चंबा जिले में बोलेरो खाई में गिरी: तीन महिलाओं समेत 7 की मौत, कुठेड़ गांव में शोक
सारांश
मुख्य बातें
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में बुधवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में सात लोगों की मौत हो गई, जब चंबा-मसरूंड मार्ग पर एक बोलेरो एसयूवी सड़क से फिसलकर गहरी खाई में जा गिरी। वाहन में सवार सभी सातों यात्री — चार पुरुष और तीन महिलाएं — मौके पर ही दम तोड़ गए। सभी मृतक चंबा जिले के गांव कुठेड़ के निवासी बताए जा रहे हैं।
मुख्य घटनाक्रम
घटना 18 जून की देर रात चंबा-मसरूंड मार्ग पर हुई। बोलेरो वाहन अनियंत्रित होकर सड़क से फिसला और गहरी खाई में जा गिरा। दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। अंधेरे और दुर्गम पहाड़ी इलाके के कारण राहत एवं बचाव कार्य में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
स्थानीय लोगों की सक्रिय मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया और सभी सात शवों को खाई से बाहर निकाला गया। सभी पार्थिव शरीरों को पोस्टमार्टम के लिए पंडित जवाहरलाल नेहरू राजकीय मेडिकल कॉलेज, चंबा भेजा गया।
पुलिस की प्रतिक्रिया और जांच
घटनास्थल पर पहुंचे चंबा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार ने बताया कि पुलिस टीम ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर राहत एवं बचाव कार्य किया। उन्होंने कहा, 'हादसे में सात लोगों की मौत हुई है। सभी पहलुओं की जांच की जा रही है ताकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।'
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, एसयूवी का अनियंत्रित होना अथवा सड़क की खराब स्थिति इस हादसे का कारण हो सकती है, हालांकि इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
स्थानीय समुदाय पर असर
ग्राम पंचायत मसरूंड के उपप्रधान रवि कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी सुबह मिली, जिसके बाद स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य में हाथ बंटाया। उन्होंने कहा कि रात के अंधेरे में हुआ यह हादसा बेहद दर्दनाक था और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी मार्गों पर सड़क हादसे लगातार चिंता का विषय बने हुए हैं। संकरी सड़कें, तीखे मोड़ और रात के समय दृश्यता की कमी इन दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण माने जाते हैं।
क्या होगा आगे
पुलिस दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच के बाद दुर्घटना की पूरी परिस्थितियां स्पष्ट होंगी। स्थानीय प्रशासन से इस मार्ग की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की मांग भी उठने लगी है।