काकोरी ट्रेन एक्शन की वर्षगांठ: अमित शाह, शिवराज समेत कई नेताओं ने अमर क्रांतिकारियों को दी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
9 अगस्त 2025 को काकोरी ट्रेन एक्शन की वर्षगांठ पर गृह मंत्री अमित शाह सहित देश के कई वरिष्ठ नेताओं ने चंद्रशेखर आज़ाद, राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान और अन्य अमर क्रांतिकारियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। नेताओं ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट के ज़रिए उस ऐतिहासिक घटना को याद किया, जिसने ब्रिटिश शासन की नींव हिला दी थी।
गृह मंत्री अमित शाह का संदेश
गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर लिखा कि काकोरी ट्रेन एक्शन स्वतंत्रता संग्राम का वह अविस्मरणीय अध्याय है, जिसने अंग्रेजी हुकूमत के अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध सशस्त्र क्रांति को नई ऊर्जा दी। उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर आज़ाद और राम प्रसाद बिस्मिल के नेतृत्व में वीर सेनानियों ने ब्रिटिश शासन को यह स्पष्ट कर दिया कि देश के संसाधनों पर केवल देशवासियों का अधिकार है। शाह ने कहा, 'देश काकोरी ट्रेन एक्शन के सभी अमर क्रांतिकारियों का सदैव ऋणी रहेगा।'
केंद्रीय और राज्य मंत्रियों की प्रतिक्रियाएँ
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पर लिखा कि इस ऐतिहासिक घटना ने स्वतंत्रता आंदोलन को नई गति और ऊर्जा प्रदान करते हुए जन-जन को देश की स्वतंत्रता के लिए जागृत किया। उन्होंने अमर बलिदानियों की गौरव गाथा को भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ने कहा कि इस ऐतिहासिक घटना ने भारतीय स्वाधीनता संग्राम को एक नई दिशा और ऊर्जा प्रदान कर जन-जन में राष्ट्रभक्ति का संचार किया। मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने अमर क्रांतिकारियों को कोटि-कोटि नमन करते हुए कहा कि उनकी साहसिक गाथा राष्ट्रीय स्वाभिमान की अलख जगाती रहेगी।
मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि क्रांतिकारियों का त्याग और बलिदान राष्ट्र के इतिहास में सदैव स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगा। राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने काकोरी ट्रेन एक्शन को 'साहस और पराक्रम का स्वर्णिम अध्याय' बताते हुए सभी अमर क्रांतिकारियों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
दिल्ली से भी श्रद्धांजलि
दिल्ली सरकार में मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने याद दिलाया कि 9 अगस्त 1925 को काकोरी में क्रांतिकारियों ने अंग्रेजी शासन के खिलाफ साहसिक कार्रवाई की थी। उन्होंने विशेष रूप से राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, राजेंद्र लाहिड़ी और रोशन सिंह का नाम लेते हुए कहा कि इन वीरों का त्याग देश की आज़ादी की नींव को मज़बूत करने वाला था।
काकोरी ट्रेन एक्शन का ऐतिहासिक महत्त्व
गौरतलब है कि 9 अगस्त 1925 को हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन के क्रांतिकारियों ने काकोरी (अब उत्तर प्रदेश) के निकट ब्रिटिश सरकार की ट्रेन को रोककर सरकारी खज़ाना लूटा था — उद्देश्य था स्वतंत्रता संग्राम के लिए धन जुटाना। इस घटना के बाद राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, राजेंद्र लाहिड़ी और रोशन सिंह को फाँसी दी गई थी। यह घटना भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सशस्त्र प्रतिरोध के सबसे प्रतीकात्मक अध्यायों में से एक मानी जाती है। प्रत्येक वर्ष 9 अगस्त को इस बलिदान को राष्ट्रीय स्तर पर स्मरण किया जाता है।