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क्या उज्ज्वल निकम की राज्यसभा में नियुक्ति से न्याय की उम्मीदें बढ़ेंगी?

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क्या उज्ज्वल निकम की राज्यसभा में नियुक्ति से न्याय की उम्मीदें बढ़ेंगी?

सारांश

उज्ज्वल निकम को राष्ट्रपति द्वारा राज्यसभा में नामित किया गया है। उनके बेटे अनिकेत ने कहा कि उनके पिता संसद में भी न्याय दिलाने के लिए मेहनत करेंगे। जानें इस महत्वपूर्ण नियुक्ति के पीछे की कहानी और क्या है निकम का दृष्टिकोण।

मुख्य बातें

उज्ज्वल निकम को राज्यसभा में नामित किया गया है।
उनका लक्ष्य लोगों को न्याय दिलाना है।
अनिकेत निकम ने उनके प्रयासों की सराहना की।
निकम की यात्रा प्रेरणादायक है।
प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें नियुक्ति की जानकारी दी।

मुंबई, 13 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। प्रसिद्ध वकील और 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले के विशेष लोक अभियोजक उज्ज्वल निकम को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा राज्यसभा के लिए नामित किया गया है। इस नियुक्ति को निकम ने अपने लिए गर्व और जिम्मेदारी का क्षण बताया। उनके बेटे अनिकेत निकम ने कहा कि उनके पिता संसद में भी उसी तरह लोगों को न्याय दिलाने के लिए कार्य करेंगे, जैसा उन्होंने वकालत में किया।

उज्ज्वल निकम ने राष्ट्र प्रेस के साथ एक खास बातचीत में कहा कि यह उनके जीवन का एक नया अध्याय है और वह देश की सेवा के लिए पहले से भी अधिक समर्पित रहेंगे। निकम ने अपनी यात्रा साझा करते हुए बताया कि कैसे एक छोटे से शहर जलगांव से शुरू होकर उनका सफर मुंबई के कई हाई-प्रोफाइल केस तक पहुंचा और अब वह संसद के उच्च सदन में पहुंच गए हैं।

उज्ज्वल निकम ने अपनी नियुक्ति की जानकारी मिलने के बारे में बताया कि 12 जुलाई (शनिवार) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें फोन किया। पीएम ने मजाकिया अंदाज में पूछा, “क्या मैं मराठी में बोलूं या हिंदी में?” इस पर निकम हंस पड़े। पीएम ने मराठी में बताया कि राष्ट्रपति उन्हें एक बड़ी जिम्मेदारी देना चाहती हैं। निकम ने तुरंत हामी भर दी और राष्ट्रपति, पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का आभार जताया।

उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र की जनता ने मुझे हमेशा प्यार दिया, अब मैं पूरे देश का प्रेम हासिल करने की कोशिश करूंगा।”

निकम ने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि वे जलगांव जिले से हैं, जहां उन्होंने वकालत शुरू की थी। 1993 में पहली बार मुंबई आए, जहां उन्हें शहर और कोर्ट की कार्यप्रणाली की जानकारी नहीं थी।

2013 से उन्होंने 26/11 मुंबई हमले, 1993 बम विस्फोट और गेटवे ऑफ इंडिया बम विस्फोट जैसे बड़े मामलों में अभियोजन का नेतृत्व किया।

निकम ने कहा, "महाराष्ट्र की जनता का विश्वास और मेरे परिवार का समर्थन मेरी सबसे बड़ी ताकत रही। मेरी पत्नी, बेटा अनिकेत, बहू पूजा और बेटी-दामाद ने हर कदम पर मेरा साथ दिया।"

उज्ज्वल निकम के बेटे अनिकेत निकम ने भी इस नियुक्ति पर खुशी जताई। उन्होंने राष्ट्र प्रेस के साथ खास बातचीत में कहा, "पिछले 45 सालों से मेरे पिता लोगों को न्याय दिलाने के लिए अथक मेहनत कर रहे हैं। सुबह 4 बजे उठकर केस की तैयारी करना, एक जिले से दूसरे जिले में जाना। यह उनकी मेहनत का नतीजा है।"

अनिकेत ने विश्वास जताया कि उनके पिता संसद में भी उसी तरह लोगों को न्याय दिलाने के लिए काम करेंगे, जैसा उन्होंने वकालत में किया। उन्होंने राष्ट्रपति मुर्मू, पीएम मोदी और सीएम फडणवीस का आभार जताया।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि संसद में न्याय प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी पहल भी है। निकम की यात्रा प्रेरणादायक है और इससे समाज में न्याय वितरण की प्रक्रिया को और अधिक सुगम बनाने की उम्मीद है।
RashtraPress
16 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उज्ज्वल निकम कौन हैं?
उज्ज्वल निकम एक प्रसिद्ध वकील हैं, जो 26/11 मुंबई आतंकी हमले के विशेष लोक अभियोजक रहे हैं।
उन्हें कब और किसने राज्यसभा के लिए नामित किया?
उन्हें 13 जुलाई को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा राज्यसभा के लिए नामित किया गया।
उनके बेटे अनिकेत ने क्या कहा?
अनिकेत ने कहा कि उनके पिता संसद में भी लोगों को न्याय दिलाने के लिए काम करेंगे।
उज्ज्वल निकम की यात्रा कैसे रही है?
उनकी यात्रा जलगांव से शुरू होकर मुंबई के हाई-प्रोफाइल केसों तक पहुंची है।
उन्हें किसने फोन करके नियुक्ति की जानकारी दी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें फोन करके नियुक्ति की जानकारी दी।
राष्ट्र प्रेस
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