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NCW की 'खेल शक्ति' पहल: विज्ञान भवन में महिला एथलीट्स की सुरक्षा और समानता पर राष्ट्रीय परामर्श

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NCW की 'खेल शक्ति' पहल: विज्ञान भवन में महिला एथलीट्स की सुरक्षा और समानता पर राष्ट्रीय परामर्श

सारांश

NCW और खेल मंत्रालय का 'खेल शक्ति' परामर्श महज एक आयोजन नहीं — यह महिला एथलीट्स के विमर्श को 'भागीदारी' से 'निरंतर संस्थागत समर्थन' की ओर ले जाने की कोशिश है। पोषण से मातृत्व सुरक्षा तक, एजेंडा व्यापक है।

मुख्य बातें

राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने 2 नवंबर 2026 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में 'खेल शक्ति' राष्ट्रीय परामर्श का आयोजन किया।
युवा मामले और खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे मुख्य अतिथि रहीं; NCW अध्यक्ष विजया राहटकर भी उपस्थित रहीं।
परामर्श के तीन केंद्रीय विषय: महिला भागीदारी का विस्तार, सुरक्षित खेल परिवेश और करियर में समानता व नेतृत्व।
ओलंपियन, कोच, SAI अधिकारी, चिकित्सा विशेषज्ञ और नागरिक समाज संगठनों ने एक मंच पर चर्चा की।
NCW का लक्ष्य: 'प्रतिनिधित्व' से आगे बढ़कर 'सार्थक संस्थागत सुधारों' तक पहुँचना।

राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने युवा मामले और खेल मंत्रालय के सहयोग से 2 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 'खेल शक्ति: खेल में महिलाओं के लिए राष्ट्रीय परामर्श' का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य महिला एथलीट्स की सुरक्षा, कल्याण, समान भागीदारी और पेशेवर विकास सुनिश्चित करने के लिए संस्थागत तंत्र को मज़बूत करना है।

मुख्य अतिथि और नेतृत्व

कार्यक्रम में युवा मामले और खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उनके साथ राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया राहटकर भी मौजूद रहीं। इन दोनों वरिष्ठ हस्तियों की भागीदारी खेल जगत में महिलाओं की हिस्सेदारी, सुरक्षा और नेतृत्व को बढ़ावा देने की संस्थागत प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।

परामर्श के मुख्य विषय

इस राष्ट्रीय परामर्श की चर्चा तीन केंद्रीय विषयों पर केंद्रित रही — महिलाओं की भागीदारी का विस्तार और जमीनी स्तर पर खेल परिवेश को सुदृढ़ करना; खेल क्षेत्र में सुरक्षित, स्वस्थ और सहायक माहौल बनाना; तथा खेल में समानता, करियर की निरंतरता और महिला नेतृत्व को प्रोत्साहन देना।

गौरतलब है कि यह परामर्श केवल 'अवसर तक पहुँच' जैसे परिचित विमर्श से आगे बढ़कर पोषण, स्वास्थ्य सेवा, मानसिक स्वास्थ्य, मातृत्व सुरक्षा, बुनियादी ढाँचे, पारिश्रमिक और खेल प्रशासन में प्रतिनिधित्व जैसे बहुआयामी मुद्दों को भी एजेंडे में लाने का प्रयास करता है।

हितधारकों की व्यापक भागीदारी

इस मंच पर ओलंपियन, एथलीट्स, खेल प्रशासक, कोच, राष्ट्रीय खेल महासंघों के प्रतिनिधि, भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के अधिकारी, चिकित्सा और खेल विज्ञान विशेषज्ञ, शिक्षाविद, नागरिक समाज संगठन और महिला एथलीट्स के अभिभावक एक साथ आए। इस बहु-हितधारक संवाद का लक्ष्य व्यावहारिक, लागू किए जा सकने योग्य और संस्थागत रूप से जवाबदेह सुझाव तैयार करना था।

बदलती तस्वीर, बाकी चुनौतियाँ

यह ऐसे समय में आया है जब भारत के खेल परिदृश्य में महिला एथलीट्स ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय सफलताएँ हासिल की हैं। फिर भी आलोचकों का कहना है कि शीर्ष स्तर की उपलब्धियों के बावजूद जमीनी स्तर पर खेल का बुनियादी ढाँचा और संस्थागत समर्थन अभी भी असमान है। NCW का यह कदम चर्चा को 'प्रतिनिधित्व' से 'सार्थक संस्थागत सुधारों' की दिशा में ले जाने का संकेत देता है।

आगे की राह

इस परामर्श में तैयार किए गए सुझावों को संस्थागत नीति-निर्माण में शामिल करने की उम्मीद जताई जा रही है। NCW का लक्ष्य एक ऐसा खेल इकोसिस्टम विकसित करना है जहाँ महिलाएँ सुरक्षा, सम्मान, समान अवसरों और संस्थागत समर्थन के साथ अपने खेल संबंधी लक्ष्यों को पूरा कर सकें। यह पहल भविष्य में नीतिगत बदलावों की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहला कदम मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह होगी कि परामर्श में निकले सुझाव नीतिगत बदलावों में कितनी तेज़ी से तब्दील होते हैं। भारत में इस तरह के बहु-हितधारक संवादों की एक लंबी परंपरा है, जहाँ दस्तावेज़ तैयार होते हैं लेकिन क्रियान्वयन की रफ्तार धीमी रहती है। खेल प्रशासन में महिलाओं के प्रतिनिधित्व और मातृत्व सुरक्षा जैसे मुद्दों पर ठोस नीतिगत प्रतिबद्धताओं के बिना, यह पहल केवल संस्थागत इच्छाशक्ति का प्रदर्शन बनकर रह सकती है। अगला कदम — सुझावों का समयबद्ध क्रियान्वयन — ही इसकी वास्तविक परीक्षा होगी।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'खेल शक्ति' परामर्श क्या है?
'खेल शक्ति: खेल में महिलाओं के लिए राष्ट्रीय परामर्श' राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) और युवा मामले एवं खेल मंत्रालय द्वारा 2 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित एक राष्ट्रीय संवाद कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य महिला एथलीट्स की सुरक्षा, कल्याण, समान भागीदारी और संस्थागत समर्थन सुनिश्चित करने के लिए व्यावहारिक सुझाव तैयार करना है।
इस परामर्श में कौन शामिल हुए?
कार्यक्रम में ओलंपियन, एथलीट्स, खेल प्रशासक, कोच, राष्ट्रीय खेल महासंघों के प्रतिनिधि, भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के अधिकारी, चिकित्सा विशेषज्ञ, शिक्षाविद और नागरिक समाज संगठन शामिल हुए। खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे मुख्य अतिथि रहीं और NCW अध्यक्ष विजया राहटकर भी उपस्थित रहीं।
परामर्श में किन मुद्दों पर चर्चा हुई?
चर्चा तीन मुख्य विषयों पर केंद्रित रही — महिलाओं की भागीदारी का विस्तार, सुरक्षित व स्वस्थ खेल परिवेश और करियर में समानता व नेतृत्व। इसके अलावा पोषण, मानसिक स्वास्थ्य, मातृत्व सुरक्षा, पारिश्रमिक और खेल प्रशासन में प्रतिनिधित्व जैसे मुद्दे भी एजेंडे में थे।
NCW इस पहल से क्या हासिल करना चाहता है?
NCW का लक्ष्य चर्चा को 'भागीदारी' से 'निरंतर भागीदारी', 'व्यक्तिगत उपलब्धियों' से 'खिलाड़ियों के कल्याण' और 'प्रतिनिधित्व' से 'सार्थक संस्थागत सुधारों' तक ले जाना है। इस परामर्श से निकले सुझावों को नीति-निर्माण में शामिल करने की उम्मीद है।
इस परामर्श का महिला खेलों पर दीर्घकालिक प्रभाव क्या हो सकता है?
यदि इसमें तैयार सुझाव समयबद्ध तरीके से नीति में बदले जाते हैं, तो यह महिला एथलीट्स के लिए बुनियादी ढाँचे, मातृत्व सुरक्षा और खेल प्रशासन में प्रतिनिधित्व जैसे क्षेत्रों में संस्थागत बदलाव ला सकता है। हालाँकि, क्रियान्वयन की गति और जवाबदेही तंत्र ही इसकी वास्तविक सफलता तय करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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