यूक्रेन नागरिकों को बना रहा निशाना, शेबेकिनो में बस पर हमले में 19 घायल: मारिया जाखारोवा
सारांश
मुख्य बातें
रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जाखारोवा ने 29 जुलाई 2026 को आरोप लगाया कि यूक्रेन मोर्चे पर अपनी बढ़ती विफलताओं को छिपाने के लिए जानबूझकर नागरिक परिवहन और बुनियादी ढाँचे को निशाना बना रहा है। उन्होंने 28 जुलाई को शेबेकिनो और गोरलोव्का में यात्री बसों पर हुए ड्रोन हमलों का हवाला देते हुए कीव पर अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के उल्लंघन का आरोप लगाया।
मुख्य घटनाक्रम
28 जुलाई की सुबह यूक्रेनी ड्रोन ने शेबेकिनो में एक यात्री बस को निशाना बनाया, जिसमें 19 स्थानीय नागरिक घायल हुए — इनमें से छह की हालत गंभीर बताई गई। उसी दिन डोनेट्स्क पीपुल्स रिपब्लिक के गोरलोव्का शहर में एक अन्य ड्रोन हमले में नियमित मार्ग पर चल रही बस को निशाना बनाया गया, जिसमें पाँच और लोग घायल हुए।
जाखारोवा ने कहा कि दोनों ही मामलों में ड्रोन संचालकों को स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था कि वे ऐसे नागरिक लक्ष्यों पर हमला कर रहे हैं जिनका रूसी सशस्त्र बलों से कोई संबंध नहीं था।
रूस की कानूनी कार्रवाई
रूसी विदेश मंत्रालय के अनुसार, रूस की जाँच समिति ने इन दोनों हमलों को आतंकवादी घटनाओं के रूप में दर्ज कर आपराधिक मामले शुरू कर दिए हैं। जाखारोवा ने स्पष्ट किया कि यात्री बसों पर हमले का आदेश देने वाले यूक्रेनी सैन्य कमांडरों ने जानबूझकर अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन किया है और उन्हें जवाबदेह ठहराया जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील
जाखारोवा ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सभी जिम्मेदार पक्षों, संबंधित अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और स्वतंत्र मीडिया से आग्रह किया कि वे यूक्रेनी सेना के इन अभियानों पर खुलकर प्रतिक्रिया दें। उन्होंने कहा कि कीव के कथित अपराधों पर चुप्पी साधना आतंकवाद को बढ़ावा देने और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के उल्लंघन को नजरअंदाज करने के समान होगा।
रूस का पक्ष और संदर्भ
गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय आया है जब रूस-यूक्रेन संघर्ष में दोनों पक्षों पर नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाने के आरोप लगते रहे हैं। यूक्रेन और पश्चिमी देश रूस पर भी नागरिक बुनियादी ढाँचे पर बड़े पैमाने पर हमले करने का आरोप लगाते रहे हैं। जाखारोवा के ये आरोप रूसी विदेश मंत्रालय के आधिकारिक रुख को दर्शाते हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
आगे चलकर रूस की जाँच समिति इन मामलों में जाँच जारी रखेगी और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इन घटनाओं को उठाने की संभावना है।