चंबा बस हादसा: 7 मौतें, 11 घायल; PM मोदी और CM सुक्खू ने जताया शोक
सारांश
मुख्य बातें
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में 8 अगस्त की सुबह एक निजी बस के खाई में गिरने से 7 लोगों की मौत हो गई और 11 अन्य घायल हो गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दर्दनाक हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनाएं प्रकट की हैं।
हादसे का घटनाक्रम
यह दुर्घटना सुबह करीब 6:30 बजे उस समय हुई जब एक निजी बस बैरागढ़ से चंबा की ओर जा रही थी। तीसा-बैरागढ़ मुख्य मार्ग पर देवीकोठी के पास चालुज मोड़ पर बस अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे जा गिरी। बस में कुल 18 यात्री सवार थे, जिनमें से कुछ वाहन के नीचे दब गए।
चंबा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बाद में 7 मौतों और 11 लोगों के घायल होने की आधिकारिक पुष्टि की। हादसे के सटीक कारणों तथा मृतकों व घायलों की पहचान की आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
PM मोदी की संवेदनाएं
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'हिमाचल प्रदेश के चंबा में हुए हादसे में लोगों की जान जाना बेहद दुखद है। जिन परिवारों ने अपनों को खोया है, उनके प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। घायल लोग जल्द स्वस्थ हों।'
CM सुक्खू और BJP सांसद की प्रतिक्रिया
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'चंबा जिला के तीसा-बैरागढ़ मार्ग पर चालुज मोड़ के पास हुए बस हादसे में 7 लोगों के निधन और अन्य 11 के घायल होने का समाचार अत्यंत दुखद है। इस दुखद हादसे में अपनों को खोने वाले परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।' मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को सभी घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराकर उचित उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद सुरेश कश्यप ने भी शोक व्यक्त करते हुए लिखा, 'जिला चंबा के बैरागढ़ क्षेत्र में चलूंज मोड़ के समीप चंबा–बैरागढ़ मार्ग पर शर्मा बस के दुर्घटनाग्रस्त होने का समाचार अत्यंत दुखद है। इस भीषण सड़क हादसे में कई लोगों के असामयिक निधन की खबर अत्यंत पीड़ादायक है।'
आगे क्या
घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और उनका उपचार जारी है। मृतकों व घायलों की पहचान की प्रक्रिया चल रही है। गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी मार्गों पर वर्षा ऋतु के दौरान बस दुर्घटनाओं की घटनाएं बढ़ जाती हैं, और यह हादसा उसी चिंताजनक प्रवृत्ति की एक और कड़ी है।