गद्दार चले गए, AAP और मजबूत होगी — अनुराग ढांडा का राघव चड्ढा पर तीखा हमला

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गद्दार चले गए, AAP और मजबूत होगी — अनुराग ढांडा का राघव चड्ढा पर तीखा हमला

सारांश

AAP मीडिया इंचार्ज अनुराग ढांडा ने राघव चड्ढा के पार्टी छोड़ने पर उन्हें 'गद्दार' करार दिया। कहा — पंजाब की जनता सबक सिखाएगी, BJP भी इन्हें स्वीकार नहीं करेगी। अशोक मित्तल पर ED छापे और पार्टी छोड़ने को बताया सुनियोजित साजिश।

Key Takeaways

  • राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी छोड़कर 25 अप्रैल 2025 को BJP में शामिल होने का निर्णय लिया।
  • AAP मीडिया इंचार्ज अनुराग ढांडा ने चड्ढा को 'गद्दार' बताया और कहा कि उनके जाने से पार्टी और मजबूत होगी।
  • ढांडा ने आरोप लगाया कि BJP ने ED का दुरुपयोग कर अशोक मित्तल पर छापा डलवाया, जिसके 10 दिन बाद उन्होंने पार्टी छोड़ी।
  • गुजरात में AAP के सोशल मीडिया हैंडल और इंस्टाग्राम अकाउंट बंद कराने का आरोप BJP पर लगाया गया।
  • ढांडा ने दावा किया कि पंजाब की जनता राघव चड्ढा को स्वीकार नहीं करेगी और उनकी राज्यसभा सदस्यता भी जाएगी।
  • AAP का कहना है कि BJP भी इन दलबदलू नेताओं को अपने भीतर स्थायी जगह नहीं दे पाएगी।

नई दिल्ली, 25 अप्रैल: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय मीडिया इंचार्ज अनुराग ढांडा ने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने शनिवार को साफ कहा कि गद्दारों के जाने से आम आदमी पार्टी और अधिक मजबूत होगी, और BJP भी इन नेताओं को अपने भीतर स्वीकार नहीं कर पाएगी।

BJP पर AAP को कमजोर करने की साजिश का आरोप

अनुराग ढांडा ने कहा कि इस वक्त BJP आम आदमी पार्टी से बुरी तरह घबराई हुई है। उनके अनुसार, खासतौर पर गुजरात में AAP की बढ़ती राजनीतिक उपस्थिति ने BJP की नींद उड़ा दी है। इसी डर के चलते BJP प्रवर्तन निदेशालय (ED) समेत अन्य जांच एजेंसियों का दुरुपयोग करके AAP नेताओं को परेशान कर रही है।

ढांडा ने आरोप लगाया कि BJP न केवल नेताओं को तोड़ने की कोशिश कर रही है, बल्कि गुजरात में AAP के इंस्टाग्राम हैंडल और समर्थकों के सोशल मीडिया अकाउंट भी बंद करवाए जा रहे हैं। उन्होंने इसे AAP की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला बताया।

राघव चड्ढा को 'गद्दार' करार, पंजाब में कड़े नतीजे की चेतावनी

अनुराग ढांडा ने राघव चड्ढा की तुलना उन लोगों से की जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अंग्रेजों से समझौता किया था। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस और भगत सिंह के पास भी समझौते का रास्ता था, लेकिन उन्होंने संघर्ष को चुना — इसीलिए इतिहास उन्हें याद करता है। देश कभी गद्दारी करने वालों को याद नहीं करता।

उन्होंने सीधे चेतावनी दी कि जब राघव चड्ढा पंजाब जाएंगे, तो वहां की जनता उन्हें कड़ा सबक सिखाएगी। ढांडा के अनुसार, पंजाब के लोग बहुत कुछ बर्दाश्त कर सकते हैं, लेकिन गद्दारी को कभी नहीं। उन्होंने यह भी दावा किया कि दिल्ली में भी राघव चड्ढा की राज्यसभा सदस्यता जाएगी।

अशोक मित्तल प्रकरण — ED छापे और पार्टी छोड़ने का सीधा संबंध?

अनुराग ढांडा ने अशोक मित्तल के मामले पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मित्तल के यहां ED की छापेमारी के ठीक 10 दिन बाद उन्होंने पार्टी छोड़ दी — यह महज संयोग नहीं हो सकता। ढांडा ने दावा किया कि यह रेड भी राघव चड्ढा की शह पर कराई गई थी और इसका मकसद AAP सांसदों को तोड़ना था।

उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन नेताओं ने पार्टी छोड़ी है, उनका कोई जनाधार नहीं था — पार्टी ने ही उन्हें राज्यसभा भेजा था। ऐसे में सिद्धांतों की बात करने से पहले उन्हें राज्यसभा की सदस्यता से त्यागपत्र देना चाहिए था।

AAP का दावा — पार्टी अब और शुद्ध और मजबूत

अनुराग ढांडा ने कहा कि गद्दारों के जाने के बाद AAP अब केवल क्रांतिकारियों और ईमानदार कार्यकर्ताओं की पार्टी बनकर उभरेगी। उनके अनुसार, नए और समर्पित लोगों को अब अवसर मिलेगा।

उन्होंने यह भी दोहराया कि अरविंद केजरीवाल की बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं को जन-जन तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता को कोई नहीं रोक सकता — चाहे BJP कितनी भी साजिशें रचे।

राजनीतिक विश्लेषण — दलबदल का यह दौर क्या संकेत देता है?

गौरतलब है कि 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद से ही AAP कई मोर्चों पर दबाव में है। अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में पार्टी की हार और अब वरिष्ठ नेताओं का पार्टी छोड़ना — ये सब मिलकर AAP के लिए एक कठिन दौर की तस्वीर खींचते हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राघव चड्ढा जैसे नेताओं का जाना AAP के लिए संगठनात्मक चुनौती तो है, लेकिन इससे BJP को भी वह राजनीतिक लाभ नहीं मिलेगा जिसकी उसे उम्मीद है — क्योंकि इन नेताओं की अपनी स्वतंत्र जनाधार वाली छवि कभी नहीं रही। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या BJP इन नेताओं को कोई महत्वपूर्ण भूमिका देती है या ये केवल प्रतीकात्मक रूप से शामिल होते हैं।

Point of View

आज उसी के नेता ED के डर से या महत्वाकांक्षा के चलते दरवाजे बदल रहे हैं। अनुराग ढांडा का 'गद्दार' वाला बयान भले ही भावनात्मक रूप से तीखा हो, लेकिन असली सवाल यह है कि AAP अपने संगठनात्मक ढांचे को फिर से खड़ा कैसे करेगी — क्योंकि BJP के लिए भी ये नेता ट्रॉफी से ज्यादा कुछ नहीं हैं।
NationPress
25/04/2026

Frequently Asked Questions

राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी क्यों छोड़ी?
राघव चड्ढा ने AAP छोड़कर BJP का दामन थाम लिया। AAP का आरोप है कि यह ED के दबाव और सुनियोजित साजिश का नतीजा है, जबकि चड्ढा ने पार्टी पर सिद्धांतों से भटकने का आरोप लगाया।
अनुराग ढांडा ने राघव चड्ढा के बारे में क्या कहा?
AAP मीडिया इंचार्ज अनुराग ढांडा ने राघव चड्ढा को 'गद्दार' करार दिया और कहा कि पंजाब की जनता उन्हें कभी स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि BJP भी इन्हें अपने भीतर जगह नहीं दे पाएगी।
अशोक मित्तल और ED छापे का AAP से क्या संबंध है?
अनुराग ढांडा ने दावा किया कि अशोक मित्तल के यहां ED छापे के ठीक 10 दिन बाद उन्होंने पार्टी छोड़ी, जो संयोग नहीं बल्कि राघव चड्ढा की शह पर रची गई साजिश थी।
क्या राघव चड्ढा की राज्यसभा सदस्यता जाएगी?
अनुराग ढांडा ने दावा किया है कि दिल्ली में राघव चड्ढा की राज्यसभा सदस्यता जाएगी। AAP का तर्क है कि सिद्धांतों के नाम पर पार्टी छोड़ने से पहले राज्यसभा की सीट वापस करनी चाहिए थी।
AAP में दलबदल का पंजाब पर क्या असर होगा?
अनुराग ढांडा के अनुसार पंजाब की जनता गद्दारी बर्दाश्त नहीं करती, इसलिए राघव चड्ढा वहां राजनीतिक रूप से स्वीकार्य नहीं होंगे। पंजाब में AAP की सरकार है, इसलिए यह दलबदल वहां BJP को कोई खास फायदा नहीं देगा।
Nation Press