वसुबारस 2026: गडकरी, शिंदे, नार्वेकर समेत महाराष्ट्र के नेताओं ने दी शुभकामनाएं
सारांश
मुख्य बातें
वसुबारस और गोवत्स द्वादशी के पावन अवसर पर 5 नवंबर 2026 को केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी सहित महाराष्ट्र के कई वरिष्ठ नेताओं ने प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और गौमाता की पूजा को कृतज्ञता एवं भारतीय संस्कृति का प्रतीक बताया। यह पर्व दीपावली उत्सव की औपचारिक शुरुआत का दिन माना जाता है।
नेताओं की शुभकामनाएं
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'गौमाता की उपासना के पावन पर्व वसुबारस और गोवत्स द्वादशी (बछ बारस) की सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। गौमाता की कृपा सभी पर बनी रहें।' महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने लिखा कि गाय और बछड़े में निहित उदारता, प्रसन्नता, शांति और मांगल्य सभी को प्राप्त हो।
सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने अपनी पोस्ट में कहा, 'दीवाली के पावन पर्व की शुरुआत गाय और उसके बछड़े की पूजा से करने की परंपरा, कृतज्ञता का एक सुंदर संदेश देती है। हमारे उत्सवों की शुरुआत कृतज्ञता की भावना के साथ होना, हमारी संस्कृति की असली समृद्धि है।' महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने एक्स पर लिखा कि वसुबारस पर गौमाता की पूजा कर सुख, समृद्धि व शांति की प्रार्थना करनी चाहिए तथा गायों की रक्षा और प्रकृति को सहेजने की परंपरा को नमन करना चाहिए।
भाजपा नेताओं की भावनाएं
महाराष्ट्र भाजपा के अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने पोस्ट में कहा, 'आज गोवत्स द्वादशी यानी वसुबारस, दीपावली के भव्य पर्व की शुरुआत का प्रतीक है। इस दिन गौमाता की पूजा करके, हम अपनी भारतीय कृषि संस्कृति, अपनी गहरी आस्था और प्रकृति के साथ अपने अटूट संबंध का सम्मान करते हैं।' राज्यसभा सांसद मेधा कुलकर्णी ने कहा कि मानव स्वास्थ्य और कृषि के लिए गोमाता और गोधन का योगदान अमूल्य है।
गोसंरक्षण और कृषि का संदर्भ
सांसद मेधा कुलकर्णी ने अपनी पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी दूरदृष्टि से शुरू किए गए विभिन्न उपक्रमों से न केवल गायों का संरक्षण हो रहा है, बल्कि दुग्ध व्यवसाय को भी प्रोत्साहन मिल रहा है। उन्होंने किसान भाइयों के जीवन में खुशहाली की कामना भी की। गौरतलब है कि वसुबारस का पर्व महाराष्ट्र सहित उत्तरी और मध्य भारत में दीपावली से पूर्व विशेष रूप से मनाया जाता है और यह कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि को आता है।
आगे की दृष्टि
इस वर्ष दीपावली पर्व की शुरुआत वसुबारस के साथ हो रही है, और महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में सभी प्रमुख दलों के नेताओं का इस तरह से शुभकामना संदेश देना सांस्कृतिक और सामाजिक जुड़ाव की दृष्टि से उल्लेखनीय है। आने वाले दिनों में धनतेरस, नरक चतुर्दशी और दीपावली के साथ उत्सव का क्रम जारी रहेगा।