5 नवंबर 2026
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वसुबारस 2026: गडकरी, शिंदे, नार्वेकर समेत महाराष्ट्र के नेताओं ने दी शुभकामनाएं

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वसुबारस 2026: गडकरी, शिंदे, नार्वेकर समेत महाराष्ट्र के नेताओं ने दी शुभकामनाएं

सारांश

वसुबारस और गोवत्स द्वादशी पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, सुनेत्रा पवार, विधानसभाध्यक्ष राहुल नार्वेकर और भाजपा अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने शुभकामनाएं दीं और गौमाता की पूजा को भारतीय कृषि संस्कृति व कृतज्ञता का प्रतीक बताया।

मुख्य बातें

5 नवंबर 2026 को वसुबारस (गोवत्स द्वादशी) के अवसर पर महाराष्ट्र के प्रमुख नेताओं ने शुभकामनाएं दीं।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर गौमाता की कृपा की कामना की।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार ने गाय-बछड़े की पूजा को कृतज्ञता का सुंदर संदेश बताया।
महाराष्ट्र विधानसभाध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने गायों की रक्षा और प्रकृति संरक्षण की परंपरा को नमन किया।
महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने वसुबारस को भारतीय कृषि संस्कृति और आस्था का प्रतीक बताया।
राज्यसभा सांसद मेधा कुलकर्णी ने दुग्ध व्यवसाय और गोसंरक्षण में सरकारी योगदान का उल्लेख किया।

वसुबारस और गोवत्स द्वादशी के पावन अवसर पर 5 नवंबर 2026 को केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी सहित महाराष्ट्र के कई वरिष्ठ नेताओं ने प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और गौमाता की पूजा को कृतज्ञता एवं भारतीय संस्कृति का प्रतीक बताया। यह पर्व दीपावली उत्सव की औपचारिक शुरुआत का दिन माना जाता है।

नेताओं की शुभकामनाएं

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'गौमाता की उपासना के पावन पर्व वसुबारस और गोवत्स द्वादशी (बछ बारस) की सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। गौमाता की कृपा सभी पर बनी रहें।' महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने लिखा कि गाय और बछड़े में निहित उदारता, प्रसन्नता, शांति और मांगल्य सभी को प्राप्त हो।

सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व

उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने अपनी पोस्ट में कहा, 'दीवाली के पावन पर्व की शुरुआत गाय और उसके बछड़े की पूजा से करने की परंपरा, कृतज्ञता का एक सुंदर संदेश देती है। हमारे उत्सवों की शुरुआत कृतज्ञता की भावना के साथ होना, हमारी संस्कृति की असली समृद्धि है।' महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने एक्स पर लिखा कि वसुबारस पर गौमाता की पूजा कर सुख, समृद्धि व शांति की प्रार्थना करनी चाहिए तथा गायों की रक्षा और प्रकृति को सहेजने की परंपरा को नमन करना चाहिए।

भाजपा नेताओं की भावनाएं

महाराष्ट्र भाजपा के अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने पोस्ट में कहा, 'आज गोवत्स द्वादशी यानी वसुबारस, दीपावली के भव्य पर्व की शुरुआत का प्रतीक है। इस दिन गौमाता की पूजा करके, हम अपनी भारतीय कृषि संस्कृति, अपनी गहरी आस्था और प्रकृति के साथ अपने अटूट संबंध का सम्मान करते हैं।' राज्यसभा सांसद मेधा कुलकर्णी ने कहा कि मानव स्वास्थ्य और कृषि के लिए गोमाता और गोधन का योगदान अमूल्य है।

गोसंरक्षण और कृषि का संदर्भ

सांसद मेधा कुलकर्णी ने अपनी पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी दूरदृष्टि से शुरू किए गए विभिन्न उपक्रमों से न केवल गायों का संरक्षण हो रहा है, बल्कि दुग्ध व्यवसाय को भी प्रोत्साहन मिल रहा है। उन्होंने किसान भाइयों के जीवन में खुशहाली की कामना भी की। गौरतलब है कि वसुबारस का पर्व महाराष्ट्र सहित उत्तरी और मध्य भारत में दीपावली से पूर्व विशेष रूप से मनाया जाता है और यह कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि को आता है।

आगे की दृष्टि

इस वर्ष दीपावली पर्व की शुरुआत वसुबारस के साथ हो रही है, और महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में सभी प्रमुख दलों के नेताओं का इस तरह से शुभकामना संदेश देना सांस्कृतिक और सामाजिक जुड़ाव की दृष्टि से उल्लेखनीय है। आने वाले दिनों में धनतेरस, नरक चतुर्दशी और दीपावली के साथ उत्सव का क्रम जारी रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में इसका समय और पैमाना महत्वपूर्ण है — सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के सभी प्रमुख चेहरे एकसुर में सांस्कृतिक और धार्मिक प्रतीकों को रेखांकित कर रहे हैं। गौमाता की पूजा को कृषि संस्कृति से जोड़ना और दुग्ध व्यवसाय में सरकारी योगदान का उल्लेख — यह केवल श्रद्धा नहीं, चुनावी संवाद भी है। मुख्यधारा की कवरेज इन संदेशों को सामान्य शुभकामना मानती है, जबकि इनमें निहित सामाजिक-राजनीतिक संकेत अनदेखे रह जाते हैं।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वसुबारस (गोवत्स द्वादशी) क्या है?
वसुबारस कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है, जिसमें गाय और उसके बछड़े की पूजा की जाती है। यह दीपावली उत्सव की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में इसे विशेष धार्मिक महत्व दिया जाता है।
2026 में वसुबारस कब मनाया गया?
वसुबारस 5 नवंबर 2026 को मनाया गया। इसी दिन महाराष्ट्र के प्रमुख नेताओं ने एक्स सहित अन्य प्लेटफॉर्म पर शुभकामना संदेश साझा किए।
नितिन गडकरी ने वसुबारस पर क्या कहा?
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि गौमाता की कृपा सभी पर बनी रहे और वसुबारस तथा गोवत्स द्वादशी पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।
महाराष्ट्र के किन-किन नेताओं ने वसुबारस की शुभकामनाएं दीं?
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, विधानसभाध्यक्ष राहुल नार्वेकर, महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण और राज्यसभा सांसद मेधा कुलकर्णी ने शुभकामनाएं दीं।
वसुबारस पर गौमाता की पूजा का क्या महत्व बताया गया?
नेताओं ने गौमाता की पूजा को कृतज्ञता, भारतीय कृषि संस्कृति और प्रकृति के साथ मानव संबंध का प्रतीक बताया। सांसद मेधा कुलकर्णी ने मानव स्वास्थ्य और कृषि में गोधन के अमूल्य योगदान पर भी प्रकाश डाला।
राष्ट्र प्रेस
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