यिवू विकास अनुभव: शी चिनफिंग ने दिया काउंटी अर्थव्यवस्था को नई दिशा का निर्देश
सारांश
Key Takeaways
- शी चिनफिंग ने 24 अप्रैल 2025 को यिवू विकास अनुभव को राष्ट्रीय स्तर पर अपनाने का निर्देश जारी किया।
- यिवू चीन के चच्यांग प्रांत में स्थित है और 'छोटे उत्पादों के बड़े बाजार' के लिए विश्वप्रसिद्ध है।
- यिवू में 12.6 लाख से अधिक व्यावसायिक इकाइयां हैं और यह 230 से अधिक देशों के साथ व्यापार करता है।
- 2025 तक यिवू का विदेशी व्यापार निर्यात चीन के सभी काउंटियों में प्रथम स्थान पर रहा।
- शी चिनफिंग ने चच्यांग प्रांत में कार्यकाल के दौरान यिवू का कई बार दौरा कर इस मॉडल को विकसित करने में योगदान दिया।
- यह निर्देश चीन की काउंटी-स्तरीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण नीतिगत संकेत है।
बीजिंग, 24 अप्रैल 2025 (राष्ट्र प्रेस)। चीन के राष्ट्रपति और सीपीसी केंद्रीय समिति के महासचिव शी चिनफिंग ने हाल ही में एक अहम निर्देश जारी करते हुए कहा कि यिवू विकास अनुभव को और गहराई से समझा जाए और देशभर में इसका व्यापक उपयोग किया जाए। उन्होंने यिवू शहर को काउंटी-स्तरीय अर्थव्यवस्था के विकास का एक प्रेरणादायक और सफल उदाहरण करार दिया।
यिवू मॉडल क्या है और क्यों है खास?
चच्यांग प्रांत स्थित यिवू शहर ने दशकों में छोटे-छोटे घरेलू उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाकर एक अनूठी आर्थिक पहचान बनाई है। यहां के व्यापारियों ने स्थानीय संसाधनों और जनता की उद्यमशीलता के बल पर एक ऐसा मॉडल तैयार किया, जो आज पूरे चीन के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुका है। शी चिनफिंग ने इसे 'छोटे उत्पादों का बड़ा बाजार' की संज्ञा दी है।
शी चिनफिंग का निर्देश — मुख्य बिंदु
केंद्रीय सैन्य आयोग के अध्यक्ष शी चिनफिंग ने अपने निर्देश में स्पष्ट किया कि सभी क्षेत्रों को अपने स्वयं के संसाधनों और स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर विकास का रास्ता तय करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर की जनता की अग्रणी भावना का सम्मान करते हुए सुधार और नवाचार को प्राथमिकता दी जाए।
शी चिनफिंग ने यह भी कहा कि हर क्षेत्र को उच्च गुणवत्ता वाले विकास पथ की तलाश में दृढ़ संकल्पित रहना होगा और देश के समग्र विकास में अपनी भूमिका को और प्रभावी बनाना होगा। यह निर्देश चीन की काउंटी-स्तरीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण नीतिगत संकेत माना जा रहा है।
यिवू के साथ शी चिनफिंग का पुराना नाता
चच्यांग प्रांत में अपने कार्यकाल के दौरान शी चिनफिंग ने कई बार यिवू का दौरा किया था। उन्होंने यहां के विकास अनुभवों पर गहन शोध किया और उन्हें प्रांत भर में प्रचारित-प्रसारित करने का काम किया। इस दीर्घकालिक जुड़ाव के कारण यिवू मॉडल को आज राष्ट्रीय नीति निर्माण में विशेष स्थान मिल रहा है।
यिवू की आज की आर्थिक ताकत — आंकड़े बोलते हैं
वर्तमान में यिवू के छोटे उत्पाद बाजार में व्यावसायिक इकाइयों की संख्या 12.6 लाख से अधिक हो चुकी है। यह बाजार 230 से अधिक देशों और क्षेत्रों के साथ व्यापारिक संबंध बनाए हुए है। सबसे उल्लेखनीय तथ्य यह है कि 2025 तक यिवू का विदेशी व्यापार निर्यात चीन के सभी काउंटियों, शहरों और क्षेत्रों में प्रथम स्थान पर रहा — जो इस मॉडल की वैश्विक प्रासंगिकता को सिद्ध करता है।
वैश्विक संदर्भ में यिवू मॉडल का महत्व
यिवू का यह विकास मॉडल ऐसे समय में और अधिक प्रासंगिक हो जाता है जब दुनियाभर में वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में बदलाव हो रहे हैं और छोटे शहरों की अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत करने की जरूरत महसूस की जा रही है। भारत सहित कई विकासशील देश भी अपने छोटे शहरों और जिलों को आर्थिक केंद्र बनाने की कोशिश में लगे हैं — यिवू का अनुभव उनके लिए भी एक अध्ययन योग्य केस स्टडी है।
आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि चीन के अन्य काउंटी और जिले इस मॉडल को किस हद तक अपनाते हैं और क्या यह अनुभव वैश्विक व्यापार में चीन की स्थिति को और सुदृढ़ करता है।
(साभार — चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)