विक्की कौशल का जन्मदिन: इंजीनियर से 'छावा' तक, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता का शानदार सफर
सारांश
मुख्य बातें
हिंदी सिनेमा के राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता विक्की कौशल 16 मई 1988 को मुंबई के चेंबूर इलाके में एक साधारण पंजाबी परिवार में जन्मे। इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद अभिनय की दुनिया में कदम रखने वाले विक्की ने 'मसान' (2015) से लेकर 'छावा' (2025) तक एक दशक के भीतर हिंदी सिनेमा में खुद को अपरिहार्य साबित किया है। आज उनके जन्मदिन पर उनके इस असाधारण सफर पर एक नज़र।
इंजीनियरिंग से रंगमंच तक
विक्की के पिता शाम कौशल बॉलीवुड के जाने-माने एक्शन डायरेक्टर हैं। घर में सिनेमा का माहौल होने के बावजूद विक्की का शुरुआती झुकाव अभिनय की ओर नहीं था। उन्होंने रामनारायण रुइया कॉलेज से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। कॉलेज के दिनों में थिएटर से जुड़ाव ने उनके भीतर अभिनय की चिंगारी जलाई और धीरे-धीरे उन्होंने पेशेवर अभिनय को अपना लक्ष्य बना लिया।
यह ऐसे समय में आया जब हिंदी सिनेमा में 'स्टार किड' संस्कृति का बोलबाला था। एक एक्शन डायरेक्टर के बेटे के रूप में विक्की के पास कोई गॉडफादर नहीं था — उन्होंने अपना रास्ता खुद बनाया।
मसान से मिली पहचान
2015 में निर्देशक नीरज घायवान की फिल्म 'मसान' ने विक्की को बड़े पर्दे पर स्थापित किया। फिल्म में उनके किरदार 'दीपक' को व्यापक सराहना मिली और इस भूमिका के लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 'मसान' कान फिल्म महोत्सव में भी प्रदर्शित हुई, जिसने विक्की को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाई। गौरतलब है कि यह उनकी पहली ही प्रमुख फिल्म थी।
उरी और सुपरस्टार का दर्जा
2019 में 'उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक' ने विक्की को व्यावसायिक सिनेमा का बड़ा नाम बना दिया। फिल्म में उन्होंने मेजर विहान शेरगिल का किरदार निभाया — एक ऐसी भूमिका जिसने दर्शकों को सिनेमाघरों में खड़े होकर तालियाँ बजाने पर मजबूर किया। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता हासिल की और विक्की को दूसरा राष्ट्रीय पुरस्कार दिलाया। 'हाउ इज़ द जोश' जैसा संवाद राष्ट्रीय चेतना का हिस्सा बन गया।
सरदार उधम से छावा तक — विविधता की मिसाल
इसके बाद विक्की ने 'सरदार उधम' (2021) में क्रांतिकारी उधम सिंह की भूमिका में गहन अभिनय का परिचय दिया। शूजित सरकार निर्देशित इस फिल्म ने आलोचकों से भरपूर प्रशंसा बटोरी। 'सैम बहादुर' (2023) में उन्होंने फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ का किरदार जीवंत किया। हाल ही में प्रदर्शित 'छावा' में मराठा योद्धा छत्रपति संभाजी महाराज की भूमिका ने उनकी लोकप्रियता को नई ऊँचाई दी। इस प्रकार विक्की ने ऐतिहासिक, सामाजिक और एक्शन — तीनों शैलियों में अपनी पकड़ साबित की है।
निजी जीवन और परिवार
दिसंबर 2021 में विक्की ने अभिनेत्री कैटरीना कैफ से विवाह किया। दोनों की जोड़ी बॉलीवुड में चर्चित है। विक्की अपने छोटे भाई और अभिनेता सनी कौशल के साथ भी हमेशा खड़े रहे हैं। परिवार के प्रति उनका लगाव उनके साक्षात्कारों में बार-बार झलकता है।
आगे क्या
विक्की कौशल की आने वाली परियोजनाओं पर उद्योग और दर्शकों की नज़र बनी हुई है। 'छावा' की सफलता के बाद उनसे बड़े बजट की ऐतिहासिक और एक्शन फिल्मों में और अधिक उपस्थिति की उम्मीद की जा रही है। 37 वर्ष की उम्र में विक्की कौशल का सफर यह साबित करता है कि प्रतिभा और मेहनत के दम पर बिना किसी फिल्मी पृष्ठभूमि के भी हिंदी सिनेमा की शीर्ष पंक्ति में जगह बनाई जा सकती है।