28 जुलाई 2026
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चंबा में दर्दनाक सड़क हादसा: पठानकोट-भरमौर हाईवे पर खाई में गिरी गाड़ी, एक साल के बच्चे समेत 5 की मौत

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चंबा में दर्दनाक सड़क हादसा: पठानकोट-भरमौर हाईवे पर खाई में गिरी गाड़ी, एक साल के बच्चे समेत 5 की मौत

सारांश

हिमाचल प्रदेश के चंबा में पठानकोट-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलवार को एक वाहन खाई में गिर गया। इस दर्दनाक हादसे में एक साल के मासूम बच्चे समेत 5 लोगों की जान चली गई। वाहन में सवार लोग उपचार के लिए जा रहे थे। हादसे के कारणों की जांच जारी है।

मुख्य बातें

28 जुलाई को पठानकोट-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर लाहाड़ गांव के पास वाहन गहरी खाई में गिरा।
हादसे में एक साल के मासूम बच्चे सहित 5 लोगों की मौत हो गई।
वाहन में सवार लोग किसी के उपचार के लिए जा रहे थे।
राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने के कारण बचाव दल को घटनास्थल तक पहुँचने में कठिनाई हुई।
मृतकों की पहचान अभी सार्वजनिक नहीं; आधिकारिक पुष्टि के बाद जानकारी दी जाएगी।
हादसे के वास्तविक कारणों की जांच शुरू कर दी गई है।

हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में मंगलवार, 28 जुलाई को एक भीषण सड़क दुर्घटना में एक साल के मासूम बच्चे सहित 5 लोगों की मौत हो गई, जब पठानकोट-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर लाहाड़ गांव के निकट एक वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा। प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य पूरा होने की पुष्टि की है और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है।

मुख्य घटनाक्रम

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वाहन में सवार सभी लोग किसी के उपचार के लिए जा रहे थे। रास्ते में ही यह त्रासदी घटी और पूरा परिवार अपने गंतव्य तक पहुँचने से पहले ही बिछड़ गया। पठानकोट-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यह हादसा उस वक्त हुआ जब वाहन अचानक अनियंत्रित हो गया और सड़क किनारे की गहरी खाई में जा गिरा।

यह हादसा ऐसे समय में आया है जब हिमाचल प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान पहाड़ी सड़कों पर दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। चंबा जैसे दुर्गम पहाड़ी जिले में संकरी और घुमावदार सड़कें पहले भी कई जानलेवा हादसों की गवाह रही हैं।

बचाव अभियान में आई मुश्किलें

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत-बचाव दल तत्काल मौके के लिए रवाना हुए। हालांकि, राष्ट्रीय राजमार्ग के पूरी तरह बंद होने के कारण बचाव दल को घटनास्थल तक पहुँचने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद अभियान जारी रखा गया और सभी 5 शवों को खाई से सफलतापूर्वक बाहर निकाला गया।

पुलिस ने शवों को अपने कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, मृतकों की पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है और आधिकारिक पुष्टि के बाद ही विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।

जांच के दायरे में हादसे के कारण

प्रशासन ने बताया कि वाहन के अनियंत्रित होने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। यह स्पष्ट नहीं है कि वाहन तकनीकी खराबी, सड़क की दशा या किसी अन्य कारण से खाई में गिरा। जांच एजेंसियां सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।

गौरतलब है कि चंबा-भरमौर मार्ग पर इस तरह की दुर्घटनाएं नई नहीं हैं। पहाड़ी इलाकों में खराब सड़क अवसंरचना और मानसून में भूस्खलन की आशंका इस मार्ग को विशेष रूप से जोखिम भरा बना देती है।

आम जनता पर असर

इस हादसे ने चंबा जिले में शोक की लहर फैला दी है। एक ही पल में पाँच जिंदगियाँ खत्म हो गईं — जिनमें एक साल का मासूम बच्चा भी शामिल था — यह तथ्य पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल गया है। स्थानीय लोगों ने पहाड़ी सड़कों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता जताई है।

क्या होगा आगे

प्रशासन के अनुसार, मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है और परिजनों को सूचित किए जाने के बाद जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। हादसे के कारणों पर जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। पहाड़ी सड़कों पर सुरक्षा उपायों की समीक्षा की मांग भी जोर पकड़ सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि हिमाचल प्रदेश की पहाड़ी सड़कों पर बार-बार उजागर होती उस संरचनात्मक विफलता का प्रतिबिंब है जिसे हर मानसून सीजन में नजरअंदाज किया जाता है। उपचार के लिए निकला एक परिवार रास्ते में ही काल का ग्रास बन गया — यह तथ्य सड़क सुरक्षा और आपातकालीन पहुँच की खामियों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। राष्ट्रीय राजमार्ग के बंद होने से बचाव दल की देरी यह भी बताती है कि दुर्गम इलाकों में आपदा प्रतिक्रिया तंत्र अभी भी पर्याप्त नहीं है। जब तक सड़क सुरक्षा ऑडिट और त्वरित बचाव तंत्र को प्राथमिकता नहीं दी जाती, ऐसी त्रासदियाँ दोहराती रहेंगी।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चंबा में लाहाड़ गांव के पास हुए हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?
इस हादसे में एक साल के मासूम बच्चे सहित कुल 5 लोगों की मौत हुई। वाहन पठानकोट-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा।
हादसे में सवार लोग कहाँ जा रहे थे?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वाहन में सवार सभी लोग किसी के उपचार के लिए जा रहे थे। रास्ते में ही यह दुर्घटना हो गई और वे अपने गंतव्य तक नहीं पहुँच सके।
बचाव दल को घटनास्थल तक पहुँचने में क्यों देरी हुई?
राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह बंद होने के कारण पुलिस और राहत-बचाव दल को घटनास्थल तक पहुँचने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद अभियान चलाकर सभी शवों को खाई से निकाला गया।
मृतकों की पहचान कब सार्वजनिक होगी?
प्रशासन के अनुसार, मृतकों की पहचान आधिकारिक पुष्टि के बाद ही सार्वजनिक की जाएगी। फिलहाल पहचान की प्रक्रिया जारी है।
हादसे के कारणों की जांच कहाँ तक पहुँची है?
वाहन के अनियंत्रित होने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। यह अभी स्पष्ट नहीं है कि तकनीकी खराबी, सड़क की दशा या कोई अन्य कारण जिम्मेदार है।
राष्ट्र प्रेस
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