उत्तराखंड में खनन विभाग ने नए राजस्व रिकॉर्ड बनाए, पहली बार 1,217 करोड़ का राजस्व

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उत्तराखंड में खनन विभाग ने नए राजस्व रिकॉर्ड बनाए, पहली बार 1,217 करोड़ का राजस्व

सारांश

उत्तराखंड के खनन विभाग ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1,217 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित कर एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। यह उपलब्धि राज्य की आर्थिक प्रगति को दर्शाती है।

Key Takeaways

  • मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में खनन विभाग ने 1,217 करोड़ का राजस्व अर्जित किया।
  • पारदर्शी नीतियों ने अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाई।
  • टेक्नोलॉजी का उपयोग बढ़ाने से खनन क्षेत्र में सुधार हुआ।
  • उत्तराखंड को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार मिले हैं।
  • राजस्व में वृद्धि से राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।

देहरादून, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी नेतृत्व और ठोस नीतियों के परिणामस्वरूप उत्तराखंड का खनन विभाग राजस्व अर्जन के क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभाग ने 950 करोड़ रुपए के लक्ष्य के मुकाबले कुल 1,217 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित कर अब तक का सभी रिकॉर्ड तोड़ दिया है।

इस उपलब्धि में ट्रेजरी में 1,130 करोड़ रुपए, जिला खनिज फाउंडेशन न्यास (डीएमएफ) में 80 करोड़ रुपए और एसएमईटी से 7 करोड़ रुपए का योगदान शामिल है। पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में भी विभाग ने 875 करोड़ रुपए के लक्ष्य के मुकाबले 1,041 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित कर अपनी कार्यक्षमता को सिद्ध किया था।

प्रदेश में खनन राजस्व की यह निरंतर वृद्धि मुख्यमंत्री धामी की पारदर्शी, जवाबदेह और सुधारात्मक नीतियों का प्रत्यक्ष परिणाम है। वर्ष 2012-13 में मात्र 110 करोड़ रुपए से शुरू हुआ यह सफर अब 2025-26 में 1,217 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है, जो राज्य की आर्थिक मजबूती को दर्शाता है।

सीएम धामी के स्पष्ट निर्देशों के तहत खनिज नीति एवं नियमावली का सरलीकरण किया गया, जिससे वैध खनन को बढ़ावा मिला और अवैध खनन, परिवहन तथा भंडारण पर प्रभावी रोक लगी। पारदर्शी व्यवस्था के तहत खनन पट्टों का आवंटन किया गया, जिससे राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि संभव हो सकी।

सीएम धामी की पहल पर तकनीकी नवाचारों को भी प्राथमिकता दी गई। माइनिंग डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन एंड सर्विलांस सिस्टम के माध्यम से चार मैदानी जनपदों में 45 अत्याधुनिक ई-चेक गेट स्थापित किए गए हैं, जिनमें एएनपीआर कैमरा, आरएफआईडी टैग और अन्य आधुनिक उपकरणों की व्यवस्था की गई है।

इसके साथ ही मिनरल मैनेजमेंट सिस्टम, ई रवन्ना, माइनिंग ई-सर्विसेज, सर्विलांस इन्फोर्समेंट सिस्टम और डिसीजन सपोर्ट सिस्टम जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म लागू किए गए हैं।

ई-रवन्ना प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए विशेष सुरक्षा फीचर युक्त कागज की व्यवस्था लागू की गई है, जिससे फर्जीवाड़े और दुरुपयोग पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है। इन सभी प्रयासों के चलते अवैध खनन पर लगाम लगी है और राजस्व में कई गुना वृद्धि दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री धामी के मार्गदर्शन में किए गए इन नवाचारों को राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली है। 28 मार्च 2026 को नई दिल्ली में आयोजित समारोह में एमडीटीएसएस और ई-रवन्ना सिक्योरिटी पेपर परियोजनाओं को प्रतिष्ठित स्कॉच अवार्ड (गोल्ड) से सम्मानित किया गया।

इसके अतिरिक्त, खान मंत्रालय भारत सरकार द्वारा लघु खनिज सुधार में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उत्तराखंड को ‘सी’ श्रेणी के राज्यों में द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ, जिसके तहत 100 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि मिली। साथ ही स्टेट माइनिंग रेडिनेस इंडेक्स में बेहतर प्रदर्शन के लिए भी 100 करोड़ रुपए की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुई।

स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में पारदर्शिता, तकनीकी सशक्तीकरण और कठोर प्रवर्तन के समन्वय ने उत्तराखंड के खनन क्षेत्र को नई दिशा दी है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है और सुशासन का मॉडल स्थापित हो रहा है।

Point of View

अवैध खनन पर नियंत्रण और उचित नीतियों का कार्यान्वयन इस क्षेत्र में सुशासन का एक नया मानक स्थापित कर रहा है।
NationPress
06/04/2026

Frequently Asked Questions

उत्तराखंड के खनन विभाग ने कितनी राशि का राजस्व अर्जित किया?
उत्तराखंड के खनन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1,217 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया।
मुख्यमंत्री धामी की नीतियों का खनन विभाग पर क्या प्रभाव पड़ा?
मुख्यमंत्री धामी की पारदर्शी और सुधारात्मक नीतियों के कारण खनन विभाग ने रिकॉर्ड राजस्व अर्जित किया है।
खनन क्षेत्र में तकनीकी नवाचारों का क्या योगदान है?
तकनीकी नवाचारों जैसे ई-चेक गेट और डिजिटल प्लेटफॉर्म ने खनन क्षेत्र में पारदर्शिता और प्रभावशीलता बढ़ाई है।
उत्तराखंड को कौन से पुरस्कार मिले हैं?
उत्तराखंड को एमडीटीएसएस और ई-रवन्ना सिक्योरिटी पेपर परियोजनाओं के लिए स्कॉच अवार्ड (गोल्ड) से सम्मानित किया गया।
राजस्व में वृद्धि के क्या कारण हैं?
राजस्व में वृद्धि के पीछे पारदर्शिता, तकनीकी सशक्तीकरण और कठोर प्रवर्तन का समन्वय है।
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