23 अक्टूबर 2026
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मिशन कर्मयोगी में UP अव्वल: डॉ. जितेंद्र सिंह बोले — प्रशासनिक सुधारों में उत्तर प्रदेश देश का रोल मॉडल

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मिशन कर्मयोगी में UP अव्वल: डॉ. जितेंद्र सिंह बोले — प्रशासनिक सुधारों में उत्तर प्रदेश देश का रोल मॉडल

सारांश

लखनऊ में उत्तर क्षेत्रीय कार्यशाला में केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने उत्तर प्रदेश को मिशन कर्मयोगी में देश का अव्वल राज्य बताया — जहाँ 19 लाख+ कार्मिक पंजीकृत हैं, 3.75 करोड़ से अधिक पाठ्यक्रम पूरे हुए हैं और 350+ प्रशिक्षण संस्थान उन्नति पोर्टल पर दर्ज हैं।

मुख्य बातें

जितेंद्र सिंह ने 23 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में कहा कि उत्तर प्रदेश प्रशासनिक सुधारों में देश का रोल मॉडल है।
मिशन कर्मयोगी के तहत उत्तर प्रदेश ने देशभर में प्रथम स्थान हासिल किया है।
आई-गॉट कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर UP के 19 लाख से अधिक उपयोगकर्ता पंजीकृत; 3.75 करोड़ पाठ्यक्रम पूर्ण और 47 करोड़+ लर्निंग अवर्स दर्ज।
उन्नति पोर्टल पर UP के 350 से अधिक प्रशिक्षण संस्थान पंजीकृत — देश में सर्वाधिक।
कार्यशाला में 8 राज्यों और 4 केंद्रशासित प्रदेशों ने भागीदारी की।
गोयल ने कहा — योजनाओं की सफलता उनकी संख्या नहीं, नागरिकों तक पहुँच से मापी जाएगी।

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 23 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में आयोजित उत्तर क्षेत्रीय कार्यशाला में कहा कि उत्तर प्रदेश प्रशासनिक सुधारों और क्षमता विकास के क्षेत्र में पूरे देश के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 से ही ऐसी शासन व्यवस्था गढ़ने का प्रयास जारी है जो नागरिक-केंद्रित, पारदर्शी और जवाबदेह हो।

मिशन कर्मयोगी में उत्तर प्रदेश की उपलब्धियाँ

मिशन कर्मयोगी के तहत उत्तर प्रदेश ने देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। आई-गॉट कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर देशभर में लगभग 1.70 करोड़ कार्मिकों के पंजीकरण के बीच अकेले उत्तर प्रदेश से 19 लाख से अधिक उपयोगकर्ता पंजीकृत हैं। राज्य में अब तक लगभग 3.75 करोड़ पाठ्यक्रम पूर्ण किए जा चुके हैं और 47 करोड़ से अधिक लर्निंग अवर्स दर्ज हुए हैं। उन्नति पोर्टल पर यूपी के 350 से अधिक प्रशिक्षण संस्थान एवं प्रशिक्षण इकाइयाँ पंजीकृत हैं, जो देश में सर्वाधिक हैं।

2014 से शुरू हुई सुधारों की यात्रा

डॉ. सिंह ने बताया कि 2014 में केंद्र सरकार बनने के बाद राजपत्रित अधिकारियों से दस्तावेज़ सत्यापन की अनिवार्यता समाप्त की गई और सरकारी भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया गया। प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान पर भर्ती प्रक्रिया से साक्षात्कार की व्यवस्था समाप्त करने की दिशा में पहल की गई, ताकि चयन में भेदभाव की आशंकाएँ कम हों। उन्होंने रोज़गार मेले, केंद्रीयकृत लोक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली (CPGRAMS) तथा डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जैसी पहलों का भी उल्लेख किया, जिनमें बायोमेट्रिक और फेस रिकग्निशन तकनीक के उपयोग से पेंशनभोगियों को सुविधा मिली है।

रूल बेस्ड से रोल बेस्ड प्रशासन की ओर

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रशासन में 'रूल बेस्ड' दृष्टिकोण से आगे बढ़कर 'रोल बेस्ड' कार्यप्रणाली अपनाना समय की माँग है। मिशन कर्मयोगी और आई-गॉट कर्मयोगी प्लेटफॉर्म इसी सोच को आगे बढ़ाते हैं। गौरतलब है कि प्रदेश में योग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर भी बड़ी संख्या में प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरे किए गए हैं, जो आधुनिक शासन की ज़रूरतों के अनुरूप हैं।

मुख्य सचिव और क्षमता निर्माण आयोग की भूमिका

कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने कहा कि शासन की योजनाओं की सफलता उनकी संख्या से नहीं, बल्कि इस बात से तय होती है कि उनका लाभ आम नागरिकों तक कितनी प्रभावी, पारदर्शी और समान रूप से पहुँच रहा है। क्षमता निर्माण आयोग की अध्यक्ष एस. राधा चौहान ने कहा कि 'विकसित भारत' के लक्ष्य को पाने के लिए सक्षम, दक्ष और नागरिक-केंद्रित सिविल सेवाओं का निर्माण अनिवार्य है। उन्होंने साधना सप्ताह के दौरान शुरू की गई उन्नति अभियान, कर्मयोगी कर्तव्य कार्यक्रम और कर्मयोगी क्वालिटी फ्रेमवर्क जैसी पहलों का उल्लेख किया।

आगे की राह

इस कार्यशाला में आठ राज्यों और चार केंद्रशासित प्रदेशों की भागीदारी रही। इसमें प्रशिक्षण संस्थानों की क्षमता बढ़ाने और आधुनिक प्रशिक्षण पद्धतियाँ अपनाने पर जोर दिया गया। डॉ. सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश का अनुभव अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणादायक है, और राज्य सुशासन व प्रशासनिक क्षमता विकास में राष्ट्रीय रोल मॉडल की भूमिका निभाता रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 19 लाख पंजीकरण और 47 करोड़ लर्निंग अवर्स के आँकड़े तभी सार्थक हैं जब ज़मीन पर सेवा-वितरण में वास्तविक सुधार हो। प्रशिक्षण की मात्रा और गुणवत्ता का अंतर अक्सर नज़रअंदाज़ किया जाता है। कर्मयोगी क्वालिटी फ्रेमवर्क की शुरुआत इस खाई को पाटने की कोशिश है, पर इसके स्वतंत्र मूल्यांकन का कोई तंत्र अभी सार्वजनिक नहीं हुआ। असली परीक्षा यह होगी कि लखनऊ की कार्यशाला का संदेश जिला और ब्लॉक स्तर तक पहुँचता है या नहीं।
RashtraPress
23 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मिशन कर्मयोगी में उत्तर प्रदेश का प्रदर्शन कैसा रहा है?
मिशन कर्मयोगी के तहत उत्तर प्रदेश ने देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। आई-गॉट कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर UP से 19 लाख से अधिक कार्मिक पंजीकृत हैं और लगभग 3.75 करोड़ पाठ्यक्रम पूरे किए गए हैं।
आई-गॉट कर्मयोगी प्लेटफॉर्म क्या है?
आई-गॉट कर्मयोगी एक केंद्र सरकार का डिजिटल प्रशिक्षण पोर्टल है जो सिविल सेवकों की क्षमता विकास के लिए बनाया गया है। इस पर देशभर में लगभग 1.70 करोड़ कार्मिक पंजीकृत हैं, जिनमें से उत्तर प्रदेश के 19 लाख से अधिक उपयोगकर्ता हैं।
उत्तर क्षेत्रीय कार्यशाला में किन राज्यों ने भाग लिया?
23 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में आयोजित इस कार्यशाला में 8 राज्यों और 4 केंद्रशासित प्रदेशों की भागीदारी रही। इसमें प्रशिक्षण संस्थानों की क्षमता बढ़ाने और आधुनिक प्रशिक्षण पद्धतियाँ अपनाने पर विशेष जोर दिया गया।
उन्नति पोर्टल पर उत्तर प्रदेश की क्या स्थिति है?
उन्नति पोर्टल पर उत्तर प्रदेश के 350 से अधिक प्रशिक्षण संस्थान और प्रशिक्षण इकाइयाँ पंजीकृत हैं, जो पूरे देश में सर्वाधिक है। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने इसे विभागों और अधिकारियों के सामूहिक प्रयास का परिणाम बताया।
2014 के बाद प्रशासनिक सुधारों में क्या बड़े बदलाव आए?
2014 के बाद राजपत्रित अधिकारियों से दस्तावेज़ सत्यापन की अनिवार्यता समाप्त की गई और सरकारी भर्ती में साक्षात्कार की व्यवस्था हटाने की दिशा में पहल हुई। CPGRAMS, डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र और रोज़गार मेले जैसी पहलें भी इसी दौर में शुरू हुईं।
राष्ट्र प्रेस
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