UNGA अध्यक्ष एनालेना बेयरबॉक अगले हफ्ते भारत दौरे पर, चीन यात्रा भी तय
सारांश
Key Takeaways
- UNGA अध्यक्ष एनालेना बेयरबॉक अगले सप्ताह भारत की आधिकारिक यात्रा पर आएंगी और यह महासभा अध्यक्ष के रूप में उनकी पहली भारत यात्रा है।
- यह यात्रा भारत सरकार के निमंत्रण पर हो रही है और इसमें कई द्विपक्षीय बैठकें होंगी।
- फरवरी 2025 में UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की दिल्ली यात्रा के बाद यह भारत में संयुक्त राष्ट्र की दूसरी उच्च-स्तरीय यात्रा है।
- भारत यात्रा के बाद बेयरबॉक चीन का दौरा भी करेंगी।
- जर्मनी G-4 समूह का सदस्य है जो UN सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन करता है।
- 2022 में बेयरबॉक ने कहा था कि भारत ने 15 वर्षों में 40 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की अध्यक्ष एनालेना बेयरबॉक अगले सप्ताह भारत की आधिकारिक यात्रा पर आने वाली हैं। यह यात्रा भारत सरकार के निमंत्रण पर हो रही है और इसकी पुष्टि उनकी प्रवक्ता ला नीस कॉलिन्स ने की है। महासभा अध्यक्ष के रूप में यह बेयरबॉक की पहली भारत यात्रा होगी।
यात्रा का उद्देश्य और कार्यक्रम
प्रवक्ता ला नीस कॉलिन्स के अनुसार, इस दौरे में बेयरबॉक भारतीय अधिकारियों के साथ कई द्विपक्षीय बैठकें करेंगी। वह भारत में संयुक्त राष्ट्र की टीम से भी मुलाकात करेंगी, जिसका नेतृत्व रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर स्टीफन प्रीसनर कर रहे हैं।
भारत यात्रा के बाद बेयरबॉक चीन का दौरा भी करेंगी, जो इस पूरी कूटनीतिक यात्रा को भू-राजनीतिक दृष्टि से और भी महत्वपूर्ण बनाता है।
संयुक्त राष्ट्र की दूसरी उच्च-स्तरीय भारत यात्रा
यह भारत में संयुक्त राष्ट्र की दूसरी उच्च-स्तरीय यात्रा है। इससे पहले फरवरी 2025 में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में शामिल हुए थे। इस प्रकार संयुक्त राष्ट्र का शीर्ष नेतृत्व भारत के साथ संबंधों को नई ऊंचाई देने में सक्रिय दिख रहा है।
यह तथ्य उल्लेखनीय है कि इतने कम समय में संयुक्त राष्ट्र के दो सर्वोच्च पदाधिकारियों का भारत दौरा वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती साख और कूटनीतिक प्रभाव का संकेत देता है।
बेयरबॉक और भारत: पुराना रिश्ता
बेयरबॉक पहले भी भारत की यात्रा कर चुकी हैं। जर्मनी की विदेश मंत्री के रूप में अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने भारत के साथ संबंधों को प्रगाढ़ करने के प्रतीक स्वरूप दिल्ली मेट्रो में भी सफर किया था।
2022 में अपनी पहली भारत यात्रा के दौरान उन्होंने कहा था कि चाहे वह हिंद-प्रशांत क्षेत्र हो या उससे बाहर, इसमें कोई शक नहीं कि 21वीं सदी की अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को आकार देने में भारत एक अहम भूमिका निभाएगा।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया था कि भारत ने 15 वर्षों में 40 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है, जो यह सिद्ध करता है कि बहुलवादी समाज, स्वतंत्रता और लोकतंत्र ही आर्थिक विकास, शांति और स्थिरता के असली आधार हैं।
जर्मनी-भारत संबंध और G-4 का संदर्भ
2022 की यात्रा के दौरान हिंद-प्रशांत क्षेत्र चर्चा का केंद्र रहा और कुशल कर्मियों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए प्रवासन और गतिशीलता समझौते पर हस्ताक्षर भी किए गए थे।
2024 में वह जर्मन चांसलर ओलाफ शोल्ज के साथ जर्मनी-भारत के सातवें अंतर-सरकारी परामर्श (IGC) के लिए भारत आई थीं, जिसका मूलमंत्र था नवाचार, गतिशीलता और स्थिरता के साथ मिलकर आगे बढ़ना।
गौरतलब है कि जर्मनी G-4 समूह का सदस्य है, जिसमें भारत, ब्राजील और जापान भी शामिल हैं। यह समूह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार और स्थायी सदस्यता विस्तार की पुरजोर वकालत करता है।
भारत के लिए क्यों अहम है यह यात्रा
यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब वैश्विक भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच भारत की कूटनीतिक सक्रियता अपने चरम पर है। UNGA अध्यक्ष का दौरा भारत को वैश्विक मंच पर एक जिम्मेदार और प्रभावशाली राष्ट्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।
आने वाले दिनों में बेयरबॉक की इस यात्रा से संयुक्त राष्ट्र सुधार, सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता और वैश्विक शासन से जुड़े मुद्दों पर नई गति मिलने की उम्मीद है।