भवानीपुर में पोस्टर विवाद: तृणमूल और भाजपा एक-दूसरे पर आरोप लगा रही हैं
सारांश
Key Takeaways
- भवानीपुर में पोस्टर फाड़ने के आरोप भाजपा पर लगे हैं।
- तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा को जिम्मेदार ठहराया है।
- भाजपा ने इसे तृणमूल की गुटबाजी का परिणाम बताया है।
- असीम बसु के नेतृत्व में तृणमूल कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया।
- भवानीपुर आगामी विधानसभा चुनाव में महत्वपूर्ण है।
कोलकाता, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्वाचन क्षेत्र भवानीपुर में शनिवार को तृणमूल कांग्रेस के पोस्टर फाड़ने के आरोपों ने तनाव पैदा कर दिया है। सत्ताधारी पार्टी ने इस घटना को भाजपा की साजिश बताया है।
हालांकि, भाजपा ने इसे तृणमूल कांग्रेस के भीतर की गुटबाजी का परिणाम बताया। इस घटना के संबंध में दोनों पार्टियों ने कालीघाट पुलिस स्टेशन में अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई हैं।
पुलिस के अनुसार, विधान सभा चुनाव की तैयारी के तहत भवानीपुर के विभिन्न क्षेत्रों में तृणमूल कांग्रेस के पोस्टर लगाए गए थे।
लेकिन, शनिवार दोपहर को चक्रबेरिया रोड के आसपास इन पोस्टरों को फाड़ने का आरोप भाजपा पर लगाया गया।
इसके बाद, कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के पार्षद असीम बसु के नेतृत्व में तृणमूल कार्यकर्ताओं ने भवानीपुर पुलिस स्टेशन के सामने प्रदर्शन किया। इसके चलते उन्होंने कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं के नाम लेकर लिखित शिकायत दर्ज कराई।
असीम बसु ने कहा: "हमने सभी आवश्यक अनुमति प्राप्त करने के बाद ये बैनर और पोस्टर लगाए थे। बाद में हमें जानकारी मिली कि कुछ लोगों ने इन्हें फाड़ दिया है। हमने तुरंत पुलिस को सूचित किया। जब हम वहां पहुंचे, तो हमने देखा कि न केवल 'भाजपा का बहिष्कार करो' वाले पोस्टर फाड़े गए थे, बल्कि मुख्यमंत्री की जीत को सुनिश्चित करने के लिए लगाए गए होर्डिंग्स और बैनर भी नष्ट कर दिए गए थे।"
दिन की शुरुआत में भाजपा ने भी इसी प्रकार का आरोप लगाते हुए कहा कि तृणमूल के समर्थकों ने विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी की तस्वीरें वाले बैनर और पोस्टर फाड़ दिए थे। तृणमूल कांग्रेस ने इस दावे का खंडन किया है।
भवानीपुर आगामी विधानसभा चुनावों में एक महत्वपूर्ण निर्वाचन क्षेत्र है। भाजपा ने नंदीग्राम के अलावा भवानीपुर से भी विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी को उम्मीदवार बनाया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी सोमवार को भवानीपुर से अपना चुनाव प्रचार आरंभ करेंगी। अब यह देखना है कि इस निर्वाचन क्षेत्र में राजनीतिक मुकाबला किस दिशा में आगे बढ़ता है।