।