वलसाड में बिजली तार चोरी: 2.2 किमी एल्युमिनियम कंडक्टर बरामद, 22 वर्षीय ड्राइवर गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के वलसाड जिले में बिजली के तारों की चोरी के दो अलग-अलग मामलों में पुलिस ने 20 अक्टूबर 2026 को एक 22 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर मौजूदा बिजली लाइनों से कुल लगभग 2.2 किलोमीटर एल्युमिनियम कंडक्टर तार चोरी करने का आरोप है, जिनकी कीमत ₹91,672 बताई गई है।
कौन है आरोपी
गिरफ्तार युवक का नाम राकेश वरली है, जो उमरगाम तालुका के पुनात गाँव का निवासी है और पेशे से ड्राइवर है। वलसाड लोकल क्राइम ब्रांच (LCB) ने उसे सरिगाम थ्री रोड्स के पास एक बाज़ार से पकड़ा। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान वरली ने दोनों चोरी की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है।
चोरी की दो घटनाएँ
पहली घटना 1 सितंबर को सरीगाम ग्रामीण उप-मंडल क्षेत्र के अंतर्गत उमरगाम तालुका के पाली धूया में पटेल फलिया और डूंगरपाडा में एक नहर के निकट स्थित बिजली लाइन के 12 स्पैन से जुड़ी है, जहाँ लगभग 1,080 मीटर एल्युमिनियम तार गायब हुआ। इस तार की कीमत ₹44,298 बताई गई है और मामला सरीगाम पुलिस स्टेशन में दर्ज है।
दूसरी घटना 3 सितंबर को हुई, जब उमरगाम तालुका के कलाई गाँव के कांगलाव फलिया में राधा कृष्ण गौशाला के पास चरागाह भूमि पर लगे 10 खंभों से लगभग 1,155 मीटर लंबा, 55 वर्ग मिमी का ऑल-एल्युमिनियम कंडक्टर तार चोरी हो गया। इस तार की कीमत ₹47,374 थी और मामला उमरगाम मरीन पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया।
जाँच दल का गठन और सफलता
इन चोरियों के बाद सूरत रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IGP) प्रेम वीर सिंह और वलसाड के पुलिस अधीक्षक (SP) युवराजसिंह जडेजा के निर्देश पर विशेष जाँच दल गठित किए गए। LCB इंस्पेक्टर एयू रोज की देखरेख में सब-इंस्पेक्टर जेबी धनेशा के नेतृत्व में टीमों ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों के CCTV फुटेज की जाँच करने के साथ-साथ तकनीकी विश्लेषण किया।
गिरफ्तारी की सफलता तब मिली जब असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर अजय अमलाभाई को एक ऐसे गिरोह के सदस्य की सूचना प्राप्त हुई, जो बिजली के खंभों से तार काटकर चोरी करने में संलिप्त था। इसी सूचना के आधार पर वरली को दबोचा गया और आगे की जाँच के लिए उसे सरिगाम पुलिस स्टेशन को सौंप दिया गया।
आगे क्या होगा
पुलिस के अनुसार मामले की जाँच अभी जारी है। यह देखना होगा कि इस गिरोह में अन्य सदस्य भी शामिल हैं या नहीं, और चोरी किए गए तार कहाँ बेचे गए। बिजली संरचना को निशाना बनाकर की जाने वाली इस तरह की चोरियाँ ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति को बाधित करती हैं और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा कर सकती हैं।