वेंकैया नायडू ने अमरावती को कानूनी दर्जा देने के लिए संसद में विधेयक पारित करने की अपील की
सारांश
Key Takeaways
- अमरावती को कानूनी दर्जा देने का प्रस्ताव
- वेंकैया नायडू की अमित शाह से अपील
- आंध्र प्रदेश विधानसभा का समर्थन
- केंद्र द्वारा सहायता का उल्लेख
- भविष्य में विकास के लिए ठोस कदम
अमरावती, 29 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती को कानूनी दर्जा प्रदान करने के लिए संसद के मौजूदा सत्र में विधेयक पारित करने का अनुरोध किया है।
रविवार को, वेंकैया नायडू ने अमित शाह के साथ उस प्रस्ताव पर चर्चा की जो राज्य विधानसभा द्वारा पारित किया गया है, जिसमें केंद्र से आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2014 में संशोधन करके राजधानी को कानूनी दर्जा देने का अनुरोध किया गया है।
नायडू ने उस समय का जिक्र किया जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमरावती की आधारशिला रखी थी, तब वे केंद्रीय शहरी विकास मंत्री थे।
पूर्व उपराष्ट्रपति ने राज्य की राजधानी के विकास के लिए केंद्र द्वारा प्रदान की गई सहायता का भी उल्लेख किया।
उन्होंने 2019 के बाद की घटनाओं और राज्य की राजधानी को हुए नुकसान का भी जिक्र किया। उन्होंने सुझाव दिया कि भविष्य में ऐसी स्थिति न बनी रहे, इसलिए अमरावती को आंध्र प्रदेश की राजधानी का कानूनी दर्जा देने वाला विधेयक मौजूदा संसद सत्र में पारित किया जाए।
खबरों के मुताबिक, अमित शाह ने इस सुझाव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने वेंकैया नायडू को बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने प्रारंभिक कार्य पूरा कर लिया है और केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलते ही इसे संसद में पेश किया जाएगा।
आंध्र प्रदेश विधानसभा ने शनिवार को एक विशेष सत्र आयोजित कर एक प्रस्ताव पारित किया, जिसमें केंद्र सरकार से अमरावती को राज्य की एकमात्र राजधानी घोषित और अधिसूचित करने का अनुरोध किया गया।
विधानसभा अध्यक्ष च. अय्यन्ना पात्रुडु ने इस प्रस्ताव को राज्यसभा के अध्यक्ष, लोकसभा अध्यक्ष, केंद्रीय गृह मंत्री, केंद्रीय गृह मंत्रालय के सचिव, और राज्य सरकार के मुख्य सचिव को अग्रेषित किया।