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राजकोट एटीएम चोरी: एल्युमीनियम पट्टी से नकदी फंसाने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार

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राजकोट एटीएम चोरी: एल्युमीनियम पट्टी से नकदी फंसाने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार

सारांश

राजकोट अपराध शाखा ने उत्तर प्रदेश के तीन लोगों को पकड़ा, जो एटीएम में एल्युमीनियम पट्टी लगाकर ग्राहकों की नकदी फंसा लेते थे। गुजरात और मुंबई में दर्जनभर वारदातें, ₹4,45,200 की संपत्ति जब्त — और एक और चोरी से ठीक पहले दबोचे गए।

मुख्य बातें

राजकोट शहर अपराध शाखा ने 11 अक्टूबर 2026 को उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
आरोपी एटीएम के कैश डिस्पेंसर में एल्युमीनियम की पट्टी लगाकर नकदी फंसाते और ग्राहक के जाने के बाद निकाल लेते थे।
जब्त संपत्ति का कुल मूल्य ₹4,45,200 ; इसमें ₹1,12,200 नकद, ₹3 लाख की कार और ₹33,000 के मोबाइल फोन शामिल।
आरोपियों ने SBI और बैंक ऑफ बड़ौदा के एटीएम को बैंक छुट्टियों और बंद के दिनों में निशाना बनाया।
गुजरात के सूरत, अहमदाबाद, मेहसाना, राजकोट और पूर्वी मुंबई में वारदातें कबूल; तीन पुलिस स्टेशनों में दर्ज मामलों से जुड़ाव।

राजकोट शहर अपराध शाखा ने 11 अक्टूबर 2026 को उत्तर प्रदेश के तीन लोगों को गिरफ्तार किया, जिन पर आरोप है कि वे एटीएम के कैश डिस्पेंसर में एल्युमीनियम की पट्टियाँ लगाकर निकासी के दौरान नकदी फंसा देते थे और ग्राहकों के जाने के बाद उसे चुरा लेते थे। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी तब हुई जब आरोपी कथित तौर पर एक और एटीएम से छेड़छाड़ करने ही वाले थे।

कौन हैं आरोपी

गिरफ्तार तीनों आरोपियों की पहचान अफसरअहमद रियाजात अली (23 वर्ष), अरबाज फैयाज अहमद (27 वर्ष) और शाहिदखान मोहम्मद सलीम (26 वर्ष) के रूप में हुई है। तीनों उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के निवासी बताए गए हैं।

पुलिस ने इन्हें राजकोट के पुजारा प्लॉट इलाके में कांटा विकास गृह के पीछे की एक गली से दबोचा, जब वे कथित तौर पर एक और वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे।

मुख्य घटनाक्रम: कैसे होती थी चोरी

पुलिस के अनुसार, आरोपी पहले एटीएम की रेकी करते थे और फिर कैश डिस्पेंसर बॉक्स के अंदर एल्युमीनियम की पट्टी लगाकर परिसर से निकल जाते थे। जब कोई ग्राहक पैसे निकालने की कोशिश करता, तो लेनदेन पूरा दिखता था, लेकिन नकदी मशीन के अंदर ही फंसी रह जाती थी।

ग्राहक के असफल होकर चले जाने के बाद, आरोपी वापस लौटते और पट्टी हटाकर फंसी हुई रकम निकाल लेते थे। गौरतलब है कि इन लोगों ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और बैंक ऑफ बड़ौदा के एटीएम को विशेष रूप से बैंक छुट्टियों या बंद के दिनों में निशाना बनाया।

जब्त संपत्ति और बरामदगी

अपराध शाखा ने आरोपियों के पास से ₹1,12,200 नकद, ₹33,000 मूल्य के तीन मोबाइल फोन, ₹3 लाख मूल्य की एक कार, चार एल्युमीनियम की पट्टियाँ, एक फाइबर रिंग ब्लेंडर फाइल और बैंक ऑफ बड़ौदा का एक एटीएम कार्ड जब्त किया। जब्त की गई संपत्ति का कुल अनुमानित मूल्य ₹4,45,200 बताया गया है।

कहाँ-कहाँ की वारदातें

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पूछताछ में गुजरात और मुंबई के कई स्थानों पर एटीएम को निशाना बनाने की बात कबूल की है। इनमें सूरत के सचिन जीआईडीसी, चिड़ियाघर क्षेत्र, उन और अडाजन पाटिया; अहमदाबाद के नारोल और सरखेज क्षेत्र; छत्राल और रिंग रोड बाईपास; मेहसाना रेलवे स्टेशन के पास; राजकोट के त्रिकोण बाग के पास एक SBI एटीएम; और पूर्वी मुंबई के एटीएम शामिल हैं।

रिपोर्टों के अनुसार, सूरत में एक घटना में ₹7,000, अहमदाबाद और आसपास के इलाकों में ₹90,000 से ₹1 लाख, सूरत के अडाजन पाटिया क्षेत्र के दो एटीएम से ₹70,000 से ₹80,000 और राजकोट के त्रिकोण बाग के पास से ₹20,000 की रकम कथित तौर पर चुराई गई।

जाँच और दर्ज मामले

गिरफ्तारियाँ सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी व मानवीय खुफिया जानकारी के आधार पर हुईं। अपराध शाखा ने बताया कि इन गिरफ्तारियों से तीन पहले से दर्ज मामलों का पर्दाफाश हुआ है — एक भक्तिनगर पुलिस स्टेशन, राजकोट में; दूसरा मालवियानगर पुलिस स्टेशन में; और तीसरा मेहसाना के ए डिवीजन पुलिस स्टेशन में। आगे की जाँच जारी है और अन्य स्थानों पर हुई वारदातों की भी पड़ताल की जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी पकड़ में नहीं आया। असली सवाल यह है कि इतने एटीएम में हुई छेड़छाड़ के बावजूद बैंकों की आंतरिक निगरानी प्रणाली ने अलर्ट क्यों नहीं दिया — और क्या भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) एटीएम कैश ट्रैपिंग के विरुद्ध कोई समान मानक अनिवार्य करेगा।
RashtraPress
12 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजकोट एटीएम चोरी में आरोपियों ने किस तरकीब का इस्तेमाल किया?
आरोपी एटीएम के कैश डिस्पेंसर बॉक्स में एल्युमीनियम की पट्टी लगा देते थे, जिससे लेनदेन पूरा दिखता था लेकिन नकदी मशीन के अंदर फंसी रह जाती थी। ग्राहक के निराश होकर चले जाने के बाद वे वापस आकर पट्टी हटाते और रकम निकाल लेते थे।
गिरफ्तार तीनों आरोपी कौन हैं और कहाँ के रहने वाले हैं?
गिरफ्तार आरोपियों के नाम अफसरअहमद रियाजात अली (23), अरबाज फैयाज अहमद (27) और शाहिदखान मोहम्मद सलीम (26) हैं। तीनों उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के निवासी बताए गए हैं।
इस मामले में कितनी और कहाँ-कहाँ वारदातें हुईं?
आरोपियों ने पूछताछ में गुजरात के सूरत, अहमदाबाद, मेहसाना, राजकोट और पूर्वी मुंबई में कई एटीएम को निशाना बनाने की बात कबूल की है। इनसे जुड़े तीन मामले राजकोट के भक्तिनगर, मालवियानगर और मेहसाना के ए डिवीजन पुलिस स्टेशन में दर्ज हैं।
पुलिस ने आरोपियों से क्या बरामद किया?
अपराध शाखा ने ₹1,12,200 नकद, ₹33,000 मूल्य के तीन मोबाइल फोन, ₹3 लाख मूल्य की एक कार, चार एल्युमीनियम की पट्टियाँ, एक फाइबर रिंग ब्लेंडर फाइल और बैंक ऑफ बड़ौदा का एटीएम कार्ड जब्त किया। कुल जब्त संपत्ति का मूल्य ₹4,45,200 आँका गया है।
आरोपियों को कैसे पकड़ा गया?
राजकोट शहर अपराध शाखा ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी व मानवीय खुफिया जानकारी के आधार पर जाँच की। पुलिसकर्मियों को संदिग्धों की सूचना मिली और उन्हें पुजारा प्लॉट इलाके में कथित तौर पर एक और वारदात करने से ठीक पहले गिरफ्तार कर लिया गया।
राष्ट्र प्रेस
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