चमोली में बेकाबू ट्रक की टक्कर से बस और कार क्षतिग्रस्त, दो लोग घायल; चकराता में खाई में गिरी कार से एक की मौत
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के चमोली जिले में 4 अक्टूबर 2026 की तड़के एक बड़ा सड़क हादसा हुआ, जब देवलीबगड़ बैंड के पास एक अनियंत्रित ट्रक ने पहले एक बस को टक्कर मारी और फिर सामने से आ रही एक कार से जा भिड़ा। इस हादसे में कार सवार दो लोग घायल हो गए और तीनों वाहनों को नुकसान पहुँचा। पुलिस ने मामले में नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह घटना रविवार तड़के करीब 3:16 बजे की है। चमोली की ओर से आ रहा ट्रक संख्या यूके13सीए-3917 देवलीबगड़ बैंड के पास अचानक अनियंत्रित हो गया। इसके बाद ट्रक ने ऋषिकेश की ओर से आ रही बस संख्या यूके07पीए-7700 को जोरदार टक्कर मारी।
टक्कर के बाद ट्रक गलत दिशा में बढ़ गया और सामने से आ रही कार संख्या यूके08टीए-5500 से भी टकरा गया। हादसे में ट्रक, बस और कार — तीनों वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।
घायलों की स्थिति
हादसे में कार सवार रूबी मंगरीश, निवासी नॉर्थ गोवा, और कार चालक ताज सिंह घायल हुए। दोनों के सिर में चोटें आईं और उन्हें उपचार के लिए राजकीय अस्पताल कर्णप्रयाग भेजा गया है। उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
ट्रक चालक की पहचान सुरेंद्र रावत, निवासी श्रीनगर, पौड़ी गढ़वाल के रूप में हुई है। पुलिस उनसे भी पूछताछ कर रही है।
चकराता में भी भीषण हादसा, एक की मौत
इसी दौरान उत्तराखंड के चकराता क्षेत्र में भी एक गंभीर सड़क हादसे की सूचना है। एसडीआरएफ अधिकारियों के अनुसार, 2 अक्टूबर को देहरादून के ट्यूनी में चिल्लाड के पास एक फोर्ड कार लगभग 100 मीटर गहरी खाई में जा गिरी।
इस दुर्घटना में 39 वर्षीय दुर्गेश चौधरी की मौत हो गई। घायलों में 27 वर्षीय सुनील मंडल और देहरादून निवासी ऋषभ शामिल हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस की कार्रवाई और पृष्ठभूमि
पुलिस ने चमोली हादसे में ट्रक चालक के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई प्रारंभ कर दी है। गौरतलब है कि उत्तराखंड के पहाड़ी मार्गों पर रात के समय बड़े वाहनों की आवाजाही से होने वाली दुर्घटनाओं के मामले लगातार सामने आते रहे हैं। यह ऐसे समय में हुआ है जब राज्य में पर्यटन सीजन के चलते सड़कों पर यातायात का दबाव बढ़ा हुआ है।
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी इलाकों में रात के समय भारी वाहनों की गति पर कड़ी निगरानी आवश्यक है। आगे इस मामले में जाँच के परिणाम और प्रशासनिक कदमों पर नज़र बनी रहेगी।