नागालैंड में 9-13 मार्च तक महिलाओं के लिए विशेष सुनवाई: घरेलू हिंसा, ट्रैफिकिंग और यौन उत्पीड़न के मामलों का त्वरित समाधान
सारांश
Key Takeaways
- महिला जन सुनवाई: महिलाओं की समस्याओं के समाधान के लिए विशेष सुनवाई।
- तारीख: 9 से 13 मार्च 2026।
- मुख्य उद्देश्य: घरेलू हिंसा और यौन उत्पीड़न के मामलों का त्वरित निवारण।
- सुलभ मंच: महिलाओं को अपनी शिकायतें साझा करने का अवसर।
- सुरक्षित वातावरण: महिलाओं के अधिकारों की रक्षा।
कोहिमा, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। नागालैंड स्टेट कमीशन फॉर विमेन (एनएससीडब्ल्यू) ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राज्य में महिलाओं की समस्याओं के लिए विशेष 'महिला जन सुनवाई' (पब्लिक हियरिंग) का आयोजन करने का निर्णय लिया है। एनएससीडब्ल्यू की अध्यक्ष डब्ल्यू. न्गिनयेह कोन्याक ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी कि यह कार्यक्रम 9 से 13 मार्च 2026 तक सभी जिलों में जिला स्तर पर आयोजित किया जाएगा।
यह पहल नेशनल कमीशन फॉर विमेन (एनएसडब्ल्यू), नई दिल्ली के सहयोग से की जा रही है। इसका उद्देश्य पूरे देश में महिलाओं की शिकायतों का त्वरित निवारण और न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करना है। कोन्याक ने बताया कि यह सप्ताह भर चलने वाला अभियान महिलाओं को एक सीधा, सुलभ और प्रभावी मंच प्रदान करेगा, जहां वे अपनी समस्याएं व्यक्त कर सकती हैं और संस्थागत सहायता प्राप्त कर सकती हैं।
मुख्य उद्देश्य घरेलू हिंसा, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न, मातृत्व लाभ, घर से निकालना, ट्रैफिकिंग, साइबर क्राइम, वैवाहिक अधिकार, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी मुद्दे, भावनात्मक शोषण, जेंडर आधारित भेदभाव और हिंसा, कल्याण योजनाओं से जुड़ी समस्याएं और महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों से संबंधित अन्य शिकायतें सुनना और उनका समाधान करना है।
'महिला जन सुनवाई' की विशेषता यह है कि इसमें तुरंत सुनवाई, गंभीर मामलों का रजिस्ट्रेशन, कानूनी सलाह, प्रक्रिया में सहायता और समयबद्ध फॉलो-अप सुनिश्चित किया जाएगा। एनएससीडब्ल्यू की अध्यक्ष और सदस्य, जिला प्रशासन अधिकारी, डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (डीएएलएसए), पुलिस अधिकारी, कानूनी विशेषज्ञ और प्रोटेक्शन ऑफिसर वाली विशेष बेंच उपस्थित रहेगी। वॉक-इन शिकायतें भी सुनी जाएंगी, जिससे ग्रामीण और दूर-दराज क्षेत्रों की महिलाओं को बिना देरी के मदद मिल सकेगी।
कोन्याक ने इस पहल को केवल दिखावे का जश्न नहीं, बल्कि असली न्याय और सशक्तिकरण की दिशा में ठोस कदम बताया। राज्य और राष्ट्रीय संस्थाओं के साझा प्रयास से महिलाओं के लिए एक सुरक्षित, सम्मानजनक और जिम्मेदार वातावरण बनाने का संकल्प लिया गया है। यह कार्यक्रम जिला मुख्यालयों के डीसी कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित होगा, ताकि पहुंच आसान हो।
एनएससीडब्ल्यू ने राज्य की सभी महिलाओं से अपील की है कि यदि वे अन्याय का सामना कर रही हैं तो बिना हिचकिचाहट के इस सुनवाई में भाग लें।