ब्रिटेन में NATS तकनीकी खराबी से ~300 उड़ानें रद्द, हीथ्रो-गैटविक समेत 5 हवाई अड्डे प्रभावित
सारांश
मुख्य बातें
ब्रिटेन के एयर ट्रैफिक कंट्रोल सेवा प्रदाता NATS की फ्लाइट प्रोसेसिंग प्रणाली में 8 सितंबर 2026 को आई गंभीर तकनीकी खराबी के कारण देशभर में लगभग 300 उड़ानें रद्द हो गईं और सैकड़ों अन्य में भारी विलंब हुआ। लंदन हीथ्रो, गैटविक, मैनचेस्टर, स्टैनस्टेड और लंदन सिटी हवाई अड्डे सबसे अधिक प्रभावित रहे, और मंगलवार शाम तक यात्रियों की परेशानी का सिलसिला जारी रहा।
खराबी का क्रम और NATS की प्रतिक्रिया
NATS ने दोपहर 1:46 बजे पहली बार स्वीकार किया कि वह एक तकनीकी समस्या की जाँच कर रहा है, जो उड़ानों के प्रस्थान में बाधा उत्पन्न कर रही है। इसके बाद संस्था ने अपनी फ्लाइट प्रोसेसिंग सिस्टम में खराबी की पहचान की और शाम 4:40 बजे घोषणा की कि समस्या को ठीक कर दिया गया है।
NATS ने एक बयान में कहा, 'हम रिकवरी के लिए अपनी एयरलाइन और एयरपोर्ट ग्राहकों के साथ मिलकर काम करना जारी रखे हुए हैं। आज लोगों की यात्रा में आई बाधा के लिए हम दिल से माफी माँगते हैं और उन्हें अपनी एयरलाइन से संपर्क बनाए रखना चाहिए।' तकनीकी सुधार के बावजूद, शाम 5 बजे के बाद भी रिकवरी की प्रक्रिया जारी थी।
प्रभावित उड़ानें और यात्री
फ्लाइट मॉनिटरिंग सेवा Flightradar24 के आँकड़ों के अनुसार, मंगलवार शाम तक लगभग 300 उड़ानें रद्द हो चुकी थीं। एनालिटिक्स कंपनी Cirium के आँकड़ों के मुताबिक, शाम 4:15 बजे तक केवल हीथ्रो और गैटविक से आने-जाने वाली करीब 90 फ्लाइट्स रद्द हो चुकी थीं।
बजट एयरलाइन Ryanair ने बताया कि उसकी 50 फ्लाइट्स रद्द होने से 65,000 से अधिक यात्री प्रभावित हुए। easyJet ने कहा कि इस खराबी का असर पूरे यूरोप की उड़ानों पर पड़ा। यूरोपीय एयर ट्रैफिक प्रबंधन संस्था Eurocontrol ने पुष्टि की कि कुछ आने वाली फ्लाइट्स को विदेशी हवाई अड्डों पर रोका गया।
एडिनबर्ग, बर्मिंघम, ब्रिस्टल और बेलफास्ट हवाई अड्डों से उड़ानें भी प्रभावित हुईं। हीथ्रो ने शुरू में कहा था कि केवल प्रस्थान प्रभावित हैं, लेकिन बाद में पुष्टि की कि आने और जाने — दोनों तरह की उड़ानें बाधित हुईं।
तीन वर्षों में तीसरी बड़ी घटना
यह ऐसे समय में आया है जब NATS पहले भी इसी तरह की तकनीकी विफलताओं के लिए आलोचना झेल चुका है। आलोचकों का कहना है कि यह तीन वर्षों में तीसरी बड़ी घटना है, जिसने ब्रिटेन के हवाई यातायात प्रबंधन ढाँचे की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गौरतलब है कि अगस्त 2023 में भी NATS की तकनीकी खराबी के कारण हज़ारों यात्री फँसे थे।
एयरलाइनों ने इस घटना के बाद एक बार फिर NATS में बड़े संरचनात्मक सुधार की माँग उठाई है। उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, फ्लाइट प्रोसेसिंग सिस्टम की पुरानी तकनीक को आधुनिक बनाना अब अपरिहार्य हो गया है।
यात्रियों पर असर और आगे की राह
हज़ारों यात्री हवाई अड्डों पर फँसे रहे और एयरलाइनों ने उन्हें अपनी वेबसाइट व हेल्पलाइन से संपर्क करने की सलाह दी। NATS के तकनीकी सुधार के बाद रिकवरी की प्रक्रिया धीरे-धीरे शुरू हुई, लेकिन उड़ानों की पूर्ण बहाली में घंटों लगने की संभावना जताई गई। आने वाले दिनों में ब्रिटिश सरकार और विमानन नियामक NATS की प्रणाली की समीक्षा कर सकते हैं।