यूपी सरकार ने पारदर्शिता के लिए पंच एआई के साथ एमओयू को रद्द किया
सारांश
Key Takeaways
- पारदर्शिता और सुशासन को बढ़ावा देना आवश्यक है।
- कंपनी की वित्तीय स्थिति की उचित जांच आवश्यक होती है।
- एमओयू केवल संभावनाओं की खोज के लिए होता है, अंतिम मंजूरी नहीं।
लखनऊ, 26 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश सरकार ने पारदर्शिता और सुशासन के सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए पंच एआई के साथ हुआ समझौता रद्द कर दिया है।
निवेश प्रोत्साहन एजेंसी इन्वेस्ट यूपी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पेज पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि 23 मार्च को हस्ताक्षरित इस एमओयू की मानक प्रक्रिया के अंतर्गत समीक्षा की गई थी।
एजेंसी के अनुसार, निवेशक से आवश्यक दस्तावेज और जानकारी मांगी गई थी, लेकिन कंपनी समय पर आवश्यक विवरण उपलब्ध नहीं करवा सकी। ड्यू डिलिजेंस (जांच) के दौरान कंपनी की नेटवर्थ और इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए विश्वसनीय वित्तीय आधार की कमी सामने आई।
इसके परिणामस्वरूप, राज्य सरकार के निर्देश पर इस एमओयू को तुरंत रद्द कर दिया गया। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि अब इस समझौते से संबंधित कोई अधिकार या दायित्व नहीं रह गया है।
यह ध्यान देने योग्य है कि इन्वेस्ट यूपी ने पंच एआई के साथ राज्य में लगभग 25,000 करोड़ रुपये के निवेश से एआई पार्क स्थापित करने के लिए समझौता किया था।
इससे पहले, इस स्टार्टअप की वित्तीय और संचालन क्षमता पर प्रश्न उठाए जा चुके थे। माना जा रहा है कि पंच एआई एक नई कंपनी है, जिसकी वार्षिक आय 50 लाख रुपये से भी कम है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस मुद्दे पर स्पष्ट किया था कि इन्वेस्ट यूपी के माध्यम से हस्ताक्षरित एमओयू केवल प्रारंभिक चरण है और इससे किसी परियोजना की अंतिम मंजूरी या कार्यान्वयन की गारंटी नहीं होती।
उन्होंने कहा था कि यह समझौता केवल संभावनाओं की तलाश और आगे की प्रक्रिया के लिए एक प्रारंभिक कदम है, जिसके बाद विस्तृत जांच और मूल्यांकन किया जाता है।