क्या 'कॉमिक ट्रेजडी' से इंडस्ट्री का हिस्सा बनीं 'नीचा नगर' की 'रूपा'?
सारांश
Key Takeaways
- कामिनी कौशल का असली नाम उमा कश्यप है।
- उन्होंने नीचा नगर फिल्म से अपनी पहचान बनाई।
- उनकी यात्रा एक मजेदार कॉमिक ट्रेजडी से शुरू हुई।
- कामिनी ने कई प्रसिद्ध सितारों के साथ काम किया।
- उनका परिवार हमेशा खुले विचारों वाला रहा।
मुंबई, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। क्या आप 1946 में आई फिल्म नीचा नगर की रूपा को याद करते हैं? बिल्कुल! यह बात कामिनी कौशल की है, जिन्होंने अपने अद्भुत अभिनय से सिनेमा जगत में एक खास मुकाम हासिल किया।
कामिनी कौशल का सफर संयोग से शुरू हुआ, लेकिन उनकी मेहनत और सादगी ने उन्हें अमर बना दिया। उनका जन्म उमा कश्यप के नाम से हुआ था, और वह लाहौर के प्रसिद्ध वनस्पति वैज्ञानिक प्रोफेसर शिव राम कश्यप की सबसे छोटी संतान थीं। एक बौद्धिक परिवार में पली-बढ़ीं कामिनी का सिनेमा से जुड़ाव कभी नहीं था - यह एक मजेदार कॉमिक ट्रेजडी से शुरू हुआ, जिसने बाद में नीचा नगर जैसी क्लासिक फिल्म के साथ अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई।
उनकी कहानी बताती है कि कैसे परिवार की खुली सोच और संयोग ने उन्हें इस इंडस्ट्री का हिस्सा बनाया। कामिनी ने बताया कि उनके पिता ने घर में एक साफ नियम बनाया था - जो भी करना है, उसे करने दिया जाए और किसी नई चुनौती से मना नहीं करना चाहिए। कामिनी ने कभी भी अभिनय को करियर नहीं माना, बल्कि यह उनके लिए एक मजेदार संयोग था। उन्होंने कहा, "मेरे ख्याल में कभी नहीं आया था कि मैं फिल्मों में काम करूंगी।"
कामिनी ने कहा कि उनकी अभिनय यात्रा एक मजाक से शुरू हुई। जब वह केवल 7 साल की थीं, तब उनके भाई ने एक छोटी फिल्म बनाई, जिसका नाम था द ट्रेजडी। भाई ने ही कहानी, स्क्रिप्ट और निर्देशन किया और मजाक में कामिनी को मुख्य भूमिका दे दी। कामिनी ने कहा, "यह वास्तव में एक मजाक की तरह था।"
फिल्म निर्माता चेतन आनंद उनके भाई के खास दोस्त थे और एक दिन उन्होंने कामिनी से पूछा, "मैं एक फिल्म बना रहा हूँ, क्या तुम काम करोगी?" कामिनी ने तुरंत मना कर दिया, लेकिन उनके भाई ने हां कर दी।
कामिनी का फिल्मी सफर नीचा नगर से शुरू हुआ, जो चेतन आनंद द्वारा निर्देशित थी। यह फिल्म कान फिल्म फेस्टिवल में ग्रैंड प्रिक्स जीती। कामिनी ने कहा, "नीचा नगर मेरी पहली फिल्म नहीं थी, लेकिन यह मेरे करियर की असली शुरुआत थी।"
कामिनी ने कई यादगार फिल्में कीं, जैसे कि बिराज बहू। उन्हें फिल्मफेयर का सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला। वह दिलीप कुमार, राज कपूर और देव आनंद जैसे सितारों के साथ लीड रोल में काम कर चुकी हैं।
व्यक्तिगत जीवन में भी कामिनी ने मजबूती दिखाई। 1947 में उनकी बड़ी बहन की कार दुर्घटना में मौत हो गई। परिवार की इच्छा पर, उन्होंने 1948 में बी.एस. सूद से शादी की। यह शादी जिम्मेदारी की थी। उनकी सादगी और मजबूत किरदार ने उन्हें हिंदी सिनेमा की अमर शख्सियत बना दिया।