11 अगस्त 2026
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पश्चिम बंगाल चुनाव में नामांकन के दौरान हंगामे की स्थिति, टीएमसी और लेफ्ट पर गंभीर आरोप

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पश्चिम बंगाल चुनाव में नामांकन के दौरान हंगामे की स्थिति, टीएमसी और लेफ्ट पर गंभीर आरोप

सारांश

कोलकाता में नामांकन दाखिल करते समय हंगामा, टीएमसी और लेफ्ट के बीच तीखी बहस, जानिए क्या है पूरा मामला।

मुख्य बातें

हंगामा: नामांकन के समय हावड़ा और कोलकाता में हंगामा हुआ।
आरोप: टीएमसी और लेफ्ट कार्यकर्ताओं पर गंभीर आरोप लगे।
पुलिस की भूमिका: पुलिस ने घटनास्थल पर कड़ी निगरानी रखी।
राजनीतिक तनाव: घटनाओं ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में तनाव बढ़ा दिया है।
भविष्य: इस घटना का चुनावी परिणामों पर असर पड़ सकता है।

कोलकाता, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। हावड़ा और कोलकाता में सोमवार को विपक्षी उम्मीदवारों के नामांकन दाखिल करने के दौरान दो विभिन्न स्थानों पर हंगामा हुआ।

हावड़ा में लेफ्ट कार्यकर्ताओं पर तृणमूल समर्थकों को परेशान करने का आरोप लगा। साथ ही, यह भी कहा गया कि तृणमूल कांग्रेस की महिला समर्थकों को धक्का दिया गया।

पुलिस ने हावड़ा जिलाधिकारी के कार्यालय के सामने लेफ्ट समर्थकों के जुलूस को रोक दिया। इस दौरान, लेफ्ट ने जिलाधिकारी के ऑफिस के सामने तृणमूल कार्यकर्ताओं की ओर इशारा करते हुए 'चोर, चोर' के नारे लगाए।

कथित तौर पर ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी का भी उल्लेख किया गया, जिससे दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई। लेफ्ट कार्यकर्ताओं पर तृणमूल समर्थकों को परेशान करने का आरोप लगाया गया और तृणमूल कांग्रेस की महिला समर्थकों को धक्का देकर भगाने का भी आरोप लगा।

डोमजूर से तृणमूल उम्मीदवार तापस मैती की समर्थक पूर्णिमा आइच ने कहा कि सीपीआई (एम) कार्यकर्ता हमें चोर कहकर नारे लगा रहे थे। जब हम विरोध करने गए, तो उन्होंने हम पर हमला कर दिया और हमें धक्का देकर भगा दिया।

बांकरा में ग्राम पंचायत नंबर 2 के तृणमूल सदस्य शेख अब्दुल सलाम ने कहा कि जब उन्होंने हमें देखा, तो वे बिना किसी कारण के नारे लगाने लगे। वे ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के नाम पर नारे लगा रहे थे। जैसे ही हम आगे बढ़े, उन्होंने हम पर हमला कर दिया।

हावड़ा जिलाधिकारी के कार्यालय के सामने दोनों पक्षों के बीच झगड़े से काफी तनाव उत्पन्न हो गया। पुलिस के सामने ही हाथापाई शुरू हो गई।

वहीं, कोलकाता के अलीपुर क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार पापिया अधिकारी के नामांकन में रुकावट के आरोप लगे। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं की पुलिस से तीखी बहस हुई। पापिया अधिकारी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने हमें एक घंटे के लिए हाजरा चौराहे पर खड़ा कर दिया।

पुलिस अलीपुर सर्वे बिल्डिंग क्षेत्र में कड़ी निगरानी रख रही है। पूरे क्षेत्र में बैरिकेडिंग की गई है। बैरिकेड के एक तरफ 'जय श्री राम' और दूसरी तरफ 'जय बांग्ला' का नारा लगाया गया। अलीपुर सर्वे बिल्डिंग परिसर में दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी के दौरान माहौल गर्म हो गया।

टॉलीगंज विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार पापिया अधिकारी ने कहा कि तृणमूल और सीपीआई (एम) के सभी उम्मीदवार अपना नामांकन फाइल कर चुके हैं। केवल पुलिस ने हमें रोका है। उन्होंने हमें काफी देर तक हाजरा क्रॉसिंग पर खड़ा रखा। पुलिस तृणमूल के पक्ष में बर्ताव कर रही है। क्या वे चाहते हैं कि हम वोट का बॉयकॉट करें? अगर हमें नामांकन दाखिल नहीं करने देंगे, तो वोट कैसे होगा?

संपादकीय दृष्टिकोण

जो चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकते हैं। एक निष्पक्ष दृष्टिकोण से, यह घटना राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के नकारात्मक पहलुओं को उजागर करती है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल में नामांकन के दौरान क्या हुआ?
हावड़ा और कोलकाता में विपक्षी उम्मीदवारों के नामांकन के समय हंगामा हुआ, जिसमें टीएमसी और लेफ्ट कार्यकर्ताओं के बीच झगड़ा हुआ।
टीएमसी और लेफ्ट पर क्या आरोप लगे?
टीएमसी समर्थकों को परेशान करने और महिलाओं को धक्का देने के आरोप लेफ्ट कार्यकर्ताओं पर लगे।
भाजपा उम्मीदवार पापिया अधिकारी ने क्या कहा?
पापिया अधिकारी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें नामांकन के समय रोक दिया।
क्या पुलिस ने किसी को गिरफ्तार किया?
खबरों के अनुसार, पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच झगड़े के दौरान कोई गिरफ्तारी नहीं की।
इस घटना का चुनाव पर क्या असर पड़ेगा?
इस घटना से चुनावी माहौल में तनाव बढ़ सकता है और मतदाता की धारणा को प्रभावित कर सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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