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जम्मू-कश्मीर की महिलाओं ने आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिखी, छोटे कारोबार से मिली पहचान

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जम्मू-कश्मीर की महिलाओं ने आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिखी, छोटे कारोबार से मिली पहचान

सारांश

जम्मू कश्मीर में महिलाओं ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आत्मनिर्भरता की नई कहानी साझा की। छोटे कारोबार के जरिए आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदमों को सराहा गया।

मुख्य बातें

महिलाओं की सशक्तीकरण का बढ़ता महत्व सरकारी योजनाओं का सकारात्मक प्रभाव छोटे कारोबारों के माध्यम से आत्मनिर्भरता समाज में बदलाव लाने की क्षमता महिलाओं द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना

जम्मू कश्मीर, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को जम्मू कश्मीर में बड़े उत्साह और सम्मान के साथ मनाया गया। इस अवसर पर, छोटे व्यवसायों के माध्यम से अपना जीवन यापन करने वाली सशक्त महिलाओं ने नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा चलाई गई योजनाओं के लिए आभार व्यक्त किया।

महिलाओं का कहना है कि उन्हें पहले ऐसे अवसर बहुत कम मिलते थे, लेकिन अब उन्हें अपने सपनों को साकार करने के लिए बेहतर मंच मिल रहा है। भारत में स्टार्टअप क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है। चाहे वह हस्तशिल्प, बसोहली पेंटिंग, बसोहली शॉल, खादी, जूट से संबंधित काम हो या अन्य उद्यम, सरकार इन सभी प्रयासों का स्वागत और प्रोत्साहन कर रही है।

महिला विकास निगम से जुड़ी प्रबोधिनी खुराना ने कहा, "आज की महिलाओं की स्थिति में काफी परिवर्तन आया है। महिलाएं अब खुद का व्यवसाय कर रही हैं और सरकारी पदों पर भी हैं। वर्तमान सरकार ने महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। आज महिलाएं घर से बाहर निकलकर अपने स्टार्टअप शुरू करने के लिए उत्साहित हैं। वे अपने घर और व्यवसाय दोनों को संभालने में सक्षम हैं।"

नाजमा, जो एक छोटे व्यवसाय की मालिक हैं, ने बताया, "महिलाओं का हर क्षेत्र में आगे बढ़ना अत्यंत आवश्यक है। चाहे काम बड़ा हो या छोटा, निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए। पहले जम्मू कश्मीर में यह संभव नहीं था। सरकार द्वारा महिलाओं के हित में उठाए गए कदमों के चलते अब लड़कियां बाहर पढ़ाई कर रही हैं और महिलाएं अपने परिवार के लिए आर्थिक योगदान दे रही हैं।"

महिला विकास निगम की सुषमा ने बताया कि पहले वे अपने पति के नाम से जानी जाती थीं, लेकिन अब जब से उन्होंने अपना व्यवसाय शुरू किया है, तब से लोग उन्हें उनके काम से पहचानते हैं। उन्होंने सभी महिलाओं से अपील की कि वे अपनी कला और हुनर को न मिटाएं और सरकार की मदद से अपनी पहचान बनाएं।

पश्मीना के शॉल और पेंटिंग में काम करने वाली मनीषा ने भी कहा कि सरकार ने उन्हें काफी सहायता प्रदान की है। सरकारी योजनाओं के कारण देश में महिला सशक्तीकरण की लहर तेज हुई है। उन्होंने बताया कि अब महिलाओं का काम केवल रसोई तक सीमित नहीं रह गया है, उन्हें देश की प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो यह दर्शाती है कि वे अपने छोटे व्यवसायों के माध्यम से कैसे समाज में बदलाव ला रही हैं। सरकार की योजनाएं महिलाओं को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जम्मू कश्मीर की महिलाओं ने कैसे आत्मनिर्भरता प्राप्त की?
जम्मू कश्मीर की महिलाओं ने छोटे कारोबारों के माध्यम से आत्मनिर्भरता प्राप्त की है, जिससे उन्हें अपने सपनों को साकार करने का अवसर मिला है।
क्या सरकार ने महिलाओं के लिए कोई योजनाएं बनाई हैं?
जी हां, सरकार ने महिलाओं के हित में कई योजनाएं बनाई हैं, जो उन्हें सशक्त बनाने और उनके व्यवसायों को बढ़ावा देने में मदद कर रही हैं।
इन महिलाओं ने किस प्रकार के कारोबार शुरू किए हैं?
महिलाओं ने हस्तशिल्प, पेंटिंग, शॉल निर्माण आदि जैसे विभिन्न प्रकार के कारोबार शुरू किए हैं।
महिलाओं की स्थिति में कैसे बदलाव आया है?
महिलाओं की स्थिति में काफी बदलाव आया है, वे अब अपने व्यवसायों के साथ-साथ सरकारी पदों पर भी सक्रिय हैं।
महिला सशक्तीकरण का क्या महत्व है?
महिला सशक्तीकरण का महत्व इस बात में है कि यह समाज में बदलाव लाता है और महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाता है।
राष्ट्र प्रेस
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