उत्तराखंड में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति सामान्य, अफवाहों से रहें दूर: पंगती
सारांश
Key Takeaways
- उत्तराखंड में पेट्रोल, डीजल और LPG की कोई कमी नहीं है।
- घरेलू गैस कनेक्शन पर अस्थायी रोक लगाई गई है।
- सरकार ने गैस आपूर्ति की निगरानी बढ़ाई है।
- चारधाम यात्रा के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
- कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई चल रही है।
देहरादून, ७ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तराखंड में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति को लेकर उठ रहे सवालों के बीच खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अतिरिक्त आयुक्त पी.एस. पंगती ने एक प्रेस वार्ता में स्थिति को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में घरेलू गैस, पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति पूरी तरह से सामान्य है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे घबराएं नहीं और अफवाहों से बचें।
पी.एस. पंगती ने कहा कि हाल ही में '20 लाख सिलेंडर की आवश्यकता' जैसे आंकड़ों के संबंध में जो खबरें आईं, उन्होंने अनावश्यक घबराहट को जन्म दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आंकड़ों को संदर्भ से अलग देखने पर भ्रम पैदा होता है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने 2025 में जितना एलपीजी आवंटन प्राप्त किया था, उसी स्तर को बनाए रखने और उसमें लगभग ५ प्रतिशत की बढ़ोतरी के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा है।
उन्होंने कहा कि यह केवल राज्य या देश की नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर की चुनौती है, इसलिए इससे निपटने के लिए सभी का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने मीडिया और आम जनता से भी सकारात्मक सहयोग की अपील की, ताकि स्थिति को बेहतर तरीके से संभाला जा सके।
अतिरिक्त आयुक्त ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान बताया कि फिलहाल नए घरेलू गैस कनेक्शन देने पर अस्थायी रोक लगाई गई है। यह निर्णय केवल कुछ समय के लिए लिया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की अफरातफरी या दुरुपयोग की स्थिति न बने।
उन्होंने कहा कि कई बार लोग अनावश्यक रूप से कनेक्शन लेकर उसका गलत इस्तेमाल करते हैं, इसलिए स्थिति सामान्य होने तक इसे होल्ड पर रखा गया है। जल्द ही इसे फिर से शुरू किया जाएगा।
पंगती ने स्पष्ट किया कि घरेलू गैस की आपूर्ति पूरी तरह से सुचारू है और अस्पतालों एवं शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर गैस उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत १४ लाख राशन कार्ड धारकों को अप्रैल महीने में ही तीन महीने का राशन एक साथ बायोमेट्रिक माध्यम से वितरित किया जा रहा है।
कमर्शियल सिलेंडर के संबंध में उन्होंने कहा कि सरकार ने ६६ प्रतिशत आवंटन का एसओपी जारी कर दिया है और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों द्वारा सप्लाई लगातार बढ़ाई जा रही है। प्रयास किया जा रहा है कि कमर्शियल गैस की आपूर्ति भी पूरी तरह नियमित हो जाए।
आगामी शादी सीजन को देखते हुए सरकार ने विशेष व्यवस्था की है। इसके तहत प्रतिदिन ६६० कमर्शियल सिलेंडर जारी किए जाएंगे। इसके लिए जिलाधिकारियों और जिला पूर्ति अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। शादी के लिए सिलेंडर लेने के लिए लोगों को आवेदन करना होगा और शादी का कार्ड प्रस्तुत करना होगा।
चारधाम यात्रा को लेकर भी तैयारियां की जा रही हैं। पंगती ने बताया कि मुख्य सचिव स्तर से केंद्र सरकार को मांग पत्र भेजा गया है, जिसमें पिछले साल की तरह ही आपूर्ति बनाए रखने और उसमें ५ प्रतिशत वृद्धि की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि बड़े आंकड़ों को लेकर घबराने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि व्यवस्थाएं पहले से ही की जा रही हैं।
कुछ स्थानों पर लंबी कतारों की खबरों पर उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह सही नहीं है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि केवल देहरादून में ही रोजाना करीब १५,५०० से १६,००० सिलेंडर की डिलीवरी हो रही है। लगातार होम डिलीवरी की जा रही है और गैस लोगों तक पहुंच रही है। उन्होंने माना कि पहले थोड़ी परेशानी थी, लेकिन अब स्थिति में सुधार हो रहा है।
यदि किसी कारणवश गैस आपूर्ति में दिक्कत आती है, तो उसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी की गई है। वन विभाग और वन निगम ने राज्य के करीब ६५ डिपो पर पर्याप्त मात्रा में लकड़ी का भंडारण कर रखा है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उसे उपलब्ध कराया जा सके।
सरकार ने कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। पंगती ने बताया कि ५-६ अप्रैल तक राज्य में १७ एफआईआर दर्ज की गई हैं। ७ लोगों को गिरफ्तार किया गया है और करीब १,०३७ सिलेंडर जब्त किए गए हैं। इसके अलावा १ लाख रुपए से अधिक का जुर्माना भी लगाया गया है। हर जिले में क्विक रिस्पॉन्स टीम बनाई गई है, जो लगातार निगरानी कर रही है।