क्या 20 साल बाद राज ठाकरे के घर पहुंचे उद्धव ठाकरे? 'शिवतीर्थ' में किए गणपति बप्पा के दर्शन

Click to start listening
क्या 20 साल बाद राज ठाकरे के घर पहुंचे उद्धव ठाकरे? 'शिवतीर्थ' में किए गणपति बप्पा के दर्शन

सारांश

गणेश उत्सव के मौके पर ठाकरे बंधुओं का एक साथ आना महाराष्ट्र की राजनीति में एक महत्वपूर्ण पल है। यह न केवल परिवारिक एकता का प्रतीक है, बल्कि पिछले तनाव को भी समाप्त करने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है। जानिए कैसे इस उत्सव ने सबको एकजुट किया।

Key Takeaways

  • गणेश उत्सव के दौरान परिवारिक एकता का महत्व।
  • राज और उद्धव ठाकरे के बीच बढ़ती नजदीकियां।
  • राजनीतिक तनाव के बावजूद पारिवारिक संबंधों को प्राथमिकता देना।
  • 'शिवतीर्थ' का महत्व और सांस्कृतिक समागम।
  • गणेश उत्सव का सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव।

मुंबई, 27 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र में गणेश उत्सव खुशी और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस विशेष अवसर पर 'ठाकरे बंधुओं' का एक बार फिर मिलन हुआ है। लगभग 20 वर्षों के बाद, राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे ने मिलकर गणेश उत्सव का आनंद लिया।

राज ठाकरे के निवास पर डेढ़ दिन का गणपति उत्सव मनाया जाता है। राज ठाकरे ने उद्धव ठाकरे को फोन कर अपने घर आने का निमंत्रण दिया। इस निमंत्रण को स्वीकार करते हुए, उद्धव ठाकरे बुधवार को राज ठाकरे के आवास पर पहुंचे।

शिवसेना (यूबीटी) के नेता उद्धव ठाकरे अपने पुत्र और विधायक आदित्य ठाकरे तथा पत्नी रश्मि ठाकरे के साथ राज ठाकरे के घर 'शिवतीर्थ' पहुंचे। उद्धव ने मनसे प्रमुख राज ठाकरे के घर पर गणपति बप्पा के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। गणेश उत्सव के दौरान ठाकरे परिवार का एक साथ आना 'शिवतीर्थ' के माहौल को विशेष बना दिया। पूजा-अर्चना के पश्चात, दोनों भाइयों (राज और उद्धव ठाकरे) ने एक साथ तस्वीरें खिंचवाई। बाद में एक परिवार की फोटो भी ली गई।

यह ध्यान देने योग्य है कि पिछले तीन महीनों में ठाकरे बंधुओं की यह तीसरी मुलाकात है। हाल के समय में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच की नजदीकियां बढ़ी हैं। पिछले कुछ वर्षों से उनके रिश्ते तनावपूर्ण रहे थे।

मनमुटाव को समाप्त करते हुए, 5 जुलाई को दोनों भाई एक विजय रैली के लिए एक साथ आए। हिंदी को अनिवार्य करने के निर्णय के विरोध में राज और उद्धव ठाकरे एक साथ नजर आए। पहले दोनों भाई एक संयुक्त मार्च निकालने वाले थे, लेकिन निर्णय रद्द होने के बाद, विजय रैली का आयोजन किया गया।

इसके बाद, 27 जुलाई को राज ठाकरे ने उद्धव ठाकरे के जन्मदिन पर उनके आवास 'मातोश्री' की यात्रा की। यह भी लगभग 20 वर्षों बाद हुआ था कि राज ठाकरे 'मातोश्री' पहुंचे।

Point of View

बल्कि यह दर्शाता है कि परिवार में मतभेदों के बावजूद, एकता संभव है। यह घटना हमें यह सिखाती है कि व्यक्तिगत संबंधों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, खासकर राजनीति के जटिल परिदृश्य में।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच तनाव क्यों था?
पिछले कुछ वर्षों में राजनीतिक मतभेदों और निर्णयों के कारण दोनों भाइयों में तनाव बना था।
गणेश उत्सव कब मनाया जाता है?
गणेश उत्सव हर वर्ष भाद्रपद माह की शुद्ध चतुर्थी को मनाया जाता है।
ठाकरे बंधुओं की यह मुलाकात कब हुई?
यह मुलाकात 27 अगस्त 2023 को हुई।
राज ठाकरे का निवास स्थान क्या है?
राज ठाकरे का निवास 'शिवतीर्थ' है।
उद्धव ठाकरे के साथ कौन-कौन थे?
उद्धव ठाकरे के साथ उनके बेटे आदित्य ठाकरे और पत्नी रश्मि ठाकरे भी थे।