क्या उत्तराखंड में 'ऑपरेशन कालनेमि' से धर्मांतरण की अंतरराष्ट्रीय साजिश का खुलासा हुआ?

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क्या उत्तराखंड में 'ऑपरेशन कालनेमि' से धर्मांतरण की अंतरराष्ट्रीय साजिश का खुलासा हुआ?

सारांश

उत्तराखंड के 'ऑपरेशन कालनेमि' ने एक प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय धर्मांतरण साजिश का पर्दाफाश किया है। इस घटना ने समाज में गहरी चिंता पैदा कर दी है। जानिए कैसे पुलिस ने इस गिरोह का भंडाफोड़ किया और युवतियों को किस प्रकार गुमराह किया जा रहा था।

मुख्य बातें

ऑपरेशन कालनेमि ने एक अंतर्राष्ट्रीय धर्मांतरण साजिश का पर्दाफाश किया।
पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
गिरोह का नेटवर्क पाकिस्तान और दुबई तक फैला हुआ है।
सोशल मीडिया के जरिए युवतियों को गुमराह किया जा रहा था।
माता-पिता को बच्चों के साथ संवाद बनाए रखने की सलाह दी गई।

देहरादून, 26 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। उत्तराखंड में कांवड़ यात्रा के दौरान साधु-संतों के वेश में आए बहरूपियों को पकड़ने के लिए धामी सरकार ने 'ऑपरेशन कालनेमि' का संचालन किया। इस ऑपरेशन के तहत देहरादून पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है, जिसमें एक अंतर्राष्ट्रीय धर्मांतरण साजिश का पर्दाफाश हुआ है। यह साजिश पाकिस्तान और दुबई से भी जुड़ी हुई है।

देहरादून पुलिस ने 'ऑपरेशन कालनेमि' के अंतर्गत एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह युवतियों को प्रेमजाल में फंसा कर उनके धर्म परिवर्तन और निकाह के लिए दबाव बना रहा था।

इस गैंग के तार पाकिस्तान और दुबई से जुड़े पाए गए हैं। रानीपोखरी निवासी एक युवती की शिकायत पर शुरू हुई जांच में सामने आया कि सोशल मीडिया के जरिए युवतियों से दोस्ती की जाती थी, फिर कुरान की ऑनलाइन तालीम दी जाती थी। इसके बाद पहचान छिपाकर संपर्क करने वाले युवक दिल्ली में निकाह का दबाव बनाते थे।

पुलिस ने इसी सिलसिले में बरेली निवासी एक अन्य युवती का भी रेस्क्यू किया है। अब तक इस मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें अब्दुल रहमान, अब्दुल रहीम, अब्दुल रशीद, अब्दुल सत्तार, आशया उर्फ कृष्णा और महेंद्र उर्फ प्रेमपाल सिंह शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार, गिरोह का नेटवर्क देश के कई राज्यों तक फैला हुआ है और जांच अभी जारी है।

इस पूरी घटना से बाहर निकली युवती ने समाज से अपील करते हुए कहा कि बच्चों को धर्म के प्रति सही जानकारी दी जानी चाहिए और माता-पिता को उनके साथ संवाद बनाए रखना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखना बेहद जरूरी है ताकि कोई उन्हें गुमराह न कर सके।

देहरादून के एसएसपी अजय सिंह ने बताया, "कुछ समय पहले आगरा पुलिस ने धर्मांतरण का एक केस ट्रैक किया था, जिसमें एक गिरफ्तारी अब्दुल रहमान की देहरादून से हुई थी। हमारी स्पेशल टीम अब्दुल रहमान के सभी सोशल मीडिया आईडी को खंगाल रही थी, जिसमें एक पीड़िता का पता चला, जो इस धर्मांतरण के जाल में फंस गई थी। इस मामले की जांच की गई और आरोपियों की गिरफ्तारी की गई।"

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन कालनेमि क्या है?
ऑपरेशन कालनेमि उत्तराखंड सरकार द्वारा चलाया गया एक विशेष ऑपरेशन है, जिसका उद्देश्य साधु-संतों के वेश में आए बहरूपियों को पकड़ना है।
इस गिरोह का क्या उद्देश्य था?
गिरोह का उद्देश्य युवतियों को प्रेमजाल में फंसा कर उनका धर्म परिवर्तन और निकाह के लिए दबाव बनाना था।
पुलिस ने कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया?
पुलिस ने इस मामले में अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
क्या इस गिरोह के तार विदेशों से जुड़े हैं?
हाँ, इस गिरोह के तार पाकिस्तान और दुबई तक जुड़े हुए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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