8 अगस्त 2026
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चंबा बस हादसा: अनियंत्रित बस खाई में गिरी, 7 की मौत, 11 घायल — दो महीनों में 25 से अधिक जानें गईं

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चंबा बस हादसा: अनियंत्रित बस खाई में गिरी, 7 की मौत, 11 घायल — दो महीनों में 25 से अधिक जानें गईं

सारांश

हिमाचल के चंबा में शनिवार सुबह एक निजी बस चालुज मोड़ पर अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई — 7 मौतें, 11 घायल। यह पिछले दो महीनों में जिले की सड़कों पर 25 से अधिक जानें लेने वाली दुर्घटनाओं की श्रृंखला की ताज़ा कड़ी है।

मुख्य बातें

8 अगस्त को चंबा जिले के चालुज मोड़ पर निजी बस के खाई में गिरने से 7 लोगों की मौत , जिनमें चालक और परिचालक शामिल हैं।
बस सुबह 6:30 बजे बैरागढ़ से चंबा के लिए रवाना हुई थी; बस में 18 यात्री सवार थे।
11 घायल यात्रियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मृतकों और घायलों की पहचान तथा हादसे के कारणों की जाँच जारी है।
पिछले दो महीनों में चंबा जिले में विभिन्न सड़क हादसों में 25 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।
28 जुलाई को भी पठानकोट-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक वाहन खाई में गिरने से 5 लोगों की मौत हुई थी।

हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में शनिवार, 8 अगस्त की सुबह एक निजी बस के खाई में गिरने से चालक और परिचालक समेत 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 11 अन्य यात्री घायल हुए। चंबा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने मृतकों और घायलों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। सभी घायलों को निकटवर्ती अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

हादसे का घटनाक्रम

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह निजी बस सुबह करीब 6:30 बजे बैरागढ़ से चंबा के लिए रवाना हुई थी। लगभग तीन किलोमीटर का सफर तय करने के बाद तीसा-बैरागढ़ मुख्य मार्ग पर देवीकोठी के निकट चालुज मोड़ पर बस अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे जा गिरी। बस में कुल 18 यात्री सवार थे।

दुर्घटना के तुरंत बाद कई यात्री बस के नीचे दब गए। स्थानीय निवासियों और राहगीरों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया और फँसे यात्रियों को बाहर निकालने में मदद की। पुलिस को सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुँची और कड़ी मशक्कत के बाद सभी यात्रियों को बाहर निकाल कर घायलों को अस्पताल भेजा गया।

मृतकों और घायलों की पहचान

अधिकारियों के अनुसार, अब तक मृतकों और घायलों की आधिकारिक पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। हादसे के सटीक कारणों की भी जाँच जारी है। चंबा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण स्थिति पर नज़र बनाए हुए है।

चंबा में बढ़ते सड़क हादसे

यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब चंबा जिला पहले से ही लगातार सड़क दुर्घटनाओं की चपेट में है। पिछले दो महीनों में जिले में अलग-अलग बड़े हादसों में 25 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। हाल ही में चंबा की सीमा के निकट भूस्खलन की चपेट में आने से एक टाटा सूमो में सवार 13 लोगों की मौत हुई थी।

इससे पहले 28 जुलाई को पठानकोट-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर लाहाड़ गाँव के पास एक वाहन गहरी खाई में जा गिरा था, जिसमें एक बच्चे समेत 5 लोगों की मौत हो गई थी। बताया गया कि वाहन में सवार सभी लोग किसी के उपचार के लिए जा रहे थे।

पहाड़ी सड़कों पर सुरक्षा का सवाल

गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश की पहाड़ी सड़कें, विशेषकर चंबा जिले के संकरे और घुमावदार मार्ग, मानसून के दौरान अत्यंत जोखिमभरे हो जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भूस्खलन, सड़कों की खराब स्थिति और ओवरलोडिंग इस क्षेत्र में दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण हैं। लगातार हो रहे हादसों के बीच पहाड़ी मार्गों पर वाहन सुरक्षा और नियमित निरीक्षण की माँग तेज़ हो रही है।

आगे जाँच में दुर्घटना के कारण और जिम्मेदारी स्पष्ट होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक प्रणालीगत विफलता है। पहाड़ी मार्गों पर वाहनों की फिटनेस जाँच, चालकों की थकान और मानसून में सड़क रखरखाव — इन तीनों मोर्चों पर जवाबदेही का अभाव स्पष्ट है। राज्य सरकार हर हादसे के बाद जाँच का आश्वासन देती है, लेकिन दुर्घटनाओं की आवृत्ति बताती है कि ज़मीन पर बदलाव नहीं आ रहा। जब तक निजी बस ऑपरेटरों पर नियमित निरीक्षण और दंड का ठोस तंत्र नहीं बनता, ये आँकड़े बढ़ते रहेंगे।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चंबा बस हादसा कहाँ और कब हुआ?
यह हादसा 8 अगस्त को सुबह करीब 6:30 बजे हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में तीसा-बैरागढ़ मुख्य मार्ग पर देवीकोठी के निकट चालुज मोड़ पर हुआ। बैरागढ़ से चंबा जा रही निजी बस लगभग तीन किलोमीटर चलने के बाद अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे गिर गई।
इस हादसे में कितने लोगों की मौत हुई और कितने घायल हैं?
चंबा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, हादसे में चालक और परिचालक समेत 7 लोगों की मौत हुई है और 11 यात्री घायल हैं। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
हादसे में कितने लोग बस में सवार थे और बचाव कार्य कैसे हुआ?
बस में कुल 18 यात्री सवार थे। दुर्घटना के बाद स्थानीय निवासियों और राहगीरों ने तत्काल राहत कार्य शुरू कर फँसे यात्रियों को बाहर निकाला। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर कड़ी मशक्कत से बचाव अभियान पूरा किया।
चंबा में सड़क हादसों की स्थिति कितनी गंभीर है?
पिछले दो महीनों में चंबा जिले में अलग-अलग सड़क हादसों में 25 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। हाल ही में भूस्खलन से एक टाटा सूमो में सवार 13 लोगों की मौत हुई थी, और 28 जुलाई को पठानकोट-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक वाहन के खाई में गिरने से 5 लोग मारे गए थे।
हादसे के कारणों की जाँच कहाँ तक पहुँची है?
अधिकारियों के अनुसार, हादसे के सटीक कारणों और मृतकों-घायलों की पहचान की आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है। जाँच जारी है और चंबा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण स्थिति पर नज़र बनाए हुए है।
राष्ट्र प्रेस
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