NATS तकनीकी खराबी से ब्रिटेन में 1,000+ उड़ानें रद्द, एयर इंडिया की उड़ानें प्रभावित
सारांश
मुख्य बातें
एयर इंडिया ने बुधवार, 9 सितंबर को पुष्टि की कि ब्रिटेन की एयर ट्रैफिक कंट्रोल सेवा प्रदाता NATS (नेशनल एयर ट्रैफिक सर्विसेज़) के फ्लाइट प्रोसेसिंग सिस्टम में आई गंभीर तकनीकी खराबी के चलते उसके उड़ान संचालन बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। फ्लाइट ट्रैकिंग आँकड़ों के अनुसार, इस व्यवधान से पूरे यूनाइटेड किंगडम में 1,000 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ीं और कई प्रमुख हवाई अड्डों पर आवागमन ठप हो गया।
खराबी का स्वरूप और प्रभावित हवाई अड्डे
NATS ने स्वीकार किया कि समस्या उसके फ्लाइट प्रोसेसिंग सिस्टम में आई तकनीकी गड़बड़ी के कारण उत्पन्न हुई। इसका सीधा असर लंदन हीथ्रो एयरपोर्ट, एडिनबर्ग एयरपोर्ट और मैनचेस्टर एयरपोर्ट सहित कई बड़े हवाई अड्डों पर पड़ा। यह व्यवधान केवल ब्रिटेन तक सीमित नहीं रहा — ब्रिटेन और आयरलैंड के बीच की उड़ानें भी प्रभावित हुईं और डबलिन एयरपोर्ट ने यात्रियों को आगाह किया कि ब्रिटेन से जुड़ी सेवाएँ देरी का सामना कर सकती हैं।
एयर इंडिया की प्रतिक्रिया और यात्री एडवाइजरी
एयर इंडिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक आधिकारिक ट्रैवल एडवाइजरी में कहा कि तकनीकी गड़बड़ी के कारण ब्रिटेन के हवाई अड्डों से आने-जाने वाली कई उड़ानों का मार्ग बदलना पड़ा, उन्हें विलंब से संचालित करना पड़ा या रद्द करना पड़ा। एयरलाइन ने यह भी चेतावनी दी कि इस व्यवधान के चलते विमान और चालक दल तय स्थानों पर समय पर नहीं पहुँच पाए, जिससे कुछ अन्य उड़ानों पर भी असर पड़ सकता है।
एयरलाइन ने अपनी एडवाइजरी में कहा, 'हम स्थिति पर लगातार नज़र रख रहे हैं और व्यवधान को जितना संभव हो सके, उतना कम करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।' यात्रियों को सलाह दी गई कि वे हवाई अड्डे के लिए निकलने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति अवश्य जाँच लें।
NATS का तकनीकी समाधान
बाद में NATS ने बताया कि उसने समस्या का तकनीकी समाधान लागू कर दिया है और सिस्टम अब सामान्य रूप से काम कर रहा है। संस्था ने कहा, 'हमारे सिस्टम की समस्या अब ठीक हो चुकी है। हम सामान्य रूप से काम कर रहे हैं और लंबित उड़ानों को जल्द से जल्द सामान्य करने के लिए पूरी मेहनत कर रहे हैं।' हालाँकि, NATS ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रभावित उड़ानों का बैकलॉग साफ करने और पूरी तरह सामान्य स्थिति बहाल करने में कुछ समय और लग सकता है।
हीथ्रो एयरपोर्ट ने कहा कि वह NATS के साथ समन्वय कर यात्रियों और उड़ान कार्यक्रमों पर पड़ने वाले असर को न्यूनतम करने में जुटा है।
आम यात्रियों पर असर
गौरतलब है कि इस तरह की बड़े पैमाने की तकनीकी खराबी का असर केवल प्रत्यक्ष उड़ानों तक नहीं रहता — विमान और चालक दल के विस्थापन के कारण अगले कई घंटों या दिनों की उड़ानें भी प्रभावित हो सकती हैं। यह ऐसे समय में आया है जब यूरोपीय हवाई यातायात पहले से ही गर्मियों के पीक सीज़न के बाद सामान्य होने की प्रक्रिया में था। भारत से ब्रिटेन की यात्रा करने वाले या वहाँ से लौटने वाले यात्रियों को विशेष रूप से अपनी उड़ान की स्थिति की जाँच करने की सलाह दी जाती है।
आगे क्या
NATS के सिस्टम के सामान्य होने की घोषणा के बाद भी बैकलॉग को पूरी तरह हटाने में समय लग सकता है। एयर इंडिया समेत अन्य एयरलाइनें अपनी उड़ान अनुसूचियों को क्रमशः बहाल करने में लगी हैं। यात्रियों को सलाह है कि वे अपनी एयरलाइन की वेबसाइट या हेल्पलाइन से नियमित अपडेट लेते रहें।