असम के मुख्यमंत्री ने तृणमूल कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति का गंभीर आरोप लगाया
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कोलकाता, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को उत्तर बंगाल के कालिम्पोंग में एक चुनावी रैली में तृणमूल कांग्रेस पर ‘तुष्टीकरण’ की राजनीति का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सत्ता से हटाना आवश्यक है।
भारतीय जनता पार्टी ने इस विधानसभा चुनाव में घुसपैठ के मुद्दे को मुख्य चुनावी एजेंडे के रूप में रखा है। सरमा ने आरोप लगाया कि तृणमूल सरकार ने बांग्लादेशी मुसलमानों के लिए राज्य में स्थान बनाया है।
उन्होंने कहा, “ममता दीदी ने पश्चिम बंगाल में बांग्लादेशी मुसलमानों के लिए दरवाजे खोल दिए हैं। इसलिए उनका सत्ता से हटना जरूरी है, अन्यथा एक दिन बांग्लादेशी मुसलमान पूरा पश्चिम बंगाल अपने साथ ले जाएंगे।”
असम के मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पूर्वोत्तर भारत में भाजपा सरकार ने बांग्लादेश से घुसपैठ को रोकने में सफलता पाई है, जबकि पश्चिम बंगाल में इसे बढ़ावा दिया जा रहा है।
सरमा ने आगे कहा, “ममता बनर्जी का बांग्लादेशी मुसलमानों के साथ ‘आई लव यू’ रिश्ता है। वे उन्हें राज्य में आने और तृणमूल को वोट देने के लिए आमंत्रित करती हैं। इसके बदले, वे बंगाल की भूमि और अधिकार मांगते हैं, और ममता जी उन्हें इसकी अनुमति दे रही हैं। यह देश को बेचने जैसा है।”
उन्होंने तृणमूल सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा, “इस बार भाजपा असम में 100 और बंगाल में 200 सीटें जीतने जा रही है। यह ‘मां, माटी और मानुष’ की सरकार नहीं, बल्कि ‘मनी, मर्डर और माफिया’ की सरकार है। यहां शिक्षक भर्ती में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। असम में हमने दो लाख शिक्षकों की भर्ती की और कोई विवाद नहीं हुआ।”
सरमा ने बोडोलैंड टेरिटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन और गोरखा टेरिटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन की तुलना करते हुए कहा कि यदि भाजपा सत्ता में आती है, तो वह संवैधानिक तरीके से गोरखालैंड समस्या का समाधान करेगी।
असम के मुख्यमंत्री ने कालिम्पोंग जिले के गोरूबाथान ब्लॉक के पंडारा मैदान में भाजपा उम्मीदवार और पूर्व भारतीय हॉकी टीम के कप्तान भरत छेत्री के समर्थन में जनसभा को संबोधित किया। अपने भाषण में उन्होंने गोरखा समुदाय की बहादुरी की भी सराहना की।