4 नवंबर 2026
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वासुदेव बलवंत फड़के जयंती: गृह मंत्री अमित शाह समेत कई केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों ने किया नमन

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वासुदेव बलवंत फड़के जयंती: गृह मंत्री अमित शाह समेत कई केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों ने किया नमन

सारांश

भारतीय सशस्त्र क्रांति के जनक वासुदेव बलवंत फड़के की जयंती पर गृह मंत्री अमित शाह से लेकर महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्रियों तक — देशभर के नेताओं ने एकजुट होकर उस क्रांतिवीर को याद किया, जिसने ब्रिटिश राज के विरुद्ध सशस्त्र संघर्ष की नींव रखी।

मुख्य बातें

4 नवंबर 2026 को भारतीय सशस्त्र क्रांति के जनक वासुदेव बलवंत फड़के की जयंती मनाई गई।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट कर फड़के को 'राष्ट्रप्रथम का अक्षय कोष' बताया।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी , शिवराज सिंह चौहान और गिरिराज सिंह ने भी सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ.
मोहन यादव ने फड़के को स्वतंत्रता संघर्ष की नींव रखने वाला बताया।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी 'रामोशी' संगठन के नायक को नमन किया।

भारतीय सशस्त्र क्रांति के जनक और महान स्वाधीनता सेनानी वासुदेव बलवंत फड़के की जयंती पर 4 नवंबर 2026 को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह सहित कई वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों और राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने श्रद्धापूर्वक नमन किया। देशभर के नेताओं ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर फड़के के त्याग, साहस और राष्ट्रनिष्ठा को याद किया।

गृह मंत्री अमित शाह का संदेश

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि वासुदेव बलवंत फड़के के लिए माँ भारती की स्वाधीनता और देशवासियों के स्वाभिमान की रक्षा से बढ़कर कुछ नहीं था। शाह ने यह भी रेखांकित किया कि फड़के ने हर वर्ग और समाज के युवाओं को संगठित कर स्वाधीनता के संघर्ष के लिए प्रेरित किया। उन्होंने अकाल पीड़ितों की सहायता और युवाओं को जागरूक करने के लिए ऐक्य वर्धिनी सभा की स्थापना का विशेष उल्लेख किया तथा फड़के के जीवन को 'राष्ट्रप्रथम का अक्षय कोष' बताया।

अन्य केंद्रीय मंत्रियों की श्रद्धांजलि

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया पर फड़के को 'अग्रणी क्रांतिकारी' बताते हुए उन्हें विनम्र नमन अर्पित किया। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पर लिखा कि सशस्त्र संगठन 'रामोशी' के नायक और आद्य क्रांतिवीर फड़के की गौरवगाथा सर्वदा युवाओं को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी। केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने भी एक्स पर पोस्ट कर फड़के के अदम्य साहस, त्याग और संघर्ष को नमन किया।

महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्रियों का नमन

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक्स पर लिखा कि सशस्त्र क्रांति के जनक फड़के ने भारत के स्वतंत्रता संघर्ष की नींव रखी। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उन्हें 'माँ भारती के महान सपूत' और 'आदि स्वतंत्रता सेनानी' कहते हुए उनके साहस, त्याग और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण को याद किया।

उत्तर प्रदेश के नेताओं की श्रद्धा

उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने एक्स पर फड़के को 'अमर क्रांतिकारी' बताते हुए कहा कि उन्होंने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ जनजातीय समाज को लामबंद कर क्रांति का अलख जगाया। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी फड़के को शत-शत नमन करते हुए कहा कि उनका त्यागमय जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।

वासुदेव बलवंत फड़के: एक परिचय

वासुदेव बलवंत फड़के को भारत में सशस्त्र क्रांति का सूत्रपात करने वाले पहले क्रांतिकारी माना जाता है। उन्होंने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध 'रामोशी' सशस्त्र संगठन खड़ा किया और वंचित-जनजातीय वर्गों को स्वाधीनता संघर्ष से जोड़ा। गौरतलब है कि उनकी विरासत आज भी महाराष्ट्र सहित पूरे देश में राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है। देशभर के नेताओं का यह एकजुट नमन इस बात का प्रमाण है कि फड़के का योगदान राजनीतिक सीमाओं से परे राष्ट्रीय स्मृति में अंकित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह आज के सामाजिक समावेश की बहस में भी प्रासंगिक है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इस ऐतिहासिक आयाम को नज़रअंदाज़ करती है कि फड़के की विरासत केवल सशस्त्र संघर्ष तक सीमित नहीं थी — ऐक्य वर्धिनी सभा जैसी संस्थाओं के ज़रिए उन्होंने शिक्षा और सामाजिक जागरण का काम भी किया।
RashtraPress
4 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वासुदेव बलवंत फड़के कौन थे?
वासुदेव बलवंत फड़के भारत में सशस्त्र क्रांति के जनक माने जाते हैं, जिन्होंने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध 'रामोशी' सशस्त्र संगठन खड़ा किया और जनजातीय-वंचित वर्गों को स्वाधीनता संघर्ष से जोड़ा। उन्होंने युवाओं को जागरूक करने के लिए ऐक्य वर्धिनी सभा की स्थापना भी की थी।
फड़के जयंती पर किन प्रमुख नेताओं ने नमन किया?
4 नवंबर 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, शिवराज सिंह चौहान और गिरिराज सिंह, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
'रामोशी' संगठन क्या था?
'रामोशी' वासुदेव बलवंत फड़के द्वारा स्थापित सशस्त्र संगठन था, जिसके माध्यम से उन्होंने ब्रिटिश हुकूमत के विरुद्ध जनजातीय समाज को एकजुट कर सशस्त्र विद्रोह की नींव रखी। यह भारत के प्रारंभिक संगठित सशस्त्र प्रतिरोध के रूप में ऐतिहासिक महत्व रखता है।
अमित शाह ने फड़के के बारे में क्या कहा?
गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर लिखा कि फड़के के लिए माँ भारती की स्वाधीनता और देशवासियों के स्वाभिमान की रक्षा से बढ़कर कुछ नहीं था। उन्होंने फड़के के जीवन को 'राष्ट्रप्रथम का अक्षय कोष' बताया और ऐक्य वर्धिनी सभा की स्थापना का विशेष उल्लेख किया।
फड़के की विरासत आज क्यों प्रासंगिक है?
फड़के ने न केवल सशस्त्र क्रांति बल्कि शिक्षा, सामाजिक जागरण और वंचित वर्गों को एकजुट करने का काम किया, जो आज भी प्रेरणादायक है। उनकी जयंती पर हर वर्ष देशभर के नेता उन्हें याद कर भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष के इस प्रारंभिक अध्याय को जीवित रखते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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