आईपीएल 2026: पथिराना और हसरंगा ने एसएलसी को फिटनेस टेस्ट में नहीं दिया
सारांश
Key Takeaways
- मथीशा पथिराना और वानिंदु हसरंगा ने अनिवार्य फिटनेस टेस्ट नहीं दिया।
- कुल 45 अनुबंधित खिलाड़ियों में से केवल 24 ने टेस्ट पास किया।
- फिटनेस टेस्ट में सफल होने के लिए 29 में से 17 अंक आवश्यक हैं।
- यदि खिलाड़ी टेस्ट पास नहीं करते, तो उन्हें खेलना जारी रखने की अनुमति होगी, लेकिन बिना मैच फीस के।
- एसएलसी ने नए फिटनेस नियमों को लागू किया है।
नई दिल्ली, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) ने जानकारी दी है कि मथीशा पथिराना और वानिंदु हसरंगा उन 15 श्रीलंकाई खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिन्होंने अब तक सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट के अंतर्गत अनिवार्य फिटनेस टेस्ट नहीं दिया है। इसके अलावा, 6 अन्य खिलाड़ी भी हैं जो इस टेस्ट में कम से कम एक बार असफल हो चुके हैं।
कुल 45 अनुबंधित खिलाड़ियों में से केवल 24 ने ही इस टेस्ट को पास किया है। जिन खिलाड़ियों ने अभी तक टेस्ट नहीं दिया है, उनके पीछे विभिन्न कारण हैं। कुछ खिलाड़ी चोटिल हैं, जबकि अन्य को लॉजिस्टिक समस्याओं का सामना करना पड़ा है।
हालांकि, हसरंगा और पथिराना पर सबसे अधिक ध्यान केंद्रित है, क्योंकि दोनों को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 में खेलना है। हसरंगा लखनऊ सुपर जायंट्स (एसएसजी) और पथिराना कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) का हिस्सा हैं। इसलिए उनकी फिटनेस और टेस्ट को पास करना बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे उनके आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कार्यक्रम पर असर पड़ सकता है।
हसरंगा की स्थिति सबसे चिंताजनक मानी जा रही है। एसएलसी के एक सूत्र ने कहा कि "हसरंगा ने अब तक अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) का अनुरोध नहीं किया है।" 28 वर्षीय लेग-स्पिनर को फरवरी में आयरलैंड के खिलाफ टी20 विश्व कप मैच के दौरान बाएं हैमस्ट्रिंग में खिंचाव आया था। अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि वह अपना फिटनेस टेस्ट कब देंगे।
पथिराना भी इसी टूर्नामेंट के दौरान चोटिल हुए थे। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच के दौरान उनकी पिंडली की मांसपेशी में खिंचाव आ गया था। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने नेट्स में गेंदबाजी करना शुरू कर दिया है। खिलाड़ी के करीबी सूत्रों को उम्मीद है कि वह अप्रैल के मध्य तक आईपीएल खेलने भारत पहुंच जाएंगे। हालाँकि, श्रीलंका क्रिकेट के अनिवार्य फिटनेस टेस्ट के लिए अभी तक कोई आधिकारिक तारीख निर्धारित नहीं की गई है। संकेत मिलते हैं कि यह टेस्ट अगले हफ्ते हो सकता है।
एसएलसी ने अपने फिटनेस कल्चर में बड़ा बदलाव करते हुए इसे घरेलू नेशनल सुपर लीग तक भी लागू कर दिया है, जिसकी शुरुआत सोमवार से हुई।
इस टूर्नामेंट के लिए फिटनेस टेस्ट के नियम थोड़े कम सख्त हैं। खिलाड़ियों को केवल 2 किलोमीटर दौड़ना होता है और एक 'स्किनफोल्ड टेस्ट' देना होता है। इसमें कोई अंक नहीं दिए जाते। खिलाड़ियों को केवल न्यूनतम तय सीमा को पार करना होता है। वहीं, सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट वाले खिलाड़ियों के लिए 20 मीटर की स्प्रिंट, 5-0-5 एजीलीटी टेस्ट और 'काउंटर मूवमेंट जंप' जैसे अन्य टेस्ट होते हैं। प्रत्येक टेस्ट के लिए 1 से 5 अंक मिलते हैं। इसके अलावा, 2 किलोमीटर की दौड़ और स्किनफोल्ड टेस्ट में भी 7-7 अंक पाने का अवसर होता है। टेस्ट पास करने के लिए कुल 29 में से 17 अंक प्राप्त करना अनिवार्य है।
एसएलसी द्वारा लागू किए गए नए फिटनेस नियमों के तहत, इस टूर्नामेंट में भाग ले रहे 87 खिलाड़ियों में से 23 खिलाड़ी न्यूनतम फिटनेस मानकों को पूरा नहीं कर पाए हैं। इन खिलाड़ियों को 19 अप्रैल तक का समय दिया गया है, ताकि वे फिटनेस टेस्ट पास कर सकें। यदि वे ऐसा करने में असफल रहते हैं, तो उन्हें खेलना जारी रखने की अनुमति होगी, लेकिन उनकी मैच फीस नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही, उनके भविष्य के प्रतिनिधित्व पर भी प्रश्न उठ सकते हैं।