16 सितंबर 2026
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उत्तराखंड यूसीसी लागू करने वाला पहला राज्य, महामंडलेश्वर करौली शंकर महादेव ने CM धामी की सराहना की

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उत्तराखंड यूसीसी लागू करने वाला पहला राज्य, महामंडलेश्वर करौली शंकर महादेव ने CM धामी की सराहना की

सारांश

उत्तराखंड ने UCC लागू कर देश में एक मिसाल कायम की है — और अब अन्य राज्य भी इस रास्ते पर चलने की तैयारी में हैं। हरिद्वार में महामंडलेश्वर करौली शंकर महादेव ने CM धामी के कार्यकाल को 'बेमिसाल' बताते हुए 20 हजार एकड़ अतिक्रमित ज़मीन मुक्त कराने और कड़े दंगा-धर्मांतरण कानूनों की सराहना की।

मुख्य बातें

महामंडलेश्वर करौली शंकर महादेव ने 16 सितंबर 2026 को हरिद्वार में कहा कि उत्तराखंड देश में UCC पारित और लागू करने वाला पहला राज्य है।
उनके अनुसार, अन्य राज्य भी उत्तराखंड के UCC मॉडल को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत पहाड़ी और अन्य इलाकों में करीब 20 हजार एकड़ जमीन खाली कराई गई।
राज्य में दंगा और धर्मांतरण से संबंधित कड़े कानून बनाकर उन्हें लागू किया गया है।
महामंडलेश्वर ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यकाल को 'बेमिसाल' और 'असाधारण' करार दिया।

देश में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर राष्ट्रीय बहस के बीच हरिद्वार में महामंडलेश्वर करौली शंकर महादेव ने 16 सितंबर 2026 को अपना स्पष्ट पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देश में UCC को पारित करने और सख्ती से लागू करने वाला पहला राज्य बन चुका है, और अब अन्य राज्य भी इस मॉडल को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

उत्तराखंड का यूसीसी मॉडल

महामंडलेश्वर करौली शंकर महादेव ने कहा कि उत्तराखंड ने UCC को न केवल विधानसभा में पारित किया, बल्कि उसे ज़मीनी स्तर पर सख्ती से लागू भी किया। उन्होंने सवाल किया कि इसमें गलत क्या है। उनके अनुसार, यह कदम देश के अन्य राज्यों के लिए एक मिसाल बन रहा है और दूसरे राज्य भी इस मॉडल को अपनाने पर विचार कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री धामी के कार्यकाल की सराहना

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए महामंडलेश्वर ने उनके नेतृत्व की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धामी एक समर्पित और जिम्मेदार व्यक्ति हैं जो अपने संकल्पों को पूरा करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध हैं। उनके अनुसार, धामी ने कई कड़े कानून बनाए और उन्हें लागू भी करवाया — वे महज कानून बनाकर नहीं रुके।

महामंडलेश्वर ने कहा, 'धामी ने अपने कार्यकाल में जो काम किया है, वह बेमिसाल है। उन्होंने असाधारण काम किया है।' उन्होंने यह भी कहा कि किसी की भी धार्मिक भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचने दी गई और देवभूमि को उसकी पवित्रता के अनुरूप संवारने का काम किया गया।

दंगा, धर्मांतरण और अतिक्रमण विरोधी कदम

करौली शंकर महादेव ने बताया कि उत्तराखंड सरकार ने दंगे और धर्मांतरण से संबंधित कड़े कानून बनाए हैं और उन्हें लागू किया जा रहा है। यदि दंगों में किसी सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान होता है, तो उसकी भरपाई जिम्मेदार लोगों से कराने की व्यवस्था पर काम किया गया है।

उन्होंने राज्य में चले अतिक्रमण विरोधी अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके तहत पहाड़ी और अन्य इलाकों में करीब 20 हजार एकड़ जमीन खाली कराई गई है। उन्होंने इस अभियान को 'लैंड जिहाद' के विरुद्ध कार्रवाई बताया।

विकास और सांस्कृतिक संरक्षण का संतुलन

महामंडलेश्वर करौली शंकर महादेव के अनुसार, उत्तराखंड एक छोटा राज्य है, लेकिन अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने में अग्रणी है। सरकार ने लोककल्याण के साथ-साथ सभी वर्गों के लिए कार्य किया है और रोज़गार व आजीविका से जुड़े मुद्दों पर भी ध्यान दिया गया है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धामी ने राज्य के विकास के साथ-साथ धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए काम किया है। देवभूमि की पवित्रता को बनाए रखते हुए सभी वर्गों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान किया गया है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अन्य राज्य उत्तराखंड के UCC मॉडल को किस रूप में अपनाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके क्रियान्वयन की व्यावहारिक चुनौतियाँ — विशेषकर विविध धार्मिक समुदायों पर प्रभाव — अभी भी सार्वजनिक विमर्श में अनुत्तरित हैं। '20 हजार एकड़ जमीन मुक्त' जैसे दावे स्वतंत्र सत्यापन की माँग करते हैं। साथ ही, 'अन्य राज्यों द्वारा मॉडल अपनाने' का दावा अभी तक किसी ठोस राज्य-स्तरीय नीतिगत निर्णय से पुष्ट नहीं हुआ है।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तराखंड यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने वाला पहला राज्य कैसे बना?
उत्तराखंड ने अपनी विधानसभा में UCC विधेयक पारित कर उसे राज्यभर में लागू किया, जिससे वह देश का पहला ऐसा राज्य बन गया। महामंडलेश्वर करौली शंकर महादेव के अनुसार, इसे सख्ती से लागू किया जा रहा है और अन्य राज्य भी इस मॉडल को अपनाने पर विचार कर रहे हैं।
महामंडलेश्वर करौली शंकर महादेव ने CM धामी के बारे में क्या कहा?
उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को एक समर्पित और जिम्मेदार नेता बताया और उनके कार्यकाल को 'बेमिसाल' और 'असाधारण' करार दिया। उनके अनुसार, धामी ने UCC, दंगा-विरोधी और धर्मांतरण-विरोधी कानूनों को लागू कर देवभूमि की पवित्रता को संरक्षित किया।
उत्तराखंड में अतिक्रमण विरोधी अभियान में कितनी जमीन खाली कराई गई?
महामंडलेश्वर करौली शंकर महादेव के अनुसार, अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत पहाड़ी और अन्य इलाकों में करीब 20 हजार एकड़ जमीन खाली कराई गई है। उन्होंने इस अभियान को 'लैंड जिहाद' के खिलाफ कार्रवाई बताया।
उत्तराखंड में दंगा और धर्मांतरण को लेकर क्या कानून बनाए गए हैं?
राज्य सरकार ने दंगा और धर्मांतरण से संबंधित कड़े कानून बनाए हैं। इसके अलावा, दंगों में सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान होने पर जिम्मेदार लोगों से भरपाई कराने की व्यवस्था पर भी काम किया गया है।
क्या अन्य राज्य भी उत्तराखंड की तरह UCC लागू करेंगे?
महामंडलेश्वर करौली शंकर महादेव का कहना है कि दूसरे राज्य उत्तराखंड के UCC मॉडल को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। हालाँकि, अभी तक किसी अन्य राज्य ने इस संबंध में कोई आधिकारिक विधायी घोषणा नहीं की है।
राष्ट्र प्रेस
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