पश्चिम बंगाल में नामांकन के दौरान हंगामा, टीएमसी और लेफ्ट पर गंभीर आरोप

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पश्चिम बंगाल में नामांकन के दौरान हंगामा, टीएमसी और लेफ्ट पर गंभीर आरोप

सारांश

कोलकाता में नामांकन दाखिल करने के दौरान हुई झड़पों ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है। तृणमूल और लेफ्ट कार्यकर्ताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप से बनी स्थिति ने सुरक्षा बलों को भी हस्तक्षेप के लिए मजबूर कर दिया। जानिए पूरी घटना की जानकारी।

Key Takeaways

  • हंगामा हावड़ा और कोलकाता में हुआ।
  • लेफ्ट कार्यकर्ताओं पर तृणमूल समर्थकों को परेशान करने का आरोप।
  • पुलिस ने स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए हस्तक्षेप किया।
  • भाजपा उम्मीदवार पापिया अधिकारी ने भी रुकावट का सामना किया।
  • राजनीतिक माहौल में तनाव का संकेत।

कोलकाता, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। हावड़ा और कोलकाता में सोमवार को दो अलग-अलग स्थानों पर विपक्षी उम्मीदवारों के नामांकन के दौरान हंगामा हुआ।

हावड़ा में लेफ्ट कार्यकर्ताओं पर तृणमूल समर्थकों को परेशान करने का आरोप लगाया गया। साथ ही, तृणमूल कांग्रेस की महिला समर्थकों को धक्का देने का भी दावा किया गया।

पुलिस ने हावड़ा के जिलाधिकारी कार्यालय के सामने लेफ्ट समर्थकों के जुलूस को रोका। इसी बीच, लेफ्ट कार्यकर्ताओं ने 'चोर, चोर' के नारे लगाते हुए तृणमूल कार्यकर्ताओं की ओर इशारा किया।

इस दौरान ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी का नाम भी लिया गया, जिससे दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस छिड़ गई। लेफ्ट कार्यकर्ताओं पर तृणमूल समर्थकों को परेशान करने का आरोप लगा, और तृणमूल की महिला समर्थकों को धक्का देकर भगाने का भी आरोप था।

डोमजूर से तृणमूल उम्मीदवार तापस मैती की समर्थक पूर्णिमा आइच ने कहा कि सीपीआई (एम) कार्यकर्ता हमें 'चोर' कहकर नारे लगा रहे थे। जब हमने विरोध किया, तो उन्होंने हम पर हमला कर दिया और हमें धक्का देकर भगाया।

बांकरा में ग्राम पंचायत नंबर 2 के तृणमूल सदस्य शेख अब्दुल सलाम ने भी कहा कि जब उन्होंने हमें देखा, तो वे बिना किसी कारण के नारे लगाने लगे। जैसे ही हम आगे बढ़े, उन्होंने हम पर हमला कर दिया।

हावड़ा जिलाधिकारी कार्यालय के सामने दोनों पक्षों के बीच झगड़े से तनाव बढ़ गया, और पुलिस के सामने ही हाथापाई शुरू हो गई।

वहीं, कोलकाता के अलीपुर क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार पापिया अधिकारी के नामांकन में रुकावट आने का आरोप लगाया गया। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस के साथ तीखी बहस की। पापिया अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने हमें हाजरा चौराहा पर एक घंटे तक रोक रखा।

पुलिस ने अलीपुर सर्वे बिल्डिंग क्षेत्र में कड़ी निगरानी रखी है। पूरे इलाके में बैरिकेडिंग की गई है। बैरिकेड के एक तरफ 'जय श्री राम' और दूसरी तरफ 'जय बांग्ला' के नारे लगाए गए। अलीपुर सर्वे बिल्डिंग परिसर में दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी के दौरान माहौल गरमा गया।

टॉलीगंज विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार पापिया अधिकारी ने कहा कि तृणमूल और सीपीआई (एम) के सभी उम्मीदवार अपना नामांकन फाइल कर चुके हैं। केवल पुलिस ने हमें रोका है। क्या वे चाहते हैं कि हम वोट का बॉयकॉट करें? अगर हमें नामांकन फाइल नहीं करने देंगे, तो वोट कैसे होगा?

Point of View

इस घटना को राजनीतिक तनाव के एक गंभीर संकेत के रूप में देखा जा सकता है। यह न केवल पश्चिम बंगाल के राजनीतिक माहौल को प्रभावित करता है, बल्कि देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर भी सवाल उठाता है।
NationPress
11/04/2026

Frequently Asked Questions

हंगामा किस स्थान पर हुआ?
हंगामा हावड़ा और कोलकाता में हुआ।
किस पार्टी के कार्यकर्ताओं पर आरोप लगे?
तृणमूल कांग्रेस और लेफ्ट कार्यकर्ताओं पर आरोप लगे।
क्या पुलिस ने हस्तक्षेप किया?
हाँ, पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हस्तक्षेप किया।
क्या किसी नेता का नाम लिया गया?
हाँ, ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी का नाम लिया गया।
भाजपा उम्मीदवार का नाम क्या है?
भाजपा उम्मीदवार का नाम पापिया अधिकारी है।
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