ब्रिटेन में NATS तकनीकी खराबी: हीथ्रो समेत कई हवाई अड्डों पर 1,000 से अधिक उड़ानें रद्द
सारांश
मुख्य बातें
ब्रिटेन की राष्ट्रीय एयर ट्रैफिक सेवा नेशनल एयर ट्रैफिक सर्विसेज (NATS) के फ्लाइट प्रोसेसिंग सिस्टम में मंगलवार, 9 सितंबर को गंभीर तकनीकी गड़बड़ी आने से पूरे ब्रिटेन में 1,000 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गईं। हीथ्रो, एडिनबर्ग, मैनचेस्टर, बर्मिंघम और ल्यूटन समेत देश के प्रमुख हवाई अड्डों पर यात्री घंटों तक अनिश्चितता में फँसे रहे।
मुख्य घटनाक्रम
स्वीडन की फ्लाइट ट्रैकिंग सेवा फ्लाइटरडार-24 के आँकड़ों के विश्लेषण के अनुसार, मंगलवार रात तक ब्रिटेन के विभिन्न हवाई अड्डों पर 1,000 से अधिक उड़ानें रद्द हो चुकी थीं। NATS ने स्वीकार किया कि खराबी उसके फ्लाइट प्रोसेसिंग सिस्टम में थी, जिसके कारण लंदन फ्लाइट इन्फॉर्मेशन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी हवाई अड्डों पर आवागमन को नियंत्रित करना पड़ा।
गौरतलब है कि यह गड़बड़ी केवल लंदन तक सीमित नहीं रही — एबरडीन और ग्लासगो हवाई अड्डों पर भी व्यवधान देखने को मिला। यहाँ तक कि आयरलैंड के डबलिन एयरपोर्ट ने भी पुष्टि की कि ब्रिटेन से आने-जाने वाली उड़ानें इस तकनीकी समस्या से प्रभावित हो रही हैं।
NATS की प्रतिक्रिया
NATS ने एक आधिकारिक बयान में कहा, 'हमारे सिस्टम की समस्या अब ठीक हो चुकी है। हम सामान्य रूप से काम कर रहे हैं और उड़ानों के लंबित कार्यक्रम को जल्द से जल्द सामान्य करने के लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं।' संस्था ने हालाँकि यह भी चेतावनी दी कि सामान्य संचालन बहाल करने और रुकी हुई उड़ानों की भीड़ को साफ करने में अनुमान से अधिक समय लग रहा है।
हीथ्रो एयरपोर्ट ने कहा कि वह NATS के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि यात्रियों और उड़ान कार्यक्रमों पर पड़ने वाले असर को न्यूनतम किया जा सके। ब्रिटिश एयरवेज ने भी पुष्टि की कि राष्ट्रीय एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम की खराबी के चलते उसकी सेवाएँ बाधित हुई हैं।
आम यात्रियों पर असर
एडिनबर्ग एयरपोर्ट ने यात्रियों को सतर्क किया कि वहाँ से संचालित होने वाली उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं। ल्यूटन और बर्मिंघम हवाई अड्डों ने भी उड़ानों में देरी और रद्द होने की जानकारी दी। यह ऐसे समय में आया है जब स्कूल अवकाश के बाद यात्रा का मौसम चरम पर था, जिससे हजारों परिवारों की यात्रा योजनाएँ अस्त-व्यस्त हो गईं।
फ्लाइटरडार-24 के अनुसार, लंदन फ्लाइट इन्फॉर्मेशन क्षेत्र में आने और जाने वाली उड़ानों को नियंत्रित करने के कारण पूरे नेटवर्क में देरी की एक श्रृंखला बन गई, जिसका असर दूरस्थ हवाई अड्डों तक भी पहुँचा।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
विमानन विशेषज्ञों के अनुसार, एयर ट्रैफिक कंट्रोल के फ्लाइट प्रोसेसिंग सिस्टम में खराबी किसी भी देश के लिए सबसे संवेदनशील परिचालन जोखिमों में से एक है, क्योंकि यह प्रणाली एक साथ सैकड़ों उड़ानों की स्थिति, दिशा और ऊँचाई का प्रबंधन करती है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी यूरोपीय देश की ATC प्रणाली में ऐसी गड़बड़ी आई हो — इससे पहले भी कई यूरोपीय देशों में इसी तरह की तकनीकी विफलताएँ देखी जा चुकी हैं।
क्या होगा आगे
NATS ने कहा है कि तकनीकी समाधान लागू कर दिया गया है और सिस्टम सामान्य रूप से काम कर रहा है, लेकिन उड़ानों का बैकलॉग साफ होने में समय लगेगा। प्रभावित यात्रियों को अपनी-अपनी एयरलाइनों से संपर्क कर अद्यतन जानकारी लेने की सलाह दी जा रही है। ब्रिटेन की विमानन नियामक संस्था से इस घटना की विस्तृत समीक्षा की उम्मीद की जा रही है।