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क्या उत्तराखंड में उत्तरकाशी में तत्काल चिकित्सा सहायता पहुंचाई जाएगी?

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क्या उत्तराखंड में उत्तरकाशी में तत्काल चिकित्सा सहायता पहुंचाई जाएगी?

सारांश

उत्तराखंड की चिकित्सा महानिदेशक ने उत्तरकाशी में हाल ही में हुई बाढ़ के संदर्भ में तत्काल चिकित्सा सहायता पहुंचाने का निर्देश दिया है। अधिकारियों ने घायलों के लिए चिकित्सकों की तैनाती का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने राहत कार्यों में तेजी लाने की बात की है।

मुख्य बातें

तत्काल चिकित्सा सहायता के लिए चिकित्सकों की तैनाती की गई है।
उत्तरकाशी में बाढ़ के कारण जानमाल का नुकसान हुआ है।
प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री धामी से स्थिति की जानकारी ली है।
300 से अधिक कर्मचारी राहत कार्य में जुटे हैं।
राज्य सरकार तत्काल राहत प्रदान करने के लिए सक्रिय है।

देहरादून, 6 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। उत्तराखंड की चिकित्सा महानिदेशक ने देहरादून के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को एक पत्र लिखा है। उन्होंने उत्तरकाशी में घटित हादसे के संदर्भ में तत्काल चिकित्सा सहायता पहुंचाने के लिए निर्देशित किया है।

पत्र में बताया गया है कि मंगलवार को उत्तरकाशी में बाढ़ के कारण जान-माल की हानि की आशंका है। ऐसे में घायलों के त्वरित उपचार के लिए चिकित्सकों की आवश्यकता होना स्वाभाविक है।

चिकित्सा महानिदेशक ने सीएमओ को निर्देश दिया कि पांच जनपदों के प्रमुख चिकित्सकों को त्वरित उपचार हेतु उत्तरकाशी के सीएमओ के अधीन तैनात किया जाए।

पत्र में डॉ. लोकेश सलुजा - जनरल सर्जन राजकीय उप जिला चिकित्सालय ऋषिकेश, डॉ. अरविन्द सिंह राणा - आर्थोपेडिक सर्जन - राजकीय उप जिला चिकित्सालय मसूरी, डॉ. के.एस. भंडारी - आर्थोपेडिक सर्जन सामु.स्वा. केन्द्र, डोईवाला, डॉ. अभिषेक नौटियाल - निश्चेतक सामु.स्वा. केन्द्र, सहसपुर और डॉ. पीयूष त्रिपाठी - ई.एन.टी. सर्जन - जिला चिकित्सालय देहरादून संबंधी मेडिकल कॉलेज देहरादून को उत्तराखंड में नियुक्त करने का निर्देश दिया गया है।

ज्ञात हो कि उत्तरकाशी में लगातार हो रही भारी बारिश के दौरान मंगलवार को एक बाढ़ की घटना हुई। तेज जलबहाव के साथ पहाड़ी मलबा धराली क्षेत्र में घुस गया, जिससे कई घर और होटल बर्बाद हो गए। इस हादसे में जानमाल का नुकसान हुआ है। वर्तमान में, आपदा प्रभावित धराली क्षेत्र में 300 से अधिक कर्मचारी राहत और बचाव कार्य में जुटे हैं। एनडीआरएफ और भारतीय सेना के जवान भी रेस्क्यू में शामिल हैं।

इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर संपर्क किया और उत्तरकाशी के मौजूदा हालातों के बारे में जानकारी ली है। उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।

सीएम धामी ने प्रधानमंत्री को लगातार हो रही भारी वर्षा के कारण आ रही समस्याओं से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने उन्हें बताया कि राज्य सरकार राहत और बचाव कार्यों में पूरी तत्परता के साथ जुटी हुई है। सभी संबंधित एजेंसियां समन्वय के साथ काम कर रही हैं ताकि प्रभावित लोगों को त्वरित सहायता मिल सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं को भी चुनौती दी है। इसकी गंभीरता को देखते हुए चिकित्सा अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई की है, जो कि एक सकारात्मक कदम है। ऐसे समय में, सभी सरकारी एजेंसियों का समन्वय आवश्यक है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तरकाशी में क्या हुआ है?
उत्तरकाशी में भारी बारिश के कारण बाढ़ आ गई, जिससे कई घर और होटल बर्बाद हो गए हैं।
तत्काल चिकित्सा सहायता के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
चिकित्सा महानिदेशक ने सीएमओ को निर्देशित किया है कि चिकित्सकों की तैनाती की जाए।
राज्य सरकार राहत कार्यों में क्या कर रही है?
राज्य सरकार राहत और बचाव कार्यों में पूरी तत्परता से जुटी हुई है।
प्रधानमंत्री ने इस बारे में क्या कहा?
प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री धामी से बात की और केंद्र सरकार की सहायता का आश्वासन दिया।
कितने कर्मचारी राहत कार्य में लगे हैं?
धराली क्षेत्र में 300 से अधिक कर्मचारी राहत और बचाव कार्य में शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस
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