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उमरा वीजा के जरिए यूरोप जाने की कोशिश: मुल्तान एयरपोर्ट पर दो यात्री उतारे गए

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उमरा वीजा के जरिए यूरोप जाने की कोशिश: मुल्तान एयरपोर्ट पर दो यात्री उतारे गए

सारांश

पाकिस्तान की एफआईए ने मुल्तान एयरपोर्ट पर दो यात्रियों को उमरा वीजा के संदर्भ में उतारा। जांच में पता चला कि उनकी असली मंजिल स्पेन थी, जिससे अवैध प्रवासन के प्रयास की पुष्टि हुई।

मुख्य बातें

दो यात्रियों को मुल्तान एयरपोर्ट पर उतारा गया।
उमरा वीजा का दुरुपयोग किया गया था।
यात्रियों की असली मंजिल स्पेन थी।
इससे अवैध प्रवासन के प्रयास का पता चला।
इमिग्रेशन प्रणाली में कमजोरियाँ उजागर हुईं।

इस्लामाबाद, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एफआईए) ने मुल्तान अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दो यात्रियों को विमान से उतार दिया। इन दोनों पर उमरा वीजा का उपयोग करके यूरोप में प्रवेश करने का प्रयास करने का संदेह था।

पाकिस्तान के प्रमुख समाचार पत्र 'डॉन' के अनुसार, एफआईए के एक प्रवक्ता ने बताया कि इमिग्रेशन स्टाफ ने मुल्तान एयरपोर्ट पर बाहर जाने वाले यात्रियों की नियमित जांच के दौरान यह कार्रवाई की। दो पाकिस्तानी नागरिक सिकंदर आलम और नूर इस्लाम उमरा करने के लिए सऊदी अरब जा रहे थे। लेकिन प्रारंभिक जांच में कुछ संदिग्ध तथ्य सामने आए, जिसके बाद अधिकारियों ने उन्हें विस्तृत प्रोफाइलिंग के लिए सेकेंडरी स्क्रीनिंग पर भेजा।

आगे की जांच के दौरान, अधिकारियों ने आलम और इस्लाम के पासपोर्ट पर मोरक्को के वीजा पाए। पूछताछ के दौरान, उन्होंने बताया कि उनकी असली मंजिल सऊदी अरब नहीं, बल्कि स्पेन थी।

एफआईए के अधिकारियों ने कहा कि यह मामला हाल की उन चेतावनियों से मेल खाता है, जिनमें बताया गया था कि लोग उमरा वीजा का उपयोग करके मोरक्को के माध्यम से अवैध रूप से यूरोप में प्रवेश करने का प्रयास कर रहे हैं।

इन तथ्यों के प्रकाश में दोनों यात्रियों को विमान से उतार दिया गया और आगे की जांच के लिए मुल्तान स्थित एफआईए कॉम्पोजिट सर्कल में ले जाया गया।

जनवरी में एक रिपोर्ट में ऐसे ही एक मामले का उल्लेख किया गया था, जिसमें दो पाकिस्तानी व्यक्ति फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से फ्रांस जाने का प्रयास कर रहे थे। यह मामला इस्लामाबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एफआईए द्वारा उजागर किया गया था, जिसने इमिग्रेशन धोखाधड़ी, सरकारी अधिकारों के दुरुपयोग और अवैध प्रवासन की समस्या को सामने लाया।

पाकिस्तान के समाचार पत्र ‘बिजनेस रिकॉर्डर’ में प्रकाशित एक संपादकीय में कहा गया, "शुरुआत में यह मामला दो व्यक्तियों के फर्जी दस्तावेजों के सहारे फ्रांस जाने के प्रयास से जुड़ा था, लेकिन इसके प्रभाव सामान्य एयरपोर्ट जांच से कहीं अधिक हैं। यह मामला संस्थागत कमजोरियों की ओर इशारा करता है और शासन, जवाबदेही तथा एक महत्वपूर्ण नियामक संस्था में सार्वजनिक पद के दुरुपयोग पर गंभीर सवाल उठाता है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह न केवल कानूनी बल्कि नैतिक प्रश्न भी उठाता है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या उमरा वीजा का उपयोग यूरोप जाने के लिए किया जा सकता है?
नहीं, उमरा वीजा धार्मिक यात्रा के लिए होता है, इसका उपयोग अन्य देशों में प्रवेश के लिए नहीं किया जा सकता।
क्या ऐसे मामलों में सजा होती है?
हाँ, यदि कोई व्यक्ति फर्जी दस्तावेजों का उपयोग करता है, तो उसे कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
क्या यह मामला पहले भी हुआ है?
हाँ, इसी तरह के कई मामले पहले भी सामने आ चुके हैं, जिसमें लोग फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से विदेश जाने का प्रयास कर रहे थे।
इस मामले का क्या परिणाम हो सकता है?
यह मामला इमिग्रेशन सिस्टम की समस्याओं को उजागर करता है और सुधार की आवश्यकता पर बल देता है।
राष्ट्र प्रेस
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