उत्तराखंड यूसीसी लागू करने वाला पहला राज्य, महामंडलेश्वर करौली शंकर महादेव ने CM धामी की सराहना की
सारांश
मुख्य बातें
देश में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर राष्ट्रीय बहस के बीच हरिद्वार में महामंडलेश्वर करौली शंकर महादेव ने 16 सितंबर 2026 को अपना स्पष्ट पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देश में UCC को पारित करने और सख्ती से लागू करने वाला पहला राज्य बन चुका है, और अब अन्य राज्य भी इस मॉडल को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
उत्तराखंड का यूसीसी मॉडल
महामंडलेश्वर करौली शंकर महादेव ने कहा कि उत्तराखंड ने UCC को न केवल विधानसभा में पारित किया, बल्कि उसे ज़मीनी स्तर पर सख्ती से लागू भी किया। उन्होंने सवाल किया कि इसमें गलत क्या है। उनके अनुसार, यह कदम देश के अन्य राज्यों के लिए एक मिसाल बन रहा है और दूसरे राज्य भी इस मॉडल को अपनाने पर विचार कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री धामी के कार्यकाल की सराहना
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए महामंडलेश्वर ने उनके नेतृत्व की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धामी एक समर्पित और जिम्मेदार व्यक्ति हैं जो अपने संकल्पों को पूरा करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध हैं। उनके अनुसार, धामी ने कई कड़े कानून बनाए और उन्हें लागू भी करवाया — वे महज कानून बनाकर नहीं रुके।
महामंडलेश्वर ने कहा, 'धामी ने अपने कार्यकाल में जो काम किया है, वह बेमिसाल है। उन्होंने असाधारण काम किया है।' उन्होंने यह भी कहा कि किसी की भी धार्मिक भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचने दी गई और देवभूमि को उसकी पवित्रता के अनुरूप संवारने का काम किया गया।
दंगा, धर्मांतरण और अतिक्रमण विरोधी कदम
करौली शंकर महादेव ने बताया कि उत्तराखंड सरकार ने दंगे और धर्मांतरण से संबंधित कड़े कानून बनाए हैं और उन्हें लागू किया जा रहा है। यदि दंगों में किसी सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान होता है, तो उसकी भरपाई जिम्मेदार लोगों से कराने की व्यवस्था पर काम किया गया है।
उन्होंने राज्य में चले अतिक्रमण विरोधी अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके तहत पहाड़ी और अन्य इलाकों में करीब 20 हजार एकड़ जमीन खाली कराई गई है। उन्होंने इस अभियान को 'लैंड जिहाद' के विरुद्ध कार्रवाई बताया।
विकास और सांस्कृतिक संरक्षण का संतुलन
महामंडलेश्वर करौली शंकर महादेव के अनुसार, उत्तराखंड एक छोटा राज्य है, लेकिन अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने में अग्रणी है। सरकार ने लोककल्याण के साथ-साथ सभी वर्गों के लिए कार्य किया है और रोज़गार व आजीविका से जुड़े मुद्दों पर भी ध्यान दिया गया है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धामी ने राज्य के विकास के साथ-साथ धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए काम किया है। देवभूमि की पवित्रता को बनाए रखते हुए सभी वर्गों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान किया गया है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अन्य राज्य उत्तराखंड के UCC मॉडल को किस रूप में अपनाते हैं।